सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

माता-पिता के वचनों का पालन करने वाला भाग्यशाली:बालयोगी



वेदान्ता इंटरनेशनल स्कूल के संरक्षक ब्रम्हदेव सिंह नाम महाराज का किया स्वागत

आजमगढ़। अंतर्राष्ट्रीय संत बालयोगी संजय महाराज का गुरुवार को वेदान्ता इंटरनेशनल स्कूल में संस्था के संरक्षक ब्रम्हदेव सिंह ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस दौरान अर्चना श्रीवास्तव तथा उजाला गुप्ता ने बच्चों के साथ आरती उतारी व तिलक लगाया। 



बताते चलें कि भंवरनाथ मंदिर पर चल रहे श्री रुद्र चण्डी महायज्ञ के दौरान वेदान्ता इंटरनेशनल स्कूल पर पधारे बालयोगी संजय जी महाराज का परेड व फूल मालाओं के साथ स्वागत किया गया। इस दौरान महाराज ने शिक्षा के  साथ ही संस्कार पर ज़ोर देते हुवे कहा कि वो पुत्र सबसे बड़ा भाग्यशाली होता है जो अपने माता पिता के वचनों का पालन करता हैं। इसको आगे बताते हुए उन्होंने कहाकि हम खुद जब भी कही बाहर जाते हैं तो अपनी माता का सात बार परिक्रमा करके ही जाते हैं। महाराज जी ने कहाकि चन्दन, अबीर, तिलक लगाने का उतना फायदा नहीं हैं जितना हम अपने माता पिता के चरणों की धूल अपने मस्तक पर लगाकर पाते हैं। उन्होंने कहाकि माता के दूध जैसा कोई मिठाई नहीं और जिसके पास माँ नही है उससे बड़ा कोई अभागा नहीं। अपने सम्बोधन में उन्होंने शिक्षकों को उनके महत्व और उनके कार्य की महत्ता को बताते हुवे कहाकि किसी भी राष्ट्र के विकास में आपके ब्यक्तित्व और कृतित्व का बहुत ही योगदान होता है, आप (गुरु) जैसा पूज्य कोई दूसरा नहीं। इसी क्रम में उन्होंने धन के लोभ के बारे में कहाकि निर्धन कहे धनवान सुखी, धनवान कहे सुख राजा को भारी, राजा कहे महराज सूखी, महराज कहे सुख इन्द्र को भारी, इन्द्र कहे सुख सन्तन को, संत कहे संतोष सुखी अर्थात सुख किसी को भी नहीं है जिसको संतोष हैं केवल वही सुखी हैं। इस अवसर पर अर्चना सिंह व शोभा सिंह ने महराज जी को अंगवस्त्रम व पुष्प भेंटकर आशीर्वाद प्राप्त किया। माल्यार्पण करने वालों में शिव गोविंद सिंह, सिद्दार्थ सिंह, बृजेन्द्र पाण्डे, रूपेश सिंह, ओमप्रकाश यादव, मामा, प्रभाकर सिंह, चन्दन राय, सुनील त्रिपाठी, अजय श्रीवास्तव आदि रहे।

सर्वाधिक पढ़ीं गईं