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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

छठ पूजा 2022..................

ड्रोन कैमरे से घाटों की होगी निगहबानी, तैनात किए जाएंगे गोताखोर

आजमगढ़। जिले में छठ के मौके पर घाटों की ड्रोन कैमरे से निगरानी की जाएगी। वहीं किसी भी दुर्घटना से बचने और उससे तत्काल निपटने के लिए गोताखोर भी तैनात किए जाएंगे। ज्यादा भीड़ वाले पूजा स्थलों पर सादे लिबास में भी पुलिसकर्मियों की तैनात होगी। घाटों की ओर जाने वाले रास्तों पर डायल-112 के जवान कमान संभालेंगे। नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण किनारे पर रस्सी बांधी जाएगी और नावों को लगाया जाएगा। पुलिस की अराजकतत्वों पर विशेष नजर होगी।

  बता दें कि लोक आस्था के महापर्व छठ शुरू हो चुका है। पर्व पर प्रशासन ने सुरक्षा का खाका तैयार कर लिया है। जिले के 650 स्थानों पर भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया जाएगा। इसमें नदियों के अलावा नहर और तालाब-पोखरे भी शामिल हैं। पर्व पर होने वाली भीड़ और नदियों के बढ़े जलस्तर को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दिया गया है। ज्यादा भीड़ वाले स्थानों पर ड्रोन कैमरे से भी निगरानी की जाएगी। किसी विपरीत स्थिति के लिए गोताखोरों की तैनाती की जाएगी। वहीं शरारती तत्वों पर नजर रखने के लिए पूजा स्थलों पर सादे लिबास में भी पुरुष व महिला पुलिस की तैनाती की जाएगी। घाटों की ओर जाने वाले रास्तों पर डायल 112 के जवान सुरक्षा की कमान संभालेंगे। जलस्तर बढ़ने के कारण घाटों के किनारे पर नाव और रस्सी लगाई जाएगी। जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज व पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने स्वयं घाटों की व्यवस्था का जायजा लिया है। एसपी अनुराग आर्य ने नदियों के जलस्तर को ध्यान में रखते हुए घाटों पर कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए पुलिस कर्मी पूरी तरह से मुस्तैद का निर्देश दिया है। उन्होंने नदी के किनारे सेल्फी लेने वालों को सावधान किया है कि अच्छे पोज के चक्कर में कोई ऐसा काम न करें, जो जान पर भारी पड़ जाए। एसपी ने बताया कि अधिकतर पूजा घाटों पर 50-60 लोग जाते हैं, लेकिन तमाम ऐसे भी घाट हैं, जहां बहुत अधिक भीड़ होती है। ऐसे स्थानों पर रस्सी से बैरिकेडिंग कर दी गई है। नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना को तत्काल रोकने की व्यवस्था की गई है। गोताखोरों को भी तैनात कर दिया गया है। कुछ गोताखोरों की लिस्ट बना ली गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल उनसे संपर्क कर बुलाया जा सके।

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