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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Health News UP: यूपी में संक्रामक बीमारी फैला रही पांव, अब तक नौ बच्चों में हो चुकी डिप्थीरिया की पुष्टि

लखनऊ। प्रदेश में संक्रामक रोग पांव पसार रहे हैं। अब तक प्रदेश में डिप्थीरिया (गला घोंटू) की नौ बच्चों में पुष्टि हो चुकी है। इसमें बांदा में छह, बलिया में दो और कन्नौज में एक बच्चे में इसकी पुष्टि हुई है। बीते दिनों बांदा में इससे चार बच्चों की मौत हुई थी।

यूपी में तेजी से फैल रही डिप्थीरिया (गला घोंटू) बीमारी

  • यूपी में डिप्थीरिया (गला घोंटू) बीमारी तेजी से फैल रही है और स्वास्थ्य विभाग हालात पर काबू नहीं कर पा रहा है। सर्विलांस टीमें गठित की गईं हैं लेकिन वह सिर्फ जांच के लिए सैंपल भेजने और साफ-सफाई तक ही सीमित है।

  • डिप्थीरिया एक जीवाणु संक्रमण है, जो मुख्यत: कोराइम बैक्टीरियम डिप्थीरिया के कारण होता है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने व छींकने पर उसके संपर्क में आने वाला व्यक्ति भी संक्रमित हो जाता है। गले में होने वाले इस रोग है जो गले व नाक की श्लेष्मा झिल्ली को प्रभावित करता है।

  • पीडि़त के गले में दर्द, तेज बुखार और मुंह में सफेद झिल्ली बन जाती है। गले में सूजन से सांस नली दब जाती है। दिल पर भी असर होता है। सही समय पर इलाज नहीं मिलने से बच्चे-किशोर की मौत भी हो जाती है।

  • फिलहाल जिलों से केजीएमयू में सैंपल भेजे जा रहे हैं और यहां डिप्थीरिया की जांच के लिए टीम लगाई गई है। लखीमपुर खीरी व अन्य जिलों में बच्चों में मलेरिया से बच्चे बीमार हुए हैं।

  • चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक डा. लिली सिंह की ओर से पत्र जारी कर सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि लक्षण युक्त बच्चों की तत्काल जांच कराई जाए, उसमें देरी न हो।

संपर्क में आने वाले को भी हो सकता है डिप्‍थीरिया

डिप्‍थीरिया बीमारी वैसे तो किसी भी आयुवर्ग को हो सकती है, लेकिन बच्‍चे सर्वाधिक इसकी चपेट में आते हैं। इसके होने के बाद सांस लेने में काफी परेशानी होती है। यदि कोई व्‍यक्ति इसके संपर्क में आता है तो उसे भी डिप्‍थीरिया हो सकता है। डिप्थीरिया का संदेह होने पर डॉक्‍टर से परामर्श करने के बाद ही बच्‍चों को दवा दें।

डिप्‍थीरिया के लक्षण

नाक का बहना

गले में दर्द

बुखार

बीमार महसूस करना


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