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खास खबर

घूस लेते लेखपाल का वीडियो वायरल

कैंसर पीड़ित से 50 हजार वसूलने का आरोप आजमगढ़। मार्टीनगंज तहसील में तैनात एक लेखपाल का घूस लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामले में पीड़ित ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि यह मामला क्षेत्र के दुबरा गांव का है। गांव निवासी कैंसर पीड़ित सदरुद्दीन ने आरोप लगाया है कि जमीन का पट्टा दिलाने के नाम पर लेखपाल ने उससे कई किस्तों में करीब 50 हजार रुपये वसूल लिए, लेकिन अब तक पट्टा नहीं किया गया। हाल ही में लेखपाल द्वारा घूस लेते हुए एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पीड़ित सदरुद्दीन ने बुधवार को जिलाधिकारी से मिलकर मामले की शिकायत की और न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने आरोप लगाया कि बीमारी की हालत में भी उनसे पैसे लिए गए, लेकिन काम नहीं किया गया। गौरतलब है कि इससे पहले भी इसी तहसील में तैनात कानूनगो जयप्रकाश को एंटी करप्शन टीम ने पांच हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था, जिससे तहसील में भ्रष्टाचार के आरोपों को और बल मिल रहा है। इस संबंध में एसडीएम दिव्या सिकरवार ने बताया कि मामल...

विधायक रमाकांत समेत दो अन्य को अदालत ने किया बरी

2004 में सपा समर्थक ने दर्ज कराया था मुकदमा

आजमगढ़। मारपीट व जाति सूचक अपशब्दों का इस्तेमाल किए जाने के आरोप में फूलपुर- पवई के विधायक रमाकांत यादव समेत दो अन्य को अदालत ने बाइज्जत बरी कर दिया। यह आदेश सोमवार को एमपी एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ओमप्रकाश वर्मा की अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद दिया है।
इस मामले में 26 अप्रैल 2004 को इस मुकदमें के वादी व सपा समर्थक पार्टी एजेंट फौजदार पासवान ने सरायमीर थाने में फूलपुर-पवई के विधायक रमाकांत यादव, जिला मऊ के मधुबन निवासी लालबहादुर सिंह व बरदह थाना के केदलीपुर गांव निवासी धनश्यान यादव के विरूद्घ मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमें में आरोप है कि घटना के दिन आरोपियों ने इस मुकदमें के वादी को जातिसूचक अपशब्दों का प्रयोग करते हुए मारापीटा। इस मामले में पुलिस ने विधायक समेत दो अन्य आरोपी के विरूद्घ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। मुकदमें में गवाही की कार्रवाई पूरी होने और अभियोजन और बचाव पक्ष के तर्को को सुनने के बाद अदालत ने विधायक समेत दो अन्य को बाइज्जत बरी कर दिया। इस मामले में बचाव पक्ष की तरफ से दीवानी न्यायालय के ‌वरिष्ठ अधिवक्ता आद्याशंकर दूबे ने पैरवी की थी।

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