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हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Health News UP: यूपी में संक्रामक बीमारी फैला रही पांव, अब तक नौ बच्चों में हो चुकी डिप्थीरिया की पुष्टि

लखनऊ। प्रदेश में संक्रामक रोग पांव पसार रहे हैं। अब तक प्रदेश में डिप्थीरिया (गला घोंटू) की नौ बच्चों में पुष्टि हो चुकी है। इसमें बांदा में छह, बलिया में दो और कन्नौज में एक बच्चे में इसकी पुष्टि हुई है। बीते दिनों बांदा में इससे चार बच्चों की मौत हुई थी।

यूपी में तेजी से फैल रही डिप्थीरिया (गला घोंटू) बीमारी

  • यूपी में डिप्थीरिया (गला घोंटू) बीमारी तेजी से फैल रही है और स्वास्थ्य विभाग हालात पर काबू नहीं कर पा रहा है। सर्विलांस टीमें गठित की गईं हैं लेकिन वह सिर्फ जांच के लिए सैंपल भेजने और साफ-सफाई तक ही सीमित है।

  • डिप्थीरिया एक जीवाणु संक्रमण है, जो मुख्यत: कोराइम बैक्टीरियम डिप्थीरिया के कारण होता है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने व छींकने पर उसके संपर्क में आने वाला व्यक्ति भी संक्रमित हो जाता है। गले में होने वाले इस रोग है जो गले व नाक की श्लेष्मा झिल्ली को प्रभावित करता है।

  • पीडि़त के गले में दर्द, तेज बुखार और मुंह में सफेद झिल्ली बन जाती है। गले में सूजन से सांस नली दब जाती है। दिल पर भी असर होता है। सही समय पर इलाज नहीं मिलने से बच्चे-किशोर की मौत भी हो जाती है।

  • फिलहाल जिलों से केजीएमयू में सैंपल भेजे जा रहे हैं और यहां डिप्थीरिया की जांच के लिए टीम लगाई गई है। लखीमपुर खीरी व अन्य जिलों में बच्चों में मलेरिया से बच्चे बीमार हुए हैं।

  • चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक डा. लिली सिंह की ओर से पत्र जारी कर सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि लक्षण युक्त बच्चों की तत्काल जांच कराई जाए, उसमें देरी न हो।

संपर्क में आने वाले को भी हो सकता है डिप्‍थीरिया

डिप्‍थीरिया बीमारी वैसे तो किसी भी आयुवर्ग को हो सकती है, लेकिन बच्‍चे सर्वाधिक इसकी चपेट में आते हैं। इसके होने के बाद सांस लेने में काफी परेशानी होती है। यदि कोई व्‍यक्ति इसके संपर्क में आता है तो उसे भी डिप्‍थीरिया हो सकता है। डिप्थीरिया का संदेह होने पर डॉक्‍टर से परामर्श करने के बाद ही बच्‍चों को दवा दें।

डिप्‍थीरिया के लक्षण

नाक का बहना

गले में दर्द

बुखार

बीमार महसूस करना


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