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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Court News: अबू सलेम को 22 अगस्त को पेश करने का आदेश, पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप बरी

Court News: अबू सलेम को 22 अगस्त को पेश करने का आदेश, पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप बरी

लखनऊ। फर्जी तरीके से पासपोर्ट बनवाने के मामले में सीबीआइ की विशेष अदालत ने आरोपी अबू सलेम को 22 अगस्त को पेश करने का आदेश दिया है। अबू सलेम नवी मुंबई की तलोजा जेल में निरुद्ध है। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट समृद्धि मिश्रा ने एक अन्य आरोपी परवेज आलम की ओर से अंतिम बहस के लिए 10 अगस्त की तारीख तय की है। इस मामले में सीबीआइ की ओर से अंतिम बहस पूरी हो चुकी है। अब आरोपियों की ओर से बहस होना बाकी है।

बीती 21 जुलाई को विशेष अदालत के समक्ष इस मामले में अबू सलेम ने अपना बयान दर्ज कराया था। उसे नवी मुंबई की तलोजा जेल से महाराष्ट्र पुलिस की कड़ी सुरक्षा में पेश किया गया था। वर्ष 1993 में अबू सलेम ने अपना व अपनी कथित पत्नी समीरा जुमानी का कुटरचित दस्तावजो के आधार पर फर्जी नाम से पासपोर्ट बनवाया था। छह जुलाई, 1993 को यह पासपोर्ट प्राप्त किया गया था। अबू सलेम ने यह पासपोर्ट अभियुक्त परवेज आलम के माध्यम से बनवाया था। 29 जून, 1993 को आजमढ में पासपोर्ट के लिए आवेदन किया गया था। विवेचना के बाद सीबीआइ ने इस मामले में अभियुक्तों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी व कुटरचना आदि के साथ ही पासपोर्ट अधिनियम के तहत भी आरोप पत्र दाखिल किया था।

जाली भारतीय नोट के मामले में अभियुक्त सोहराब के खिलाफ आरोप तय : 

वर्ष 2019-20 के दौरान जाली भारतीय नोट हासिल करने व उसका इस्तेमाल कर आर्थिक स्थिरता को क्षति पहुंचाने के मामले में निरुद्ध अभियुक्त सोहराब के खिलाफ एनआइए/एटीएस की विशेष अदालत ने आरोप तय कर दिया है। विशेष जज अनुरोध मिश्रा ने इसके खिलाफ साजिशन कुटरचित करंेसी का व्यापार करने के साथ ही विधि विरुद्ध क्रिया कलाप निवारण अधिनियम के तहत भी आरोप तय किया है।

विशेष लोक अभियोजक एमके सिंह के मुताबिक अभियुक्त सोहराब ने बांग्लादेशी नागरिक मनीरुल इस्लाम से भारी मात्रा में उच्च क्वालिटी का जाली भारतीय नोट हासिल किया था। फिर देश की आर्थिक स्थिरता को क्षति पहुंचाने के इरादे से अन्य अभियुक्तों के जरिए इसका इस्तेमाल असल के रुप में कर रहा था। विवेचना के बाद एनआइए ने इसके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।

पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप समेत 12 अभियुक्त बरी :  

28 साल पुराने जानलेवा हमले के एक आपराधिक मामले में एमपी-एमएलए की विशेष अदालत ने पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप समेत 12 अभियुक्तों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। 21 फरवरी, 1994 को थाना हसनगंज से संबधित इस मामले की एफआइआर खुद पुलिस ने दर्ज कराई थी। इस मामले में लखनऊ विश्वविद्यालय से जुड़े तत्कालीन छात्र नेता आरोपी थे।

प्राइवेट अस्पताल मालिकों की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज : 

एम्बुलेंस वालों की मिलीभगत से लोहिया अस्पताल आने वाले मरीजों को अपने प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराने के मामले में वांछित अभियुक्त प्रीति पांडेंय, अखिलेश कुमार पांडेय व अतुल प्रजापति की अग्रिम जमानत अर्जी सत्र अदालत ने खारिज कर दी है। एडीजे महेश कुमार कुशवाहा ने प्रथम दृष्टया इनके अपराध को गंभीर करार दिया है। सरकारी वकील अरुण पांडेय के मुताबिक अभियुक्त प्रीति व अखिलेश सन हास्पिटल जबकि अतुल अपरान हास्पिटल का मालिक है। सात जून, 2022 को इस मामले की एफआइआर डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजन भटनागर ने थाना विभुतिखंड में दर्ज कराई थी।

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