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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

21 दिन की बच्ची के पेट से निकले आठ अविकसित भ्रूण, डाक्टर सहित परिजनों के उड़े होश

नवजात में अविकसित भ्रूण

झारखंड। राजधानी रांची के रानी चिल्ड्रेन अस्पताल में रामगढ़ जिले के एक दंपत्ती की 21 दिन की बेटी के पेट से डाक्टरों ने आठ अविकसित भ्रूण निकाला। जिसके बाद डाक्टर से लेकर परिजन के होश उड़ गए।

जानकारी के अनुसार  झारखंड के रामगढ़ जिले के एक दंपत्ती की 21 दिन की बेटी के पेट से आठ अविकसित भ्रूण निकाला गया। बच्ची के पेट में दर्द होने के बाद उसे आयुष्मान योजना के तहत राजधानी रांची के रानी चिल्ड्रेन अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डाक्टरों ने पेट में ट्यूमर होने की बात कही। इसके बाद बच्ची के ट्यूमर से जब आठ अविकसित भ्रूण निकले तो सभी के होश उड़ गए।

 अस्पताल के निदेशक डा राजेश ने बताया कि अभी तक दुनिया में 10 से भी कम ऐसे मामले सुनने को मिले हैं। यह अपने आप में एक अलग तरह की बीमारी है जिसे फिटस इन फेटु कहा जाता है। इस तरह की बीमारी होने के कोई ठोस कारण का पता नहीं चल पाया है। मालूम हो कि बच्ची का जन्म 10 अक्टूबर को हुआ था। सीटी स्कैन के बाद डाक्टरों को लगा कि उसके पेट में ट्यूमर है। इलाज के लिए बच्ची को रांची स्थित रानी अस्पताल में भर्ती कराया गया। आयुष्मान भारत योजना के तहत उसका आपरेशन किया गया। इस दौरान नवजात के पेट से आठ भ्रूण निकाला गया। नवजात के पेट से जिस तरह से आठ अविकसित भ्रूण निकला है उसके बाद यह शोध का विषय बन चुका है। डाक्टरों ने बताया कि अभी तक दुनिया में इस पर शोध के कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आए हैं। मेडिकल साइंस में भी इस बीमारी का जिक्र जरूर है लेकिन इसके कारणों पर कोई पुख्ता जानकारी नहीं दी गई है। यह कई कारणों से हो सकता है, बच्चा जब भ्रूण बनता है उस वक्त भी कुछ गड़बड़ियों की वजह से इस तरह की परेशानी हो सकती है। पीडियाट्रिक सर्जन डा. इमरान ने कहा कि ट्यूमर की शिकायत लेकर नवजात के परिजन रानी अस्पताल आए थे। नवजात को अपनी निगरानी में रखकर 21 दिन बाद आपरेशन किया गया। उन्होंने कहा कि आगे हमलोग इस पर शोध करेंगे। इस सर्जरी में करीब पांच घंटे का समय लगा। सर्जरी में तीन डाक्टरों की टीम शामिल थी, इसमें डा मो इमरान, डा विकास गुप्ता और डा उदय थे। यह सर्जरी मेडिकल छात्र-छात्राओं के लिए भी एक पढ़ाई का हिस्सा है। फिलहाल बच्चे की सेहत में सुधार है और उसके माता-पिता काफी खुश हैं।

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