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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

लेखपाल भर्ती परीक्षा में धांधली..............

परीक्षा में बैठे थे 15 हजार संदिग्ध अभ्यर्थी

यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को रिपोर्ट भेज मांगा ब्यौरा

भर्ती मुख्य परीक्षा में रदेश भर से साल्वर गिरोह के 21 गिरफ्तार

एसटीएफ की पड़ताल में चौंकाने वाला तथ्य आए सामने  

लखनऊ। प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। हाल में ही उत्तराखंड एसएसएससी-2021 परीक्षा का पेपर लीक होने का प्रकरण उजागर हुआ था। एसटीएफ ने इसका राजफाश कर आरोपितों को गिरफ्तार किया। इससे पहले लेखपाल भर्ती मुख्य परीक्षा में प्रदेश भर से साल्वर गिरोह के 21 लोग गिरफ्तार किए गए। अब एसटीएफ की पड़ताल में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। बताया जा रहा है कि लेखपाल भर्ती परीक्षा में करीब 15 हजार संदिग्ध अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इस तथ्य के सामने आने के बाद लेखपाल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने का शक गहरा गया है।
एसटीएफ ने यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को पूरे प्रकरण की रिपोर्ट भेजी है। प्रश्नपत्रों के क्रम के साथ संदिग्ध छात्रों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। एसटीएफ की ओर से उन छात्रों का ब्योरा भी आयोग से मांगा गया है। जांच में कुछ खास सेट के प्रश्नपत्र संदिग्ध अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराए जाने का शक है। क्रम संख्या और सेट के साथ आयोग को रिपोर्ट दी गई है कि वह ऐसे अभ्यर्थियों को चिह्नित करने में मदद करे। हालांकि आयोग की ओर से इस  दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। 31 जुलाई को लेखपाल भर्ती मुख्य परीक्षा हुई थी। इसमें दो लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने प्रतिभाग किया था। यह परीक्षा अयोध्या, अलीगढ़, आगरा, बरेली, मेरठ, गोरखपुर, प्रयागराज, मुरादाबाद, झांसी, कानपुर नगर, लखनऊ व वाराणसी के कुल 501 परीक्षा केंद्रों पर सुबह 10 बजे से 12 बजे तक एक पाली में संपन्न हुई। इससे पहले एसटीएफ को परीक्षा में साल्वर गिरोह के शामिल होने की जानकारी मिल गई। इसके बाद प्रयागराज, लखनऊ, मुरादाबाद, वाराणसी, कानपुर नगर, बरेली, बलिया व गोंडा से गिरोह में शामिल कुल 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरोह का मुख्य आरोपित विजय कांत पटेल लेखपाल परीक्षा में साल्वर बिठाने के लिए प्रति अभ्यर्थी 10-10 लाख रुपये लिए थे।एसटीएफ की जांच में पता चला है कि साल्वर गिरोह ने एक ही जैसे सेट संदिग्ध अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराए थे। इसमें कई केंद्र व्यवस्थापकों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। आयोग से संबंधित सेट का प्रश्न हल करने वाले अभ्यर्थियों के बारे में जानकारी मांगी गई है ताकि उनकी स्क्रीनिंग कर मुख्य सरगना तक पहुंचा जा सके। दो सप्ताह से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी अभी तक आयोग ने एसटीएफ को आख्या नहीं सौंपी है।

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