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खास खबर

सागर पैलेस में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत

आधुनिक सुविधा से सुसज्जित मैरिज हॉल से क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर ठेकमा। क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण उस समय आया जब आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ‘सागर पैलेस’ मैरिज हॉल में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत की गई। मैरिज हॉल के संस्थापक राम प्यारे राय ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। क्षेत्र में पहले विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए समुचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता था। ऐसे में सागर पैलेस के शुरू होने से अब क्षेत्रवासियों को एक सुसज्जित और व्यवस्थित स्थान मिल गया है, जहां विवाह, मांगलिक कार्यक्रम और सामाजिक आयोजन आसानी से आयोजित किए जा सकेंगे। सागर पैलेस के संचालन से क्षेत्र में रोजगार सृजन की दिशा में भी एक अहम पहल हुई है, जिससे स्थानीय लोगों को काम के अवसर मिलेंगे। ज्ञात हो कि 22 जुलाई 2024 को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की शुरुआत की गई थी। निरंतर प्रयासों के बाद निर्माण कार्य पूरा हुआ और 11 फरवरी 2026 को गृह प्रवेश के साथ इसे औपचारिक रूप ...

Jhansi: आजमगढ़ का स्कूल संचालक निकला फर्जी शिक्षकों की भर्ती कराने वाला, गिरफ्तार

36 लाख रुपये वसूल कर पांच लोगों को थमा दिए थे फर्जी नियुक्ति पत्र

झांसी। शिक्षकों को फर्जी नियुक्ति कराने वाले को आजमगढ़ से पकड़ लिया है। वह विद्यालय संचालक है। उसने 36 लाख रुपये लेकर पांचों को युक्ति पत्र दिए थे। पुलिस उससे पूछताछ है। आरोपी के जरिये फर्जीवाड़े के बड़े खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।झांसी जिले के खड़ौरा, बम्हौरी सुहागी व बोरा स्थित राजकीय हाईस्कूलों में आजमगढ़ निवासी अमृता कुशवाहा, मैनावती, पंचदेव, विश्वकर्मा व नरेंद्र कुमार मौर्य की हमें नवीन तैनाती हुई थी। इसके बाद हुई जांच में पांचों के नियुक्ति पत्र फर्जी पाए गए। इस पर पुलिस द्वारा पांचों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस ने अब फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड को भी पकड़ लिया है। यह आजमगढ़ जिले के लालगंज का रहने वाला है। वहां एक विद्यालय का संचालन करता है। सामने आया कि पकड़े गए पांचों फर्जी शिक्षकों ने शिक्षक बनने के लिए साल 2015 में परीक्षा दी थी, तब पाँच हजार शिक्षकों की भर्ती होनी थी. परंतु ढाई हजार ही नियुक्ति पा पाए थे। बाको का मामला न्यायालय में चला गया था। हाल ही में फर्जीवाड़े के सरगना पांचों आरोपियों के संपर्क में आया था। उसने भरोसा दिया था कि वह नियुक्ति संबंधी केस को रफा-दफा करवा देगा। इसके एवज में उसने रकम वसूली थी। सभी को फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिए थे। पकड़े गए सरगना से पुलिस की पूछताछ जारी है। माना जा रहा है कि उसके जरिये फर्जीवाड़े के बड़े रैकेट का खुलासा हो सकता है। प्रदेश के कई अन्य जनपदों में भी फर्जी शिक्षक पाए जा सकते हैं। मास्टरमाइंड से पूछताछ में सामने आया कि उसने भर्ती के लिए दो शिक्षकों से छह-छह सात लाख और दोनों महिलाओं से आठ-आठ लाख रुपये वसूल किए इनमें से रणविजय के हाथ में उसने नियुक्ति पत्र थमाया भा और बाकी चारों के पित पत्र डाक से भेजे गए थे।



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