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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

श्रद्धाभाव, विश्वास और भक्ति ही ईश्वर से जुड़ने का सरल मार्ग

बछवल के काशीपुर में श्रीमद्भागवत कथा का छठवां दिन 

मेंहनगर। ग्राम पंचायत बछवल के काशीपुर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन संगीतमयी का रसपान करने पंहुचे हजारों महिला, पुरुष भक्तों को दशंमस्कंध में भगवान श्री कृष्ण जन्म की कथा सुनी। इस दौरान लगे जयकारों से  पूरा यज्ञ स्थल गूंजता रहा। कथावाचक सुरेशानंद महाराज ने बताया कि जब-जब पृथ्वी पर आतताई और आशुरी प्रवृत्ति के लोगों का राज कायम होता है तो श्रद्धाभाव, विश्वास और भक्ति भावना से पुकारने पर ईश्वर भक्तों के रक्षार्थ ईश्वर मानव शरीर में पृथ्वी पर अवतरित होकर राक्षसों का संहार और भक्तों का उद्धार किया है। सतयुग में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम तो त्रेता युग में भगवान श्री कृष्ण के रूप में अवतरित होकर आतताई कंस और शिशुपाल जैसे राक्षसों को मारकर भक्तों को भयमुक्त होकर मर्यादित आचरण और भक्ति भाव से जीवन जीने का संदेश दिया। कथा वाचक महाराज जी ने देवकी, वासुदेव के विवाह, कंस को आकाशवाणी होने पर दोनों को बंदीगृह में डालने और कृष्ण जन्म और मथुरा, वृंदावन में रास रचाते हुए रुक्मिणी, सत्यभामा आदि से शादी और फिर द्वारिका पुरी बसाने की कथा सुनाई। संगीत मयी कथा में भक्त भावभिभोर होकर कथा का रसपान किया। इस दौरान आयोजक कृष्ण मुरारी पाण्डेय, अखिलेश पांडेय, माहेश्वरी कांत, ओमप्रकाश पाण्डेय, बृजबिहारी आदि उपस्थित रहे।

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