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24 घंटे की तलाश के बाद 10 वर्षीय वैभव का शव पड़ोसी के बेसमेंट से बरामद, हत्या का आरोप

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पड़ोसी हिरासत में पूछताछ में हत्या की बात कबूल, कस्बे में शोक और आक्रोश गोरखपुर। खजनी कस्बे में सर्राफा कारोबारी के 10 वर्षीय पौत्र वैभव वर्मा की अपहरण के बाद हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। करीब 24 घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस ने पड़ोसी सर्वेश भट्ट को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी के बयान के आधार पर उसके घर के बेसमेंट से वैभव का शव बरामद किया गया। जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर स्कूल से घर लौटने के बाद वैभव साइकिल लेकर खेलने निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। कुछ देर बाद उसकी साइकिल और एक चप्पल खेत के पास मिली, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. कौस्तुभ के निर्देशन में पांच टीमें गठित की गईं। डॉग स्क्वॉयड, फॉरेंसिक टीम और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच आगे बढ़ाई गई। सीसीटीवी फुटेज में वैभव के पीछे पड़ोसी सर्वेश भट्ट जाता दिखाई दिया। इसी आधार पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार की और उसकी निशानदेही पर ...

सड़कों पर नहीं हैं गड्ढ़े का देना होगा प्रमाण-पत्र, यू-ट्यूब पर डालनी होगी जानकारी

प्रतिकात्मक फोटो
लखनऊ। शहरों की सड़कों को गड्ढामुक्त करने में फर्जीवाड़ा अब नहीं चलेगा। इसके लिए शासन ने निकाय अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी है। निकाय क्षेत्र में गड्ढामुक्त हो चुकी सड़कों को लेकर नगर आयुक्तों व अधिशासी अधिकारियों को अपने हस्ताक्षर से प्रमाण पत्र जारी कर इसे नगर विकास विभाग की वेबसाइट और यू ट्यूब पर अपलोड़ करना होगा। 

 बताते चलें कि सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के नाम पर खेल होने की शिकायतें शासन तक पहुंच रही थी। जांच हुई तो मिला कि अधिकारी बिना देखे कागजों में सड़कों के गड्ढामुक्त होने की रिपोर्ट शासन को भेज देते थे। लेकिन मौके पर सड़क की ‌‌स्थिति जस की तस रहती थी। पिछले दिनों सीएम की समीक्षा बैठक में भी इस मामले को उठाया गया, जिस पर सीएम ने ने गड्ढामुक्त की कार्यवाही को पारदर्शी बनाने के साथ ही अधिकारियों की भी जिम्मेदार तय कर दी है। इसके बाद से स्थानीय निकाय निदेशालय की ओर से सभी नगर निकायों को दिशा-निर्देश जारी कर दिया गया  है कि बारिश के बाद गड्ढामुक्त की जाने वाली नगर निकायों की सड़कों के संबंध प्रमाण पत्र जारी किया जाए। साथ ही सभी नगर आयुक्तों और अधिशासी अधिकारियों को गड्ढ़ामुक्त करने की कार्यवाही की सतत निगरानी करने के भी निर्देश दिए गए हैं ।

अभियान खत्म होने पर देना होगा प्रमाण-पत्र

नई व्यवस्था के मुताबिक बारिश समाप्त होने के तत्काल बाद शहरी क्षेत्र में स्थित सभी सड़कों को गड्ढामुक्त अभियान शुरू कर दिया जाएगा और अभियान समाप्त होने के बाद यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सड़कों पर एक भी गड्ढा नहीं हैं। अभियान खत्म होने के बाद आधिकारियों की कमेटी बनाकर कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा और साक्ष्य के रूप में विभाग के यूट्यूब लिंक पर इसको अपलोड किया जाएगा । साथ ही, सड़कों पर एक भी गड्ढा नहीं रह गया है, इस आशय प्रमाण पत्र भी ईमेल से शासन और स्थानीय निकाय निदेशालय को भेजना होगा। जिसपर खुद नगर आयुक्त और अधिशासी अधिकारी को हस्ताक्षर करना होगा ।

प्रमाण-पत्र में देना होगा पूरा ब्योरा

अधिकारियों द्वारा जारी किए जाने वाले प्रमाण पत्र में गड्ढामुक्त हो चुकी सड़कों से संबंधित पूरा ब्योरा भी देना होगा । इसके लिए स्थानीय निकाय निदेशालय द्वारा तैयार प्रारूप पर पूरी जानकारी भरनी होगी । प्रमाण पत्र में नगर आयुक्त या अधिशासी अधिकारी को बताना होगा कि उनके नगर निकाय में कुल कितनी रोड हैं और उनकी लंबाई क्या है। कितनी रोड्स का पैच वर्क कराया गया है। साथ ही यह भी घोषित करना होगा कि निर्धारित तिथि के बाद उनके नगर निकाय में कोई भी रोड गड्ढा मुक्त करने के लिए शेष नहीं बची हैं

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