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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

विधायक रमाकांत समेत दो अन्य को अदालत ने किया बरी

2004 में सपा समर्थक ने दर्ज कराया था मुकदमा

आजमगढ़। मारपीट व जाति सूचक अपशब्दों का इस्तेमाल किए जाने के आरोप में फूलपुर- पवई के विधायक रमाकांत यादव समेत दो अन्य को अदालत ने बाइज्जत बरी कर दिया। यह आदेश सोमवार को एमपी एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ओमप्रकाश वर्मा की अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद दिया है।
इस मामले में 26 अप्रैल 2004 को इस मुकदमें के वादी व सपा समर्थक पार्टी एजेंट फौजदार पासवान ने सरायमीर थाने में फूलपुर-पवई के विधायक रमाकांत यादव, जिला मऊ के मधुबन निवासी लालबहादुर सिंह व बरदह थाना के केदलीपुर गांव निवासी धनश्यान यादव के विरूद्घ मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमें में आरोप है कि घटना के दिन आरोपियों ने इस मुकदमें के वादी को जातिसूचक अपशब्दों का प्रयोग करते हुए मारापीटा। इस मामले में पुलिस ने विधायक समेत दो अन्य आरोपी के विरूद्घ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। मुकदमें में गवाही की कार्रवाई पूरी होने और अभियोजन और बचाव पक्ष के तर्को को सुनने के बाद अदालत ने विधायक समेत दो अन्य को बाइज्जत बरी कर दिया। इस मामले में बचाव पक्ष की तरफ से दीवानी न्यायालय के ‌वरिष्ठ अधिवक्ता आद्याशंकर दूबे ने पैरवी की थी।

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