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खास खबर

24 घंटे की तलाश के बाद 10 वर्षीय वैभव का शव पड़ोसी के बेसमेंट से बरामद, हत्या का आरोप

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पड़ोसी हिरासत में पूछताछ में हत्या की बात कबूल, कस्बे में शोक और आक्रोश गोरखपुर। खजनी कस्बे में सर्राफा कारोबारी के 10 वर्षीय पौत्र वैभव वर्मा की अपहरण के बाद हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। करीब 24 घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस ने पड़ोसी सर्वेश भट्ट को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी के बयान के आधार पर उसके घर के बेसमेंट से वैभव का शव बरामद किया गया। जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर स्कूल से घर लौटने के बाद वैभव साइकिल लेकर खेलने निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। कुछ देर बाद उसकी साइकिल और एक चप्पल खेत के पास मिली, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. कौस्तुभ के निर्देशन में पांच टीमें गठित की गईं। डॉग स्क्वॉयड, फॉरेंसिक टीम और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच आगे बढ़ाई गई। सीसीटीवी फुटेज में वैभव के पीछे पड़ोसी सर्वेश भट्ट जाता दिखाई दिया। इसी आधार पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार की और उसकी निशानदेही पर ...

Azamgarh: विश्व पेंचक सिलाट चैंपियनशिप में सूरज प्रकाश श्रीवास्तव ने रचा इतिहास

80-85 भार वर्ग के क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने वाले पहले खिलाड़ी बने

आजमगढ़। पेंचक सिलाट मार्शल आर्ट्स के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी सूरज प्रकाश श्रीवास्तव ने भारतीय टीम की तरफ से मलेशिया में आयोजित 19वीं विश्व पेंचक सिलाट चैंपियनशिप में 80-85 किलो भार वर्ग में क्वार्टर फाइनल पहुंच देश का मान बढ़ाया। सूरज ने इस भार वर्ग में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने। क्वार्टर फाइनल में थाईलैंड के खिलाड़ी से कड़े मुकाबले में कुछ अंकों से हार का सामना करना पड़ा। इस विश्व चैंपियनशिप में लगभग 59 देशों के खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया था।

सूरज प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि विश्व चैंपियनशिप किसी भी खेल की वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ी चैंपियनशिप होती है, यहां तक प्रतिभाग करना हर खिलाड़ी का सपना होता है, मुझे इंडियन पेंचक सिलाट फेडरेशन के पदाधिकारियों व टीम के चयनकर्ताओं ने इस चैंपियनशिप में प्रतिभाग करने का अवसर दिया इसके लिए बहुत आभारी हूूं, आज़मगढ़ जैसे शहर में बिना किसी अत्याधुनिक सुविधाओं के कठिन परिश्रम से मैंने तैयारी किया था तथा 21 दिन का भारतीय टीम के श्रीनगर में लगे कैंप में भी प्रशिक्षण लिया था,  मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने की पूरी कोशिश किया। लेकिन कुछ तकनीकी अंकों से मुझे क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। मेरे लिए हर गर्व का विषय है कि इस भार वर्ग में विश्व चैंपियनशिप में क्वार्टरफाइनल तक पहुंचने वाला मैं पहला भारतीय खिलाड़ी हूं। पुनः अवसर मिला तो पूरी तैयारी कर प्रतिभाग करेंगे व स्वर्ण पदक से नही चूकेंगे। मैं इंडियन पेंचक सिलाट फेडरेशन के सीईओ व मुख्य कोच मोहम्मद इक़बाल, गुरु जसपाल सिंह कार्यकारी अध्यक्ष पेंचक सिलाट खेल संघ उत्तर प्रदेश व पिताजी- माताजी का विशेष रूप से आभारी हूं।  वहीं सूरज की इस उपलब्धि पर माता कुसुमलता श्रीवास्तवा, बहन संध्या श्रीवास्तवा, असिस्टेंट कमांडेंट रविकांत श्रीवास्तव, डा. सुनील चंद्र श्रीवास्तव ने खुशी जाहिर किया है



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