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खास खबर

24 घंटे की तलाश के बाद 10 वर्षीय वैभव का शव पड़ोसी के बेसमेंट से बरामद, हत्या का आरोप

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पड़ोसी हिरासत में पूछताछ में हत्या की बात कबूल, कस्बे में शोक और आक्रोश गोरखपुर। खजनी कस्बे में सर्राफा कारोबारी के 10 वर्षीय पौत्र वैभव वर्मा की अपहरण के बाद हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। करीब 24 घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस ने पड़ोसी सर्वेश भट्ट को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी के बयान के आधार पर उसके घर के बेसमेंट से वैभव का शव बरामद किया गया। जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर स्कूल से घर लौटने के बाद वैभव साइकिल लेकर खेलने निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। कुछ देर बाद उसकी साइकिल और एक चप्पल खेत के पास मिली, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. कौस्तुभ के निर्देशन में पांच टीमें गठित की गईं। डॉग स्क्वॉयड, फॉरेंसिक टीम और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच आगे बढ़ाई गई। सीसीटीवी फुटेज में वैभव के पीछे पड़ोसी सर्वेश भट्ट जाता दिखाई दिया। इसी आधार पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार की और उसकी निशानदेही पर ...

Azamgarh: शुरू हुआ मदरसों का सर्वें, 387 रजिस्टर्ड, 800 से अधिक संचालित

मदरसों के सर्वे को अपर जिलाधिकारी प्रशासन नोडल अधिकारी नियुक्त

इसी महीने के अंत में शासन को भेजी जाएगी सर्वे रिपोर्ट

आजमगढ़ शासन के निर्देश के बाद जिले में मदरसों के सर्वे का काम शुरू हो गया है। इसके लिए एडीएम प्रशासन अनिल कुमार मिश्र को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। उनकी देखरेख में टीमों ने सर्वे का काम शुरू कर दिया है। जिलें में मात्र 387 पंजीकृत मदरसें हैं जबकि यहां आठ सौ से अधिक मदरसों का संचालन हो रहा है। इन सभी मदरसों के सर्वे के बाद माह के अंत तक रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।

प्रतीकात्मक फोटो
प्रतीकात्मक फोटो

बता दें कि शासन के निर्देश पर प्रदेश भर में मदरसों का सर्वे हो रहा है। आजमगढ़ में सर्वे के लिए एडीएम प्रशासन अनिल कुमार मिश्र को इसका नोडल बनाया गया है। इसके तहत जिले में ऐसे मदरसों का सर्वे किया जा रहा है जो कि रजिस्टर्ड नहीं हैं। इस महीने के अंत तक इसे पूरा कर शासन को रिपोर्ट दे दी जाएगी। इस सर्वे में जिले की सभी तहसीलों के एसडीम के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया है। इस टीम में जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी और अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को भी नामित किया गया है। नामित सदस्य जाकर मदरसों का भौतिक सत्यापन करेंगे। साथ ही यह भी पता कराया जाएगा कि जिस जमीन पर इन मदरसों का निर्माण हुआ है वह सही है या नहीं। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। गौर करें तो जिले में पंजीकृत मदरसों की संख्या 387 है। जबकि यहां आठ सौ से अधिक मदरसों का संचालन हो रहा है। बिना पंजीकरण के चल रहे मदरसों की सर्वे टीम सूची तैयार करेगी। साथ ही इनकी जांच भी की जाएगी। एडीएम प्रशासन अनिल कुमार मिश्र का कहना है कि जिले में रजिस्टर्ड मदरसों की सूची तहसील स्तर पर बनाई जा रही है। वहीं मदरसों की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है जो मौके पर जाकर मदरसों का सत्यापन कर रही है। इस माह के अंत तक रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी जाएगी।

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