सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

खास खबर

सागर पैलेस में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत

आधुनिक सुविधा से सुसज्जित मैरिज हॉल से क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर ठेकमा। क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण उस समय आया जब आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ‘सागर पैलेस’ मैरिज हॉल में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत की गई। मैरिज हॉल के संस्थापक राम प्यारे राय ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। क्षेत्र में पहले विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए समुचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता था। ऐसे में सागर पैलेस के शुरू होने से अब क्षेत्रवासियों को एक सुसज्जित और व्यवस्थित स्थान मिल गया है, जहां विवाह, मांगलिक कार्यक्रम और सामाजिक आयोजन आसानी से आयोजित किए जा सकेंगे। सागर पैलेस के संचालन से क्षेत्र में रोजगार सृजन की दिशा में भी एक अहम पहल हुई है, जिससे स्थानीय लोगों को काम के अवसर मिलेंगे। ज्ञात हो कि 22 जुलाई 2024 को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की शुरुआत की गई थी। निरंतर प्रयासों के बाद निर्माण कार्य पूरा हुआ और 11 फरवरी 2026 को गृह प्रवेश के साथ इसे औपचारिक रूप ...

Azamgarh: शुरू हुआ मदरसों का सर्वें, 387 रजिस्टर्ड, 800 से अधिक संचालित

मदरसों के सर्वे को अपर जिलाधिकारी प्रशासन नोडल अधिकारी नियुक्त

इसी महीने के अंत में शासन को भेजी जाएगी सर्वे रिपोर्ट

आजमगढ़ शासन के निर्देश के बाद जिले में मदरसों के सर्वे का काम शुरू हो गया है। इसके लिए एडीएम प्रशासन अनिल कुमार मिश्र को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। उनकी देखरेख में टीमों ने सर्वे का काम शुरू कर दिया है। जिलें में मात्र 387 पंजीकृत मदरसें हैं जबकि यहां आठ सौ से अधिक मदरसों का संचालन हो रहा है। इन सभी मदरसों के सर्वे के बाद माह के अंत तक रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।

प्रतीकात्मक फोटो
प्रतीकात्मक फोटो

बता दें कि शासन के निर्देश पर प्रदेश भर में मदरसों का सर्वे हो रहा है। आजमगढ़ में सर्वे के लिए एडीएम प्रशासन अनिल कुमार मिश्र को इसका नोडल बनाया गया है। इसके तहत जिले में ऐसे मदरसों का सर्वे किया जा रहा है जो कि रजिस्टर्ड नहीं हैं। इस महीने के अंत तक इसे पूरा कर शासन को रिपोर्ट दे दी जाएगी। इस सर्वे में जिले की सभी तहसीलों के एसडीम के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया है। इस टीम में जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी और अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को भी नामित किया गया है। नामित सदस्य जाकर मदरसों का भौतिक सत्यापन करेंगे। साथ ही यह भी पता कराया जाएगा कि जिस जमीन पर इन मदरसों का निर्माण हुआ है वह सही है या नहीं। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। गौर करें तो जिले में पंजीकृत मदरसों की संख्या 387 है। जबकि यहां आठ सौ से अधिक मदरसों का संचालन हो रहा है। बिना पंजीकरण के चल रहे मदरसों की सर्वे टीम सूची तैयार करेगी। साथ ही इनकी जांच भी की जाएगी। एडीएम प्रशासन अनिल कुमार मिश्र का कहना है कि जिले में रजिस्टर्ड मदरसों की सूची तहसील स्तर पर बनाई जा रही है। वहीं मदरसों की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है जो मौके पर जाकर मदरसों का सत्यापन कर रही है। इस माह के अंत तक रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी जाएगी।

सर्वाधिक पढ़ीं गईं