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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

लेखपाल भर्ती परीक्षा में धांधली..............

परीक्षा में बैठे थे 15 हजार संदिग्ध अभ्यर्थी

यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को रिपोर्ट भेज मांगा ब्यौरा

भर्ती मुख्य परीक्षा में रदेश भर से साल्वर गिरोह के 21 गिरफ्तार

एसटीएफ की पड़ताल में चौंकाने वाला तथ्य आए सामने  

लखनऊ। प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। हाल में ही उत्तराखंड एसएसएससी-2021 परीक्षा का पेपर लीक होने का प्रकरण उजागर हुआ था। एसटीएफ ने इसका राजफाश कर आरोपितों को गिरफ्तार किया। इससे पहले लेखपाल भर्ती मुख्य परीक्षा में प्रदेश भर से साल्वर गिरोह के 21 लोग गिरफ्तार किए गए। अब एसटीएफ की पड़ताल में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। बताया जा रहा है कि लेखपाल भर्ती परीक्षा में करीब 15 हजार संदिग्ध अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इस तथ्य के सामने आने के बाद लेखपाल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने का शक गहरा गया है।
एसटीएफ ने यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को पूरे प्रकरण की रिपोर्ट भेजी है। प्रश्नपत्रों के क्रम के साथ संदिग्ध छात्रों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। एसटीएफ की ओर से उन छात्रों का ब्योरा भी आयोग से मांगा गया है। जांच में कुछ खास सेट के प्रश्नपत्र संदिग्ध अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराए जाने का शक है। क्रम संख्या और सेट के साथ आयोग को रिपोर्ट दी गई है कि वह ऐसे अभ्यर्थियों को चिह्नित करने में मदद करे। हालांकि आयोग की ओर से इस  दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। 31 जुलाई को लेखपाल भर्ती मुख्य परीक्षा हुई थी। इसमें दो लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने प्रतिभाग किया था। यह परीक्षा अयोध्या, अलीगढ़, आगरा, बरेली, मेरठ, गोरखपुर, प्रयागराज, मुरादाबाद, झांसी, कानपुर नगर, लखनऊ व वाराणसी के कुल 501 परीक्षा केंद्रों पर सुबह 10 बजे से 12 बजे तक एक पाली में संपन्न हुई। इससे पहले एसटीएफ को परीक्षा में साल्वर गिरोह के शामिल होने की जानकारी मिल गई। इसके बाद प्रयागराज, लखनऊ, मुरादाबाद, वाराणसी, कानपुर नगर, बरेली, बलिया व गोंडा से गिरोह में शामिल कुल 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरोह का मुख्य आरोपित विजय कांत पटेल लेखपाल परीक्षा में साल्वर बिठाने के लिए प्रति अभ्यर्थी 10-10 लाख रुपये लिए थे।एसटीएफ की जांच में पता चला है कि साल्वर गिरोह ने एक ही जैसे सेट संदिग्ध अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराए थे। इसमें कई केंद्र व्यवस्थापकों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। आयोग से संबंधित सेट का प्रश्न हल करने वाले अभ्यर्थियों के बारे में जानकारी मांगी गई है ताकि उनकी स्क्रीनिंग कर मुख्य सरगना तक पहुंचा जा सके। दो सप्ताह से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी अभी तक आयोग ने एसटीएफ को आख्या नहीं सौंपी है।

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