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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

पवित्र ग्रंथ रामचरित मानस पर टिप्पणी निंदनीयः योगी रामानंद दास

साकेत पीठाधीश्वर योगी रामांनद का किया स्वागत

आजमगढ़। मध्य प्रदेश प्रांत के दिलेरी धाम से पधारे साकेत पीठाधीश्वर योगी रामानंद दास महाराज का नगर के बेलईसा में अनिल सिंह के आवास पर श्रद्धालुओं ने स्वागत किया गया। इस दौरान योगी रामांनद दास ने पवित्र ग्रंथ रामचरित मानस पर टिप्पणी की निंदा की। कहा कि सनातन धर्मावलंबियों के सबसे लोकप्रिय ग्रंथ श्री रामचरित मानस की कुछ पंक्तियों को विवादास्पद बताया जाना निंदनीय है। ऐसे चंद लोगों द्वारा यह समझने की कोशिश नहीं की गई है कि किस भाव, किस परिवेश, किस स्थान, किन कारणों से उक्त पंक्तियां उल्लेखित की गई है। उन्होंने कहा कि गोस्वामी जी ने श्रीरामचरित मानस में देव, मानव, दनुज, सज्जन, किन्नर, खल सबकी वंदना की है, ऐसे लोगों का ध्यान इन पंक्तियों की तरफ क्यों नही जाता। जिससे साफ है कि ऐसे लोग कुतर्क कर समाज में विद्वेष पैदा करने की कोशिश कर रहे है। उन्होंने से कहा कि ऐसे लोग की टिप्पणियों को नजरअंदाज करें और भगवत भक्ति में लीन होकर अपने जीवन को सफल बनाए। क्योंकि मानसिक क्लेश, अशांति से मुक्ति सनातन धर्म में बताए गए योग व भक्ति मार्ग से ही मिल सकती है। उन्होंने हठ योग की चर्चा करते हुए बताया कि सूर्य और चंद्र नाड़ी का मिलन ही हठ योग कहलाता है। जब सूर्य नाड़ी और चंद्र नाड़ी सक्रिय होती है तभी कुंडलिनी शक्ति जागृत होती है। पंतजलि योग सूत्र में भी समाधि के लिए योग कहा गया है। कहा कि र्निविकार अवस्था में ही ध्यान की झलक मानव को मिल सकती है। इस अवसर पर पंडित सुभाष चन्द्र तिवारी कुन्दन, साहित्यकार संजय कुमार पांडेय, ऋषिकेश राय, अनिल सिंह, आर पी राय,वशिष्ठ नारायण सिंह, महंत संजय पांडेय, शाश्वत राय, प्रज्जवल राय, नीरज राय, आदि मौजूद रहे।

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