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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Video: बालि वध होते ही लगे श्रीराम के जयकारे

बरदह। ओम श्रीरामलीला एवं पूजन उत्सव बरदह की ओर से आयोजित श्रीरामलीला में कलाकारों ने बालि वध का मंचन किया। बालि वध होते ही भगवान श्रीराम के जयकारों से  पूरा क्षेत्र गूंज उठा।

 मंचन में कलाकारों द्वारा दर्शाया गया कि श्री राम जी माता सीता की खोज में ऋृषिमुख पर्वत पर पहुंच जाते जहां पर अपने भाई द्वारा सताया वानरों के राजा सुग्रीव के साथ श्री राम जी और लखन जी भेंट श्री हनुमान जी करवाते है, और श्री राम जी यह आश्वासन देते है कि वह उन्हें अनेक बड़े भाई बाली के भय से निजात दालाएंगे। जब सुग्रीव और जामवंत जी ने श्री राम जी को बताया कि बाली ने अपने तप से ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्त किया था कि जो कोई भी उसके साथ युद्ध करने के लिए आयेगा तो उसका आधा बल बाली में समा जाएगा, और उन्होंने बताया कि जब बाली अपने बान से तीर छोड़ते थे तो ताड़ के सात वृक्ष एक साथ टूट जाते थे। तब श्री राम जी के बल कौशल को देखने के लिए जामवंत और सुग्रीव ने श्री राम जी से आग्रह किया और उन्होंने अपने बाण से ताड़ के सात वृक्षों को भेद दिया। जिसके चलते उन्हें यह यकीन हो गया कि श्री राम जी बाली का वध कर देंगे। जिसके चलते सुग्रीव द्वारा बाली को युद्ध के लिए ललकारता है, और बाली सुग्रीव युद्ध शुरु होता है और श्री राम जी चुप कर बाली को तीर मारते है और उसकी छाती को भेद देते है। कुछ दिनो के बाद माता सीता जी की खोज में सुग्रीव जी श्री हनुमान जी, अंगद, और जामवंत के साथ सेना को दक्षिण दीक्षा में भेजते है। अंत में अध्यक्ष ने सभी का आभार प्रकट किया।

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