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हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Video: चार दिनों से लगातार बढ़ रही सरयू, 60 गांव पानी से घिरे

सांसद निरहुआ बोले अलर्ट मोड में प्रशासन

आजमगढ़। सगड़ी तहसील के उत्तरी हिस्से में बहने वाली सरयू नदी का जलस्तर चार दिनों से लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार को बैराज से पानी छोड़ने की सूचना तो नहीं है, लेकिन जलस्तर में 24 सेटीमीटर की वृद्धि द‌र्ज की गई है। 60 गांव बाढ़ के पानी से पूरी तरह से घिर गए हैं, वहीं गांव के निचले हिस्से में बने 40 घरों में पानी घुसने से अफरा-तफरी मची हुई है। प्रशासन ने ग्रामीणों की सुविधा के लिए 290 नाव लगाने का दावा तो किया है, लेकिन वह अपर्याप्त साबित हो रही हैं। कई गांवों के लोग घरों से निकलने के लिए नाव की तलाश कर रहे हैं। स्थिति की भयावहता काे देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ क्षेत्र के गांवों में पहले ही अलर्ट जारी कर दिया है।

बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे पर पहुंचे आजमगढ़ जिले के सांसद दिनेश लाल यादव निरहुआ का कहना है कि बाढ़ आते ही दवा से लेकर जो सुविधा होनी चाहिए उसके लिए प्रशासन अलर्ट है। इसके साथ ही बाढ़ प्रभावित इलाके में बंधे को ऊंचा किया जाता है। बंधे को पत्थर से इंटरलाकिंग कराया जा रहा है। मेन बंधे पर सभी को अलर्ट कर दिया गया है, जिससे जनता को किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े। राहत सामग्री के वितरण में चना दाल बिस्कुट, नमक चावल 10, तेल मासिक, आलू 10 कुल 100 लोगो में राहत सामग्री का वितरण किया गया। एक दिन पूर्व भी जिले के डीएम विशाल भारद्वाज और एसपी अनुराग आर्य ने बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा कर अधिकारियों को निर्देश दिया था। इसी क्रम मेँ बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा करने पहुंचे प्रदेश सरकार के मंत्री रामकेश निषाद का कहना है कि जुलाई और अगस्त महीने में बाढ़ आती है। उसकी तैयारी पूरी की गई है। इस बार अक्टूबर में बाढ़ आई इसके बाद भी प्रशासन लगा हुआ है। जहां कहीं भी सीपेज की समस्या आ रही है उसे दुरूस्त कराया जा रहा है, जहां पर भी बाढ़ का पानी बस्तियों में घुसा है वहां पर राहत सामग्री का वितरण किया जा रहा है, जिससे किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े। 

उधर गुरुवार की सुबह डिघिया नाला गेज पर जलस्तर खतरा निशान से 1.82 मीटर ऊपर पहुंच गया। सभी गांवों के रास्ते जलमग्न हो गए हैं। घरों में पानी घुसने से खाद्यान्न व चारे के लिए रखा गया भूसा भींगने लगा है। स्थिति को देख ग्रामीणों ने सामान समेटकर पलायन की तैयारी शुरू कर दी है। आंखों के सामने फसलों के जलमग्न होते देख अन्नदाताओं का कलेजा फटा जा रहा है। निचले हिस्से में बचे देवारा खास राजा, चक्की, बूढ़नपट्टी, बांका, सोनौरा, अभ्भनपट्टी, अजगरा, शाहडीह, भदौरा आदि गांवों के लोग ज्यादा परेशान हैं। डिघिया नाला गेज स्थल पर बुधवार को 71.98 मीटर जलस्तर था, जो गुरुवार की सुबह आठ बजे बढ़कर 72.22 मीटर पर पहुंच गया। यहां खतरा निशान 70.40 मीटर है। बदरहुआ नाले पर बुधवार को 72.86 मीटर जलस्तर रिकार्ड किया गया था, जो गुरुवार को 28 सेमी बढ़कर 73.14 हो गया। यानी खतरा निशान 71.68 मीटर से 1.46 मीटर ऊपर।

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