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खास खबर

सागर पैलेस में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत

आधुनिक सुविधा से सुसज्जित मैरिज हॉल से क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर ठेकमा। क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण उस समय आया जब आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ‘सागर पैलेस’ मैरिज हॉल में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत की गई। मैरिज हॉल के संस्थापक राम प्यारे राय ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। क्षेत्र में पहले विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए समुचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता था। ऐसे में सागर पैलेस के शुरू होने से अब क्षेत्रवासियों को एक सुसज्जित और व्यवस्थित स्थान मिल गया है, जहां विवाह, मांगलिक कार्यक्रम और सामाजिक आयोजन आसानी से आयोजित किए जा सकेंगे। सागर पैलेस के संचालन से क्षेत्र में रोजगार सृजन की दिशा में भी एक अहम पहल हुई है, जिससे स्थानीय लोगों को काम के अवसर मिलेंगे। ज्ञात हो कि 22 जुलाई 2024 को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की शुरुआत की गई थी। निरंतर प्रयासों के बाद निर्माण कार्य पूरा हुआ और 11 फरवरी 2026 को गृह प्रवेश के साथ इसे औपचारिक रूप ...

Azamgarh: निपुण भारत अभियान कार्यक्रम, भाषा की दैनिक कार्य योजना पर चर्चा

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत सं‌चालित कार्यक्रम का दूसरा दिन

आजमगढ़। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत संचालित निपुण भारत अभियान के तहत बीआरसी अजमतगढ़ पर प्रथम बैच के दूसरे दिन की शुरूआत सरस्वती वंदना से हुई। इसके बाद दो अलग-अलग कक्षाओं में प्रतिभागियों के साथ भाषा की दैनिक कार्य योजना पर चर्चा हुई। 

इस दौरान 01, 02 और 03 में भाषा की दक्षता के विकास के लिए विद्यालयों में आधारशिला शिक्षण क्रियान्वयन पुस्तिका, कार्यपुस्तिका, चित्र चार्ट, कहानी चार्ट, कविता चार्ट, सहज पुस्तिका, बिग बुक के माध्यम से किस प्रकार दैनिक शिक्षण योजना को संचालित करना आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही हर सप्ताह के प्रत्येक दिन बच्चों के साथ कराई जाने वाली गतिविधियों जैसे मौखिक भाषा विकास, डिकोडिंग, पठान एवं संबंधित लेखन के विषय में विस्तार से चर्चा हुई। इस संबंध में संदर्शिका में दी गई विस्तृत कार्य योजना और संक्षिप्त कार्य योजना को आधार बनाकर किस प्रकार से प्रतिदिन का शिक्षण कार्य किया जाना है, इसके बारे में बताया गया।

इसी क्रम में मौखिक भाषा विकास के विभिन्न आयामों, डिकोडिंग के विभिन्न आयामों, पठन कौशल विकास के विभिन्न आयामों, ध्वनि जागरूकता और वर्ण परिचय के विषय में भी प्रतिभागियों को जानकारी दी गई। प्रशिक्षण बहुत ही कुशलता पूर्वक संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण में प्रशिक्षक के रूप में कमल नयन यादव ,अनिल कुमार मिश्र ,श्रीमती कुसुम पांडे, विमल प्रकाश और डा. हरिकेश मिश्रा, अंशु राय, दिनेश पांडे, दिलीप कुमार राय, अभय कुमार यादव, अरविंद कुमार तिवारी, अजीत कुमार प्रजापति, अविनाश साही, मोनिका कुशवाहा, कुमारी नीतू, प्रियंका आदि शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

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