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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Azamgarh: विश्व पेंचक सिलाट चैंपियनशिप में सूरज प्रकाश श्रीवास्तव ने रचा इतिहास

80-85 भार वर्ग के क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने वाले पहले खिलाड़ी बने

आजमगढ़। पेंचक सिलाट मार्शल आर्ट्स के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी सूरज प्रकाश श्रीवास्तव ने भारतीय टीम की तरफ से मलेशिया में आयोजित 19वीं विश्व पेंचक सिलाट चैंपियनशिप में 80-85 किलो भार वर्ग में क्वार्टर फाइनल पहुंच देश का मान बढ़ाया। सूरज ने इस भार वर्ग में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने। क्वार्टर फाइनल में थाईलैंड के खिलाड़ी से कड़े मुकाबले में कुछ अंकों से हार का सामना करना पड़ा। इस विश्व चैंपियनशिप में लगभग 59 देशों के खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया था।

सूरज प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि विश्व चैंपियनशिप किसी भी खेल की वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ी चैंपियनशिप होती है, यहां तक प्रतिभाग करना हर खिलाड़ी का सपना होता है, मुझे इंडियन पेंचक सिलाट फेडरेशन के पदाधिकारियों व टीम के चयनकर्ताओं ने इस चैंपियनशिप में प्रतिभाग करने का अवसर दिया इसके लिए बहुत आभारी हूूं, आज़मगढ़ जैसे शहर में बिना किसी अत्याधुनिक सुविधाओं के कठिन परिश्रम से मैंने तैयारी किया था तथा 21 दिन का भारतीय टीम के श्रीनगर में लगे कैंप में भी प्रशिक्षण लिया था,  मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने की पूरी कोशिश किया। लेकिन कुछ तकनीकी अंकों से मुझे क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। मेरे लिए हर गर्व का विषय है कि इस भार वर्ग में विश्व चैंपियनशिप में क्वार्टरफाइनल तक पहुंचने वाला मैं पहला भारतीय खिलाड़ी हूं। पुनः अवसर मिला तो पूरी तैयारी कर प्रतिभाग करेंगे व स्वर्ण पदक से नही चूकेंगे। मैं इंडियन पेंचक सिलाट फेडरेशन के सीईओ व मुख्य कोच मोहम्मद इक़बाल, गुरु जसपाल सिंह कार्यकारी अध्यक्ष पेंचक सिलाट खेल संघ उत्तर प्रदेश व पिताजी- माताजी का विशेष रूप से आभारी हूं।  वहीं सूरज की इस उपलब्धि पर माता कुसुमलता श्रीवास्तवा, बहन संध्या श्रीवास्तवा, असिस्टेंट कमांडेंट रविकांत श्रीवास्तव, डा. सुनील चंद्र श्रीवास्तव ने खुशी जाहिर किया है



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