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बाजबहादुर में पैतृक मकान विवाद में दो पक्ष आमने-सामने, दोनों ने दर्ज कराया मुकदमा

मरम्मत और निर्माण कार्य को लेकर हुआ विवाद, पुलिस ने शुरू की जांच आजमगढ़। शहर कोतवाली क्षेत्र के बाजबहादुर मोहल्ले में पैतृक मकान और निर्माण कार्य को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पहले पक्ष के मो. अनस पुत्र अब्दुल कुद्दूस ने आरोप लगाया कि 28 जुलाई को वह अपने पैतृक मकान की मरम्मत करा रहे थे। इसी दौरान पुराने विवाद को लेकर विपक्षी पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए निर्माण कार्य रुकवाने लगे। विरोध करने पर कुल्हाड़ी, लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से हमला कर दिया, जिससे वह और बीच-बचाव करने आए उनके परिजन घायल हो गए। आरोप है कि जाते समय विपक्षियों ने जान से मारने की धमकी भी दी। वहीं दूसरे पक्ष के मो. आमिर पुत्र अब्दुल सलाम ने अपनी तहरीर में कहा कि पैतृक मकान का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद विपक्षी पक्ष जबरन निर्माण कार्य करा रहा था। रोकने पर पहले से टांगी, लोहे की रॉड और ल...

Azamgarh: सिंचाई विभाग के पास टूटी नाली की मरम्मत को बजट नहीं

किसान परेशान, नलकूप से नहीं मिल रहा पानी
ठेकमा।
क्षेत्र के जमुआवां में किसानों की सुविधा के लिए बने नलकूप से किसानों को पानी नही मिल पा रहा है। नलकूप तो चालू हालत में है। लेकिन नाली नहीं बनी है। जिससे किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। शिकायतों के बाद अधिकारी बजट न होने का रोना रो रहे है।
ठेकमा ब्लाक के जमुआवां में नलकूप संख्या- पांच चालू हालत में है। विगत दो वर्षों से किसान कई बार नाली बनवाने के लिए सिंचाई विभाग को पत्र लिख चुके हैं। लेकिन अभी तक नाली नहीं बन पाई। गांव के श्रीराम राय ने जनसूचना अधिकार के तहत सिंचाई विभाग से कई बिंदुओं पर सूचना मांगी। विभाग द्वारा बार-बार यही लिखकर मिल रहा है कि सिंचाई विभाग के पास कोई बजट नहीं है। सूखे के समय में लोगों की फसलें सूख रही हैं, किसी भी तरह किसान खेतों की सिंचाई की व्यवस्था कर रहे हैं, जो काफी महंगा पड़ रहा है। किसान अमित राय ने बताया कि सरकार सिंचाई के लिए नलकूप व नहर का पानी किसानों को मुफ्त दे रही है। वहीं विभागीय अधिकारियों द्वारा ध्यान न देने की वजह से समस्याएं बढ़ रही हैं। यदि इस नलकूप की नाली का निर्माण करा दिया जाए तो किसानों को काफी लाभ होगा। क्षेत्र के किसान अशोक राय, विनोद राय, राकेश राय ने बताया कि नाली टूटने की वजह से यदि नलकूूप चालू होता है तो उनके खेतों में पानी भर जाता है। जिससे कई बार किसानों में विवाद भी हो गया। हम लोगों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कई बार नाली के निर्माण की मांग की। लेकिन मांगों को अनसूना कर दिया जा रहा है। जबकि यह गांव परफारमेंस ग्रांट के तहत चयनित है, जिसमें 725000000 का बजट है।

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