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सागर पैलेस में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत

आधुनिक सुविधा से सुसज्जित मैरिज हॉल से क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर ठेकमा। क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण उस समय आया जब आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ‘सागर पैलेस’ मैरिज हॉल में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत की गई। मैरिज हॉल के संस्थापक राम प्यारे राय ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। क्षेत्र में पहले विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए समुचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता था। ऐसे में सागर पैलेस के शुरू होने से अब क्षेत्रवासियों को एक सुसज्जित और व्यवस्थित स्थान मिल गया है, जहां विवाह, मांगलिक कार्यक्रम और सामाजिक आयोजन आसानी से आयोजित किए जा सकेंगे। सागर पैलेस के संचालन से क्षेत्र में रोजगार सृजन की दिशा में भी एक अहम पहल हुई है, जिससे स्थानीय लोगों को काम के अवसर मिलेंगे। ज्ञात हो कि 22 जुलाई 2024 को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की शुरुआत की गई थी। निरंतर प्रयासों के बाद निर्माण कार्य पूरा हुआ और 11 फरवरी 2026 को गृह प्रवेश के साथ इसे औपचारिक रूप ...

24 अक्टूबर को हनुमान जयंती मनाई जाएगी, पढ़ें पूजन विधि और शुभ मुहूर्त

आजमगढ़। दीपावली के दिन ही हनुमान जयंती मनाई जाएगी। दीपावली के दिन पहले होने वाले इस पर्व को लेकर मंदिरों में तैयारियां पूरी हो गईं हैं। 23 अक्टूबर से सायंकाल 6:04 बजे से चतुर्दशी तिथि प्रारंभ होगी जो 24 अक्टूबर सायंकाल 5:28 तक रहेगी उदया तिथि अनुसार 24 अक्टूबर को हनुमान जयंती भी मनाई जाएगी। कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी अर्थात नरक चतुर्दशी को हनुमान जी का जन्म मेष लगन स्वाति नक्षत्र में मंगलवार को मध्यान में हुआ था, जिसे श्री हनुमान जयंती के रूप में मनाते है।

आचार्य चंदन जी ने बताया कि इस वर्ष हनुमान जयंती 24 अक्टूबर को है। दिन मेें हनुमान जी के मंदिर में गुड़ चने का प्रसाद और दीपक जलाएं। लाल फूल, सिंदूर चमेली के तेल का लेप, बेसन के लडडू और बूंदी से ये शीघ्र प्रसन्न होते है। हनुमान की पूजा से जीवन में बल, बुद्धि, साहस, संकटों पर विजय, निरोगिता प्राप्त होती है और मंगल ग्रह संबंधी दोष दूर होते है। मंदिर के आचार्य ने बताया कि छोटी दीपावली को मां अंजना की कोख से हनुमान जी का जन्म हुआ था। देवादिदेव महादेव के अंश होने के साथ ही शनिदेव व वरुण देव की विशेष कृपा भी बजरंग बली के दर्शन पूजन से मिलती है। अन्नतपुरा स्थित हनुमान मंदिर में दर्शन पूजन का इंतजाम होगा। मंदिर के छोटे महंथ पवन उपाध्याय ने बताया कि बजरंग बली को सुबह भोग लगेगा और प्रसाद वितरण होगा। मंदिर में इस वर्ष श्री हनुमान जन्मोत्सव की विशेष तैयारियां चल रही हैं। 23 अक्टूबर से शाम 6:04 बजे से चतुर्दशी शुरू होगी जो 24 अक्टूबर सायंकाल 5:28 तक रहेगी। उदया तिथि अनुसार 24 अक्टूबर को नरक चतुर्दशी मनाई जाएगी। कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को 24 अक्टूबर को नरक चतुर्दशी और रूप चतुर्दशी (रूप निखारने का पर्व) के पर्व के रूप में मनाया जाएगा। रूप चतुर्दशी के दिन सूर्योदय के पूर्व उठकर तिल के तेल से मलिश करके स्नान करना चाहिए। उसके पश्चात भगवान श्री कृष्ण के निमित्त दीपक जलाकर लंबी आयु और आरोग्य की प्रार्थना करें। अपनी समृद्धि हेतु प्रार्थना करें और सांयकाल महालक्ष्मी और कुबेर के निर्मित दीपक प्रज्वलित कर उनके मंत्रो का जाप करें और आर्थिक समृद्धि की प्रार्थना करें।

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