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खास खबर

24 घंटे की तलाश के बाद 10 वर्षीय वैभव का शव पड़ोसी के बेसमेंट से बरामद, हत्या का आरोप

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पड़ोसी हिरासत में पूछताछ में हत्या की बात कबूल, कस्बे में शोक और आक्रोश गोरखपुर। खजनी कस्बे में सर्राफा कारोबारी के 10 वर्षीय पौत्र वैभव वर्मा की अपहरण के बाद हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। करीब 24 घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस ने पड़ोसी सर्वेश भट्ट को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी के बयान के आधार पर उसके घर के बेसमेंट से वैभव का शव बरामद किया गया। जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर स्कूल से घर लौटने के बाद वैभव साइकिल लेकर खेलने निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। कुछ देर बाद उसकी साइकिल और एक चप्पल खेत के पास मिली, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. कौस्तुभ के निर्देशन में पांच टीमें गठित की गईं। डॉग स्क्वॉयड, फॉरेंसिक टीम और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच आगे बढ़ाई गई। सीसीटीवी फुटेज में वैभव के पीछे पड़ोसी सर्वेश भट्ट जाता दिखाई दिया। इसी आधार पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार की और उसकी निशानदेही पर ...

मानसिक स्वास्थ्य मनुष्य की मूलभूत आवश्यकताओं में से एक

नेहरू हाल में आयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम

आजमगढ़। जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा दस अक्टूबर से ही विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है, जो 16 अक्टूबर तक चलेगा। इसी क्रम में शुक्रवार को नेहरू हाल में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान सीएमओ डॉ. इंद्र नारायण तिवारी ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य मनुष्य की मूलभूत आवश्यकताओं में से एक है। इसलिए परामर्श व इलाज बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि बहुत सी अवधारणाएं ऐसी हैं, जिसमें कुछ मानसिक मरीज चिकित्सक के पास जाता है, कुछ में स्वयं को वह सामान्य मानता है। जबकि उसे परामर्श एवं इलाज की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि मरीजों को पूरी सतर्कता बरतनी पड़ती है। डॉ. तिवारी ने कहा कि कुछ मानसिक रोग ऐसे भी होते हैं, जिसे मरीज का परिवार नहीं मानता है तथा कुछ में समाज के लोग उसे मानसिक रोगी नहीं स्वीकार करते हैं, लेकिन ऐसे मरीजों को काउंसिल एवं दवा की जरूरत होती है। सीएमओ ने कहा कि मानसिक रोगियों के विभिन्न लक्षण पाए जाते हैं, जिसमें निराश या दुखी महसूस करना, अक्सर रोना, मिलने-जुलने में आनंद नहीं आना, थकान महसूस करना, आत्महत्या के विचार आना, नींद ठीक तरह से नहीं आना, मन नहीं लगना, प्रायः दर्द, थकान, सर दर्द महसूस करना आदि हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मरीजों को तत्काल पारिवारिक चिकित्सक, जिला मानसिक स्वास्थ्य प्रकोष्ठ से संपर्क करें। यदि संकटकालीन हो तो एंबुलेंस बुलायें या निकट के चिकित्सालय को ले जाएं। इस अवसर पर उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय, डॉ. नितिन यादव मनोवैज्ञानिक चिकित्सक, दिलीप मौर्य आदि उपस्थित रहे।

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