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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

बच्चे के पेट में घुसी सात फिट की सरिया, चिकित्सकोें ने बचाई जिंदगी

आजमगढ़। कहते हैं कि जिसे ऊपर वाला बचाये उसे कोई मार नहीं नहीं सकता। कुछ ऐसा ही मऊ जिले के रानीपुर निवासी श्याम कुमार के पांच वर्षीय बेटे प्रांजल के साथ हुआ है। प्रांजल छत पर खेलते समय नीचे गिरा तो बगल के घर में बीम के लिए छोड़ी गई सरिया में धंस गया। करीब सात फीट लंबी सरिया उसके पेट के आरपार हो गई। बेहोश होने के कारण वह सरिया में फंस कर वह काफी देर तक झूलता रहा। वहां से गुुजर रही एक पड़ोसी महिला की नजर पड़ी तो उसने शोर मचाया। परिजनों के साथ लोग मौके पर पहुंचे तो गैस कटर से सरिया काट बच्चे को बीएचयू ले गए। वहां चिकित्सकों ने एडवांस वेसेल सीलर मशीन से आपरेशन कर बच्चे की जिंदगी बचा ली। बताते हैं कि रानीपुर निवासी श्याम कुमार का पांच वर्षीय पुत्र प्रांजल छत पर खेल रहा था। खेलते हुए वह कब छत से गिर गया किसी को पता नहीं चला। प्रांजल छत से गिरा तो पड़ोस में बनी बीम में फंस गया। बीम की सात फीट लंबी सरिया उसके पेट के आरपार हो गई। वह बेहोशी की हालत में सरिया पर झूलता रहा। वहां से गुजर रही एक महिला की नजर पड़ी तो उसने शोर मचाकर पास पड़ोस के लोगों को बुला लिया। इसके बाद परिवार के लोग गैस कटर की मदद से सरिया काटकर उसे नीचे उतारे। फिर सरिया को छोटा किया गया। इसके बाद लोग बच्चे को लेकर बीएचयू के ट्रामा सेंटर पहुंचे। यहां प्रो. सौरभ सिंह के निर्देश पर रेड एरिया में तत्काल उपचार शुरू किया गया। साथ ही बाल शल्य विभाग के अध्यक्ष डा. वैभव पांडेय को सूचना दी गई। चिकित्सकों व अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ की तत्परता से बच्चे को मात्र एक घंटे में ही करीब साढ़े 10 बजे ओटी में शिफ्ट किया गया। बच्चा बेहोश था और उसकी पल्स व बीपी ठीक नहीं थी। स्थिति में सुधार आने पर लगातार दो घंटे तक आपरेशन किया गया।डा. वैभव पांडेय ने बताया कि यहां की ओटी में उपलब्ध एडवांस वेसेल सीलर मशीन बच्चे की जान बचाने में काफी मददगार हुई। कारण कि इस मशीन से कम समय में बिना अधिक खून बहाव के ही बेहतर आपरेशन संभव हुआ। आपरेशन के लिए दवाएं, उपकरण या अन्य सामग्री व पैसा जमा कराने के झंझट व भाग दौड़ नहीं करनी पड़ी। इस आपरेशन में डा. सुनील, डा. रजत, डा. सेठ, डा. मंजरी मिश्रा, डा. आमीर, डा. अनुईया आदि शामिल थी।

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