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खास खबर

सागर पैलेस में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत

आधुनिक सुविधा से सुसज्जित मैरिज हॉल से क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर ठेकमा। क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण उस समय आया जब आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ‘सागर पैलेस’ मैरिज हॉल में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत की गई। मैरिज हॉल के संस्थापक राम प्यारे राय ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। क्षेत्र में पहले विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए समुचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता था। ऐसे में सागर पैलेस के शुरू होने से अब क्षेत्रवासियों को एक सुसज्जित और व्यवस्थित स्थान मिल गया है, जहां विवाह, मांगलिक कार्यक्रम और सामाजिक आयोजन आसानी से आयोजित किए जा सकेंगे। सागर पैलेस के संचालन से क्षेत्र में रोजगार सृजन की दिशा में भी एक अहम पहल हुई है, जिससे स्थानीय लोगों को काम के अवसर मिलेंगे। ज्ञात हो कि 22 जुलाई 2024 को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की शुरुआत की गई थी। निरंतर प्रयासों के बाद निर्माण कार्य पूरा हुआ और 11 फरवरी 2026 को गृह प्रवेश के साथ इसे औपचारिक रूप ...

विधायक रमाकांत समेत दो अन्य को अदालत ने किया बरी

2004 में सपा समर्थक ने दर्ज कराया था मुकदमा

आजमगढ़। मारपीट व जाति सूचक अपशब्दों का इस्तेमाल किए जाने के आरोप में फूलपुर- पवई के विधायक रमाकांत यादव समेत दो अन्य को अदालत ने बाइज्जत बरी कर दिया। यह आदेश सोमवार को एमपी एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ओमप्रकाश वर्मा की अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद दिया है।
इस मामले में 26 अप्रैल 2004 को इस मुकदमें के वादी व सपा समर्थक पार्टी एजेंट फौजदार पासवान ने सरायमीर थाने में फूलपुर-पवई के विधायक रमाकांत यादव, जिला मऊ के मधुबन निवासी लालबहादुर सिंह व बरदह थाना के केदलीपुर गांव निवासी धनश्यान यादव के विरूद्घ मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमें में आरोप है कि घटना के दिन आरोपियों ने इस मुकदमें के वादी को जातिसूचक अपशब्दों का प्रयोग करते हुए मारापीटा। इस मामले में पुलिस ने विधायक समेत दो अन्य आरोपी के विरूद्घ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। मुकदमें में गवाही की कार्रवाई पूरी होने और अभियोजन और बचाव पक्ष के तर्को को सुनने के बाद अदालत ने विधायक समेत दो अन्य को बाइज्जत बरी कर दिया। इस मामले में बचाव पक्ष की तरफ से दीवानी न्यायालय के ‌वरिष्ठ अधिवक्ता आद्याशंकर दूबे ने पैरवी की थी।

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