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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Azamgarh: श्रीमद् भागवत कथा के लिए निकाली गई कलश यात्रा

सात दिवसीय श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ शुरू

आजमगढ़। रविवार को नगर के बिन्नानी गार्डेन में श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ सप्ताह का शुभारंभ हुआ।  इस क्रम में आसिफगंज स्थित श्रीअग्रवाल धर्मशाला से नगर में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा नगर के मुख्य चौक, मातबरगंज, बड़ादेव होते हुए बिन्नानी गार्डेन पहुंची। जहां विधि विधान से कलशों की स्थापना हुई। लाल जगरनाथ प्रसाद मुकुंदलाल अग्रवाल चैरेटेबुल के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पहले दिन  कथा वाचक डा. श्याम सुंदर पराशर ने गोकर्ण महाराज की कथा का वर्णन किया। कहा कि धुंधकारी नाम का एक अत्यंत दुराचारी व्यक्ति था। जिसने अपने माता की हत्या की तथा एक वेश्या के संपर्क में आ गया। कालांतर में उस वेश्या ने धुंधकारी की हत्या करके घर के कुएं में डाल दिया। तब धुंधकारी अत्यंत भयंकर प्रेत योनि में पड़ गया। गोकर्ण जी जब पढ़कर आए तो रात में विश्राम के अवसर पर भयंकर-भयंकर आवाजें आने लगी। गोकर्ण जी द्वारा पूछने पर धुंधकारी ने बताया कि भैया में प्रेत योनि में जन्म लेकर पड़ा हूं। तब गोकर्ण महाराज ने श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया। जिसे सुनकर धुंधकारी को प्रेतयोनि से मुक्ति मिली। उन्होंने कहा कि पितृपक्ष में भागवत कथा सुनने का बड़ा ही महत्व है। इससे सुनने से सारे पितरों का उद्घार हो जाता है।

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