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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

नगरीय निकाय चुनाव के लिए वार्डों के आरक्षण का फार्मूला तय, शासनादेश जारी

लखनऊ। प्रदेश सरकार ने इस वर्ष दिसंबर में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव के लिए वार्डों के आरक्षण का फार्मूला तय कर दिया है। नए व सीमा विस्तार वाले वार्डों में यदि 50 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या बढ़ गई है तो इन्हें नया मानते हुए आरक्षण तय किया जाएगा। आबादी के आधार पर इन्हें पहले अनुसूचित जनजाति महिला के लिए आरक्षित किया जाएगा। पुराने वार्डों का आरक्षण चक्रानुक्रम व्यवस्था के आधार पर ही होगा। नगरीय न‍िकाय चुनाव में नया आरक्षण होगा लागूनगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने वार्डों के आरक्षण को लेकर शासनादेश जारी कर दिया है।जिलाधिकारियों को भेजे आदेश में कहा गया है कि वार्डों का आरक्षण करते हुए इसकी जानकारी तीन सेटों के साथ साफ्ट कापी में भी चार नवंबर तक नगर विकास विभाग के अनुभाग एक में अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाए।आरक्षण फार्मूले के तहत पहले अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए वार्ड आरक्षित किए जाएंगे।इसके बाद इसी वर्ग के पुरुषों के लिए श्रेणीवार वार्ड आरक्षित होंगे। इसके बाद वार्डों को अनारक्षित रखा जाएगा। पुराने निकायों में चक्रानुक्रम के आधार पर वार्डों का आरक्षण किया जाएगा।

प्रदेश में 2017 के बाद बनाए गए कुछ नए निकाय

शासनादेश में यह भी कहा गया है कि नगरीय निकाय निर्वाचन वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में कुछ नए निकाय बनाए गए हैं और कुछ का सीमा विस्तार भी किया गया है। इनमें वार्डों का परिसीमन वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर करने का निर्देश पहले ही दिया जाप चुका है। परिसीमन के दौरान कुछ पुराने वार्डों के भाग मिलाए गए होंगे। इसलिए इनके आरक्षण के दौरान इसका ध्यान रखा जाए।


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