सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

आजमगढ़: जेल में बंद 1332 बंदियों की जांच में 10 मिले एचआईवी पॉजिटिव

आजमगढ़. न्यायालय के आदेश पर आजमगढ़ जिला कारागार में बंदियों की कैंप लगाकर की गई जांच में 10 बंदियों के एचआईवी पॉजिटिव मिलने से हड़कंप मचा है। संक्रमित मरीजों में से चार बंदी बलिया और छह बंदी आजमगढ़ जिले के रहने वाले हैं। जेल में पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य कर्मियों को जांच के दौरान विरोध का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि जेल प्रशासन की मदद से बंदियों की जांच कराई जा रही है। ताकि ऐसे मरीजों पर नजर रखी जा सके।

आजमगढ़ जिला कारागार में 2500 बंदी निरुद्ध हैं। कोर्ट के आदेश पर कैंप लगाकर बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। अब तक टीम द्वारा 1332 बंदियों की जांच हो चुकी है। इसमें 10 बंदी एचआईवी पॉजिटिव पाए गए है। पॉजिटिव बंदियों में चार बलिया और छह आजमगढ़ जिले के रहने वाले हैं। अभी तक किसी महिला बंदी में इसकी पुष्टि नहीं हुई है। पांच में एचआईवी के प्रारंभिक लक्षण पाए गए हैं, उनकी दोबारा जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। बंदियों के एचआईवी पॉजिटिव आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। चर्चा इस बात की हो रही है कि आखिर 10 लोगों में एचआईवी संक्रमण फैला कैसे। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. इंद्रनारायण तिवारी ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर बंदियों की एचआईवी जांच की जा रही है। अब तक कुल 10 मरीज एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं। उन्होने बताया कि इन बंदियों को सामान्य बंदियों की ही तरह रखा गया है। इनको वायरल के हिसाब से दवाएं दी जा रही हैं। अगर किसी बंदी को कोई और समस्या हुई तो उसके हिसाब से उसका इलाज किया जाएगा। उन्होने कहा कि एचआईवी दो प्रकार से होता है। बंदियों में यह या तो संक्रमित खून चढ़ाने से हुआ होगा या असुरक्षित यौन संबंध स्थापित करने से। बचे हुए बंदियों की भी जांच की जा रही है। सभी की जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी। जेलर विकास कटियार ने बताया कि जेल में कैंप लगाकर सभी बंदियों की जांच कराई जा रही है। बचे हुए बंदियों की जांच भी जल्द ही पूरी हो जाएगी।

सर्वाधिक पढ़ीं गईं