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खास खबर

यूपी चुनाव की तैयारी: भाजपा में पहले 14 जिलाध्यक्ष होंगे नियुक्त, फिर संगठन में बड़ा फेरबदल

नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के सामने संगठनात्मक संतुलन सबसे बड़ी चुनौती भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी।  लखनऊ। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश भाजपा ने संगठन को और मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। पार्टी इस महीने के अंत तक शेष बचे 14 जिलों में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति करने जा रही है। इसके बाद प्रदेश और क्षेत्रीय स्तर पर संगठनात्मक फेरबदल की प्रक्रिया शुरू होगी। नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी संगठन के तहत गठित 98 जिलों में लंबित पड़ी जिलाध्यक्षों की नियुक्ति को पूरा करना है। सूत्रों के अनुसार, पहले इन 14 जिलों में नियुक्तियां पूरी की जाएंगी, इसके बाद अगले महीने से प्रदेश स्तरीय संगठन में बदलाव को लेकर मंथन शुरू होगा। गौरतलब है कि प्रदेश संगठन के चुनाव अधिकारी डॉ. महेंद्र नाथ पांडे द्वारा दो चरणों में 84 जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की जा चुकी है, लेकिन जनप्रतिनिधियों के बीच खींचतान और आपसी सहमति न बनने के कारण 14 जिलों में यह प्रक्रिया अधूरी रह गई थी। इनमें प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र वाराणसी भी शामिल है। सूत्रों के मु...

Azamgarh: शहादत दिवस पर वीर अब्दुल हमीद को किया नमन

नगर के चकला तकिया में इदरीसी समाज ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
परमवीर चक्र सम्मानित अब्दुल हमीद की वीरता को किया गया याद

आजमगढ़। सन् 1965 के भारत-पाक युद्ध में अद्भुत वीरता का प्रदर्शन करते हुए वीर अब्दुल हमीद ने पाक के कई पैटर्न टैंक को नेस्तनाबूद कर दिया था। युद्ध के दौरान उन्हें वीरगति प्राप्त हुई और मरणोपरान्त उन्हें परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। शनिवार को यूनाइटेड फ्रंट इदरीसी समाज की तरफ से अब्दुल हक वेलफेयर सोसायटी ने दफ्तरी कांप्लेक्स चकला तकिया पर अब्दुल हमीद की पुण्यतिथि पर नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित किया।

मुख्य वक्ता भारत रक्षा दल के सदस्य व समाजसेवी मोहम्मद अफजल इदरीसी ने कहा कि अब्दुल हमीद का जन्म गाजीपुर जनपद के धामूपुर गांव में 01 जुलाई 1933 को इदरीसी (दर्जी) बिरादरी में हुआ था। अब्दुल हमीद भारतीय सेना की 4 ग्रेनेडियर में एक सिपाही थे, जिन्होंने 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान खेमकरण सैक्टर के आसल उत्ताड़ में लड़े गए युद्ध में अपनी अद्भुत वीरता का प्रदर्शन किया। युद्ध के दौरान 10 सितंबर 1965 को वीर अब्दुल हमीद को वीरगति प्राप्त हुई, उन्हें मरणोपरान्त भारत का सर्वाेच्च सेना पुरस्कार परमवीर चक्र मिला। यह पुरस्कार भारत-पाक युद्ध के समाप्त होने के एक सप्ताह से भी पहले 16 सितम्बर 1965 को घोषित हुआ। अब्दुल हमीद के असाधारण बहादुरी के लिए उन्हें महावीर चक्र भी दिया गया। उनके इस अदम्य साहस व बलिदान का देश हमेशा ऋणी रहेगा। हम सभी उनके असाधारण बहादुरी को नमन करते है। समाज के जिलाध्यक्ष अफसार अहमद इदरीसी ने कहा कि वीर अब्दुल हमीद 27 दिसम्बर 1954 को भारतीय सेना के ग्रेनेडियर रेजीमेंट में भर्ती हुए। बाद में उनकी तैनाती रेजीमेंट के 4 ग्रेनेडियर बटालियन में हुई, जहां उन्होंने अपने सैन्य सेवाकाल तक पूरी निष्ठा, ईमानदारी व बलिदान के साथ देश को अपनी सेवाएं दी। उन्होंने अपनी इस बटालियन के साथ आगरा, अमृतसर, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, नेफा और रामगढ़ में भारतीय सेना को अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने अपने सेवा काल में सैन्य सेवा मेडल, समर सेवा मेडल और रक्षा मेडल का सम्मान प्राप्त किया था। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर तथा दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किया। इस मौके पर फकरे आलम, बंटी इदरीसी, मुन्ना इदरीसी, अनवार इदरीसी, कमाल इदरीसी, कलाम इदरीसी अबरार इदरीसी, हनीफ इदरीसी, बुल्लू इदरीसी आदि लोग मौजूद रहे।

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