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हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Jhansi: आजमगढ़ का स्कूल संचालक निकला फर्जी शिक्षकों की भर्ती कराने वाला, गिरफ्तार

36 लाख रुपये वसूल कर पांच लोगों को थमा दिए थे फर्जी नियुक्ति पत्र

झांसी। शिक्षकों को फर्जी नियुक्ति कराने वाले को आजमगढ़ से पकड़ लिया है। वह विद्यालय संचालक है। उसने 36 लाख रुपये लेकर पांचों को युक्ति पत्र दिए थे। पुलिस उससे पूछताछ है। आरोपी के जरिये फर्जीवाड़े के बड़े खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।झांसी जिले के खड़ौरा, बम्हौरी सुहागी व बोरा स्थित राजकीय हाईस्कूलों में आजमगढ़ निवासी अमृता कुशवाहा, मैनावती, पंचदेव, विश्वकर्मा व नरेंद्र कुमार मौर्य की हमें नवीन तैनाती हुई थी। इसके बाद हुई जांच में पांचों के नियुक्ति पत्र फर्जी पाए गए। इस पर पुलिस द्वारा पांचों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस ने अब फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड को भी पकड़ लिया है। यह आजमगढ़ जिले के लालगंज का रहने वाला है। वहां एक विद्यालय का संचालन करता है। सामने आया कि पकड़े गए पांचों फर्जी शिक्षकों ने शिक्षक बनने के लिए साल 2015 में परीक्षा दी थी, तब पाँच हजार शिक्षकों की भर्ती होनी थी. परंतु ढाई हजार ही नियुक्ति पा पाए थे। बाको का मामला न्यायालय में चला गया था। हाल ही में फर्जीवाड़े के सरगना पांचों आरोपियों के संपर्क में आया था। उसने भरोसा दिया था कि वह नियुक्ति संबंधी केस को रफा-दफा करवा देगा। इसके एवज में उसने रकम वसूली थी। सभी को फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिए थे। पकड़े गए सरगना से पुलिस की पूछताछ जारी है। माना जा रहा है कि उसके जरिये फर्जीवाड़े के बड़े रैकेट का खुलासा हो सकता है। प्रदेश के कई अन्य जनपदों में भी फर्जी शिक्षक पाए जा सकते हैं। मास्टरमाइंड से पूछताछ में सामने आया कि उसने भर्ती के लिए दो शिक्षकों से छह-छह सात लाख और दोनों महिलाओं से आठ-आठ लाख रुपये वसूल किए इनमें से रणविजय के हाथ में उसने नियुक्ति पत्र थमाया भा और बाकी चारों के पित पत्र डाक से भेजे गए थे।



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