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हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Video: संविधान की प्रस्तावना को पदाधिकारियों और सदस्यों ने दोहराया, पालन का संकल्प

स्वतंत्र भारत के इतिहास में यह दिन बहुत ही महत्वपूर्णः समाजसेवी गोविंद





आजमगढ़।
संविधान दिवस पर उत्तर प्रदेश अभिभावक महासंघ के पदाधिक‌ारियों और सदस्यों ने संविधान के सिद्धांतों का पालन करने का शपथ लिया।
 सचिव गोविंद दूबे ने संविधान दिवस पर भारत का संविधान के प्रस्तावना को सभी उपस्थित पदाधिकारियों के साथ दोहराया। संविधान एवं नियम के अनुसार कार्य करने का संकल्प लिया।  मालूम हो कि 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा भारत के लोगों की ओर से संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित एवं आत्मार्पित किया गया था। समाजसेवी गोविंद दूबे ने कहा‌ कि लोगों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए, परंतु पहले अपने मूल कर्तव्यों का पालन करने के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए। कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में 26 नवंबर का दिन बहुत ही महत्वपूर्ण है। गुलामी की जंजीरों से आजाद भारत के संविधान सभा ने राष्ट्र के नये संविधान को अंगीकार किया। संविधान ही वह कड़ी है, जो हर भारतवासी को एक साथ पिरोती है। संविधान देश के हर नागरिक को एक समान अधिकार देता है। एक समान नियमों में बांधता भी है। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में 2 साल, 11 महीने और 18 दिन की लंबी मेहनत के बाद संविधान तैयार किया गया था। भारतीय संविधान देश के सभी नागरिकों को हर क्षेत्र में समानता का अधिकार देता है। 26 नवंबर, 1949 को भारत का संविधान तैयार हुआ था और 26 जनवरी, 1950 को इसे लागू किया गया था। इस अवसर पर अजय राय, शक्ति श्रीवास्तव, अंबरीष पांडेय, भानु सिंह, अरुण  आदि मौजूद रहे।

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