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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

आजमगढ़ रोडवेज... प्रेशर हॉर्न के शोर से जनता त्रस्त

कानफोड़ू शोर वाले सरकारी बसों पर नहीं हो रही कार्रवाई

डाक्टर्स बोले-नुकसानदायक है यह हॉर्न

Video में देखिए और सुनिए रोडवेज बसों की हरकत 

आजमगढ़। शहर के रोडवेज के पास रहने वाले लोग बड़ी और छोटी गाड़ियों में लगे प्रेशर हॉर्न के कानफोड़ू शोर से बेहद परेशान और त्रस्त हैं। खास तौर पर मुख्य मार्ग के निवासी और दुकानदारों को प्रेशर हॉर्न का शोर नश्तर की तरह चुभने लगा है। लोगों की शिकायत है कि नियमों के खिलाफ होने के बावजूद सरकारी और प्राइवेट सरकारी बस प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल कर रहे हैं। बावजूद इसके प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।

 बताते चलें कि मोटरयान अधिनियम के अनुसार, वायु और ध्वनि प्रदूषण से संबंधित नियमों में निर्धारित मानक का उल्लंघन किए जाने की दशा में प्रथम अपराध पर 1000 और दूसरे अपराध पर 2000 रुपये दंड का प्राविधान है। पुलिस और परिवहन विभाग को प्रशमन शुल्क वसूलने का प्राविधान किया गया है। बावजूद इसके रोडवेज की बसों में प्रेशर हॉर्न का उपयोग किया जा रहा है। प्रशासन इस पर कार्रवाई करने की बजाय मूकदर्शक बना बैठा हुआ है। सरकार द्वारा शासकीय कार्यालयों, चिकित्सालयों, न्यायालय और विद्यालयों के पास साइलेंस जोन घोषित किया गया है। इन स्थानों पर प्रेशर हॉर्न का प्रयोग नहीं किया जा सकता। लेकिन नियम कानून को ताक पर रखकर रोडवेज के बसों के चालक प्रतिबंधित क्षेत्र में भी प्रेशर हॉर्न बजाकर शासन- प्रशासन को चुनौती देते रहते हैं।

रोडवेज के पास सुबह से लेकर रात तक प्रेशर हॉर्न की चुभती आवाज झेल रहे रोडवेजवासियों का मानना है कि पुलिस व परिवहन विभाग को प्रेशर हॉर्न लगे वाहनों की धरपकड़ कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करना चाहिए। लोगों को कहना है कि लेकिन वि‌डबंना यह है कि इन्हीं के विभाग के लोग जमकर नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। सरकारी बसों पर प्रेशर हार्न लगाकर देर रात तक रोडवेज के बाहर बसों को खड़ा कर लोगों की नींद खराब कर रहे हैं।

प्रेशर हॉर्न से क्या हैं नुकसान?

डॉक्टरों के मुताबिक प्रेशर हॉर्न लगातार लोगों की सुनने की क्षमता को कम कर रहा है। इसका सबसे ज्यादा नुकसान हृदय रोग और रक्तचाप की समस्या से जूझ रहे लोगों को होता है। इसके अलावा बच्चों और गर्भवती स्त्रियों को भी इससे दिक्कतें आती हैं।

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