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सागर पैलेस में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत

आधुनिक सुविधा से सुसज्जित मैरिज हॉल से क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर ठेकमा। क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण उस समय आया जब आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ‘सागर पैलेस’ मैरिज हॉल में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत की गई। मैरिज हॉल के संस्थापक राम प्यारे राय ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। क्षेत्र में पहले विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए समुचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता था। ऐसे में सागर पैलेस के शुरू होने से अब क्षेत्रवासियों को एक सुसज्जित और व्यवस्थित स्थान मिल गया है, जहां विवाह, मांगलिक कार्यक्रम और सामाजिक आयोजन आसानी से आयोजित किए जा सकेंगे। सागर पैलेस के संचालन से क्षेत्र में रोजगार सृजन की दिशा में भी एक अहम पहल हुई है, जिससे स्थानीय लोगों को काम के अवसर मिलेंगे। ज्ञात हो कि 22 जुलाई 2024 को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की शुरुआत की गई थी। निरंतर प्रयासों के बाद निर्माण कार्य पूरा हुआ और 11 फरवरी 2026 को गृह प्रवेश के साथ इसे औपचारिक रूप ...

आजमगढ़: जेल में बंद 1332 बंदियों की जांच में 10 मिले एचआईवी पॉजिटिव

आजमगढ़. न्यायालय के आदेश पर आजमगढ़ जिला कारागार में बंदियों की कैंप लगाकर की गई जांच में 10 बंदियों के एचआईवी पॉजिटिव मिलने से हड़कंप मचा है। संक्रमित मरीजों में से चार बंदी बलिया और छह बंदी आजमगढ़ जिले के रहने वाले हैं। जेल में पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य कर्मियों को जांच के दौरान विरोध का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि जेल प्रशासन की मदद से बंदियों की जांच कराई जा रही है। ताकि ऐसे मरीजों पर नजर रखी जा सके।

आजमगढ़ जिला कारागार में 2500 बंदी निरुद्ध हैं। कोर्ट के आदेश पर कैंप लगाकर बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। अब तक टीम द्वारा 1332 बंदियों की जांच हो चुकी है। इसमें 10 बंदी एचआईवी पॉजिटिव पाए गए है। पॉजिटिव बंदियों में चार बलिया और छह आजमगढ़ जिले के रहने वाले हैं। अभी तक किसी महिला बंदी में इसकी पुष्टि नहीं हुई है। पांच में एचआईवी के प्रारंभिक लक्षण पाए गए हैं, उनकी दोबारा जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। बंदियों के एचआईवी पॉजिटिव आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। चर्चा इस बात की हो रही है कि आखिर 10 लोगों में एचआईवी संक्रमण फैला कैसे। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. इंद्रनारायण तिवारी ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर बंदियों की एचआईवी जांच की जा रही है। अब तक कुल 10 मरीज एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं। उन्होने बताया कि इन बंदियों को सामान्य बंदियों की ही तरह रखा गया है। इनको वायरल के हिसाब से दवाएं दी जा रही हैं। अगर किसी बंदी को कोई और समस्या हुई तो उसके हिसाब से उसका इलाज किया जाएगा। उन्होने कहा कि एचआईवी दो प्रकार से होता है। बंदियों में यह या तो संक्रमित खून चढ़ाने से हुआ होगा या असुरक्षित यौन संबंध स्थापित करने से। बचे हुए बंदियों की भी जांच की जा रही है। सभी की जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी। जेलर विकास कटियार ने बताया कि जेल में कैंप लगाकर सभी बंदियों की जांच कराई जा रही है। बचे हुए बंदियों की जांच भी जल्द ही पूरी हो जाएगी।

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