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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Video: संविधान की प्रस्तावना को पदाधिकारियों और सदस्यों ने दोहराया, पालन का संकल्प

स्वतंत्र भारत के इतिहास में यह दिन बहुत ही महत्वपूर्णः समाजसेवी गोविंद





आजमगढ़।
संविधान दिवस पर उत्तर प्रदेश अभिभावक महासंघ के पदाधिक‌ारियों और सदस्यों ने संविधान के सिद्धांतों का पालन करने का शपथ लिया।
 सचिव गोविंद दूबे ने संविधान दिवस पर भारत का संविधान के प्रस्तावना को सभी उपस्थित पदाधिकारियों के साथ दोहराया। संविधान एवं नियम के अनुसार कार्य करने का संकल्प लिया।  मालूम हो कि 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा भारत के लोगों की ओर से संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित एवं आत्मार्पित किया गया था। समाजसेवी गोविंद दूबे ने कहा‌ कि लोगों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए, परंतु पहले अपने मूल कर्तव्यों का पालन करने के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए। कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में 26 नवंबर का दिन बहुत ही महत्वपूर्ण है। गुलामी की जंजीरों से आजाद भारत के संविधान सभा ने राष्ट्र के नये संविधान को अंगीकार किया। संविधान ही वह कड़ी है, जो हर भारतवासी को एक साथ पिरोती है। संविधान देश के हर नागरिक को एक समान अधिकार देता है। एक समान नियमों में बांधता भी है। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में 2 साल, 11 महीने और 18 दिन की लंबी मेहनत के बाद संविधान तैयार किया गया था। भारतीय संविधान देश के सभी नागरिकों को हर क्षेत्र में समानता का अधिकार देता है। 26 नवंबर, 1949 को भारत का संविधान तैयार हुआ था और 26 जनवरी, 1950 को इसे लागू किया गया था। इस अवसर पर अजय राय, शक्ति श्रीवास्तव, अंबरीष पांडेय, भानु सिंह, अरुण  आदि मौजूद रहे।

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