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खास खबर

सागर पैलेस में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत

आधुनिक सुविधा से सुसज्जित मैरिज हॉल से क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर ठेकमा। क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण उस समय आया जब आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ‘सागर पैलेस’ मैरिज हॉल में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत की गई। मैरिज हॉल के संस्थापक राम प्यारे राय ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। क्षेत्र में पहले विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए समुचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता था। ऐसे में सागर पैलेस के शुरू होने से अब क्षेत्रवासियों को एक सुसज्जित और व्यवस्थित स्थान मिल गया है, जहां विवाह, मांगलिक कार्यक्रम और सामाजिक आयोजन आसानी से आयोजित किए जा सकेंगे। सागर पैलेस के संचालन से क्षेत्र में रोजगार सृजन की दिशा में भी एक अहम पहल हुई है, जिससे स्थानीय लोगों को काम के अवसर मिलेंगे। ज्ञात हो कि 22 जुलाई 2024 को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की शुरुआत की गई थी। निरंतर प्रयासों के बाद निर्माण कार्य पूरा हुआ और 11 फरवरी 2026 को गृह प्रवेश के साथ इसे औपचारिक रूप ...

Health News UP: यूपी में संक्रामक बीमारी फैला रही पांव, अब तक नौ बच्चों में हो चुकी डिप्थीरिया की पुष्टि

लखनऊ। प्रदेश में संक्रामक रोग पांव पसार रहे हैं। अब तक प्रदेश में डिप्थीरिया (गला घोंटू) की नौ बच्चों में पुष्टि हो चुकी है। इसमें बांदा में छह, बलिया में दो और कन्नौज में एक बच्चे में इसकी पुष्टि हुई है। बीते दिनों बांदा में इससे चार बच्चों की मौत हुई थी।

यूपी में तेजी से फैल रही डिप्थीरिया (गला घोंटू) बीमारी

  • यूपी में डिप्थीरिया (गला घोंटू) बीमारी तेजी से फैल रही है और स्वास्थ्य विभाग हालात पर काबू नहीं कर पा रहा है। सर्विलांस टीमें गठित की गईं हैं लेकिन वह सिर्फ जांच के लिए सैंपल भेजने और साफ-सफाई तक ही सीमित है।

  • डिप्थीरिया एक जीवाणु संक्रमण है, जो मुख्यत: कोराइम बैक्टीरियम डिप्थीरिया के कारण होता है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने व छींकने पर उसके संपर्क में आने वाला व्यक्ति भी संक्रमित हो जाता है। गले में होने वाले इस रोग है जो गले व नाक की श्लेष्मा झिल्ली को प्रभावित करता है।

  • पीडि़त के गले में दर्द, तेज बुखार और मुंह में सफेद झिल्ली बन जाती है। गले में सूजन से सांस नली दब जाती है। दिल पर भी असर होता है। सही समय पर इलाज नहीं मिलने से बच्चे-किशोर की मौत भी हो जाती है।

  • फिलहाल जिलों से केजीएमयू में सैंपल भेजे जा रहे हैं और यहां डिप्थीरिया की जांच के लिए टीम लगाई गई है। लखीमपुर खीरी व अन्य जिलों में बच्चों में मलेरिया से बच्चे बीमार हुए हैं।

  • चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक डा. लिली सिंह की ओर से पत्र जारी कर सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि लक्षण युक्त बच्चों की तत्काल जांच कराई जाए, उसमें देरी न हो।

संपर्क में आने वाले को भी हो सकता है डिप्‍थीरिया

डिप्‍थीरिया बीमारी वैसे तो किसी भी आयुवर्ग को हो सकती है, लेकिन बच्‍चे सर्वाधिक इसकी चपेट में आते हैं। इसके होने के बाद सांस लेने में काफी परेशानी होती है। यदि कोई व्‍यक्ति इसके संपर्क में आता है तो उसे भी डिप्‍थीरिया हो सकता है। डिप्थीरिया का संदेह होने पर डॉक्‍टर से परामर्श करने के बाद ही बच्‍चों को दवा दें।

डिप्‍थीरिया के लक्षण

नाक का बहना

गले में दर्द

बुखार

बीमार महसूस करना


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