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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

रक्तदान महादान, भारत पैरा मेडिकल कालेज के छात्र-छात्राओं ने किया रक्तदान

ब्लड डोनेट करना पुरी तरह सुरक्षितः डा. बीएन दूबे

बरदह। आईएम की ओर से जौनपुर में गुरूवार को रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान आजमगढ़ के ठेकमा स्थित भारत पैरा मेडिकल कालेज के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रक्तदान कर लोगों से भी महादान करने का आह्वान किया।  
 कार्यक्रम की शुरूआत ब्लड बैंक के वरिष्ठ चिकित्सक डा. बीएन दूबे ने किया। इस दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं को ब्लड बैंक के कार्य करने के तरीकों के अलावा रक्तदान के फायदे के बारे में बताया। साथ उन्हें आरबीसी, प्लेटलेट, डब्लूबीसी सहित अन्य जानकारियां दी। कहा कि रक्तदान करने से रक्त पतला होता है, जिससे दिल की सेहत में सुधार होता है। कई रिसर्च में ये बात सामने आई है कि ब्लड डोनेट करने से कैंसर और दूसरी बीमारियों का जोखिम कम होता है। ब्लड डोनेट करने से बॉडी से टॉक्सिन बाहर निकल जाता हैं। इससे डोनर का बोन मैरो नए रेड सेल्स बनाता है। नए रेड सेल्स बनने से बॉडी हेल्दी रहती है। ब्लड डोनेट करना पूरी तरह सुरक्षित है। डोनर जितना ब्लड डोनेट करता है. मानव शरीर में 21 दिनों में फिर से खून बन जाता है। हालांकि 24 से 72 घंटे में खून बन जाता है। इस दौरान भारत पैरा मेडिकल कालेज ठेकमा के डीएमएलटी फाइनल के छात्र-छात्राओं में किशन प्रजापति, लक्की यादव, मनीष, नेहा विश्वकर्मा, दीपा, खुशहाली, मनीषा, साक्षी सहित लगभग 50 से ऊपर छात्र-छात्राओं ने रक्तदान किया। अंत में भारत पैरा मेडिकल के डायरेक्टर डा. एमएन प्रजापति ने कहा कि एक स्वस्थ व्यक्ति जिसकी उम्र 18 से 65 साल के बीच है वो रक्त दान कर सकता है। शरीर 24 घंटों में डोनेट किए गए ब्लड की पूर्ति कर लेता है। ब्लड डोनेट करने के 35 से 40 दिनों के बाद खून नए सिरे से बनने लगता है। उन्होंने कहा कि आगे भी हमारा कालेज इस तरह के आयोजन करता रहेगा।

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