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खास खबर

जय कृष्ण राय ने 93.2% अंक हासिल कर किया टॉप

केंद्रीय पब्लिक एकेडमी का शानदार प्रदर्शन CBSE 10वीं परीक्षा 2026 में छात्रों का उत्कृष्ट परिणाम कई विद्यार्थियों ने 90% से अधिक अंक किए हासिल आजमगढ़। रानी की सराय के सैय्यद्वारा ​स्थित केंद्रीय पब्लिक एकेडमी (पीजी कॉलेज के निकट) के विद्यार्थियों ने CBSE बोर्ड कक्षा 10 की परीक्षा 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए विद्यालय ही नहीं बल्कि पूरे जनपद का नाम गौरवान्वित किया है। इस वर्ष विद्यालय का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा, जिसमें अधिकांश विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी से सफलता प्राप्त की। कई छात्रों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। विद्यालय द्वारा जारी परिणाम के अनुसार मेधावी छात्र जय कृष्ण राय ने 93.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम स्थान हासिल किया। उनकी इस सफलता पर विद्यालय परिवार में खुशी का माहौल है। वहीं श्रेया गुप्ता ने 92.8 प्रतिशत अंक के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया। समृद्धि पाण्डेय (92.6%), हर्षिता यादव (92%) एवं श्रेया यादव (91.6%) ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थानों में अपनी जगह बनाई। प्रधानाचार्य डॉ. काजी सिद्...

पुरानी कोतवाली की श्रीरामलीला में लंका दहन का मंचन..............

लंका दहन होते ही जय श्रीराम के लगे जयकारे



आजमगढ़। श्रीरामलीला समिति पुरानी कोतवाली के तत्वावधान में चल रही श्री रामलीला में सोमवार की रात कलाकारों ने लंका दहन और रामेश्वर स्थापना का मंचन किया। लंका दहन होते ही पूरा पंडाल श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
 श्रीरामलीला में मंचन के क्रम में कलाकारों ने लंका दहन में दर्शाया कि माता सीता का पता लगाने हनुमान जी सागर लांघ कर लंका पहुंचते हैं। वहां पहुंचने पर हनुमान जी को जोरों की भूख लगती है और वे लंका में एक वाटिका में पहुंच फल खाते हैं और पेड़ों को तहस-नहस कर देते हैं। इसकी सूचना मेघनाथ को जब मिलती है तो वह हनुमान जी को पकडऩे वहां पहुंचता है। दोनों के बीच युद्ध होता है। बाद में मेघनाथ हनुमान जी को बंदी बनाकर रावण के दरबार में ले जाते हैं। जहां रावण हनुमान जी की पूंछ में आग लगाने का आदेश दिया जाता है और हनुमान जी की पूंछ में आग लगते ही वे हवा में उड़ जाते हैं और लंका को आग के हवाले कर देते हैं। कलाकारों द्वारा लंका दहन के जीवंत मंचन ने लोगों का मनमोह लिया। इसके बाद कलाकारों ने रामेश्वर स्थापना का मंचन किया जाता है। जिसमें भगवान राम द्वारा समुद्र देव को मनाया जाता है। पुल निर्माण के पूर्व भगवान राम द्वारा भगवान शिव की स्थापना समुद्र कि नारे लगाए जाते हैं, जो कि भारत का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल रामेश्वरम के नाम से जाना जाता है। पुल निर्माण पूर्ण होने पर भगवान राम की वानर सेना लंका पहुंचती है। इस दौरान लगे श्रीराम के जयकारों से पूरा पंडाल गूंज उठा।  संयोजक विभाष सिन्हा ने बताया कि बुधवार की रात को कलाकारों द्वारा अंगद-रावण संवाद, लक्ष्मण शक्ति का मंचन किया जाएगा।

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