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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Lucknow: नगरपालिका में शमिल हुए गांवों का होगा सर्वे

लखनऊ। यूपी में  नए शहरी क्षेत्रों में शामिल होने वाले गांवों में सुनियोजित विकास कराने के लिए ग्राम समाज की जमीनें आरक्षित की जाएंगी। इन जमीनों पर जरूरत के आधार पर नागरिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उदाहरण के लिए बारात घर, सामुदायिक केंद्र, पार्क या बच्चों के खेलने के लिए खेल के मैदान विकसित किए जाएंगे।
नगर पालिका परिषद अधिनियम में दी गई व्यवस्था के आधार पर शहरी सीमा में आने वाले गांवों में स्थित ग्राम समाज की जमीनों की देखरेख और उसके रख-रखाव की जिम्मेदारी निकायों के पास आ जाती है। प्रदेश में 250 से अधिक ऐसे निकाय हैं जिनका या तो सीमा विस्तार हुआ है या फिर नई बनाई गई है। शहरी सीमा क्षेत्र में शामिल होने वाले गांवों में स्थित ग्राम समाज की जमीनों का जल्द ही सर्वे कराया जाएगा। इसके लिए निकाय, जिला प्रशासन और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम बनाई जाएगी। यह टीम गांव-गांव जाकर सर्वे करेगी और यह देखेगी कि कितनी जमीनें ग्राम समाज की हैं। इनमें से कितनी जमीनों का पट्टा है, कितनी खाली हैं और कितनों पर अवैध कब्जा है। सूची बनने के बाद इन जमीनों को संरक्षित किया जाएगा।

निकायों को देना होगा प्रस्ताव

विस्तार और नव गठित निकायों से इसके लिए प्रस्ताव लिया जाएगा। नई नगर पंचायतों में जब तक नई तैनातियां नहीं हो पाती हैं, तब तक वहां अस्थाई रूप से तैनाती देकर काम कराया जाएगा। कुछ नई नगर पंचायतों में एसडीएम स्तर के अधिकारियों को अधिशासी अधिकारी का प्रभार देकर भी काम चलाया जा रहा है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों का सर्वे कराना होगा और स्थानीय जरूरतों की एक सूची तैयार करनी होगी। इसमें सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कामों के लिए प्रस्ताव बनाते हुए स्थानीय निकाय निदेशालय को उपलब्ध कराना होगा। स्थानीय निकाय निदेशालय इस संबंध में जल्द ही सभी निकायों को निर्देश भेजने जा रहा है।

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