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हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Azamgarh: शुरू हुआ मदरसों का सर्वें, 387 रजिस्टर्ड, 800 से अधिक संचालित

मदरसों के सर्वे को अपर जिलाधिकारी प्रशासन नोडल अधिकारी नियुक्त

इसी महीने के अंत में शासन को भेजी जाएगी सर्वे रिपोर्ट

आजमगढ़ शासन के निर्देश के बाद जिले में मदरसों के सर्वे का काम शुरू हो गया है। इसके लिए एडीएम प्रशासन अनिल कुमार मिश्र को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। उनकी देखरेख में टीमों ने सर्वे का काम शुरू कर दिया है। जिलें में मात्र 387 पंजीकृत मदरसें हैं जबकि यहां आठ सौ से अधिक मदरसों का संचालन हो रहा है। इन सभी मदरसों के सर्वे के बाद माह के अंत तक रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।

प्रतीकात्मक फोटो
प्रतीकात्मक फोटो

बता दें कि शासन के निर्देश पर प्रदेश भर में मदरसों का सर्वे हो रहा है। आजमगढ़ में सर्वे के लिए एडीएम प्रशासन अनिल कुमार मिश्र को इसका नोडल बनाया गया है। इसके तहत जिले में ऐसे मदरसों का सर्वे किया जा रहा है जो कि रजिस्टर्ड नहीं हैं। इस महीने के अंत तक इसे पूरा कर शासन को रिपोर्ट दे दी जाएगी। इस सर्वे में जिले की सभी तहसीलों के एसडीम के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया है। इस टीम में जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी और अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को भी नामित किया गया है। नामित सदस्य जाकर मदरसों का भौतिक सत्यापन करेंगे। साथ ही यह भी पता कराया जाएगा कि जिस जमीन पर इन मदरसों का निर्माण हुआ है वह सही है या नहीं। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। गौर करें तो जिले में पंजीकृत मदरसों की संख्या 387 है। जबकि यहां आठ सौ से अधिक मदरसों का संचालन हो रहा है। बिना पंजीकरण के चल रहे मदरसों की सर्वे टीम सूची तैयार करेगी। साथ ही इनकी जांच भी की जाएगी। एडीएम प्रशासन अनिल कुमार मिश्र का कहना है कि जिले में रजिस्टर्ड मदरसों की सूची तहसील स्तर पर बनाई जा रही है। वहीं मदरसों की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है जो मौके पर जाकर मदरसों का सत्यापन कर रही है। इस माह के अंत तक रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी जाएगी।

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