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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Azamgarh: राज्य मंत्री जिला अस्पताल का किया निरीक्षण में मिली खामियां

पीआइसीयू वार्ड में तैनात डाक्टर की किसी को नहीं ‌थी जानकारी

ड्यूटी से गायब डाक्टर पर कार्रवाई के निर्देश

कोकोनट आयल में भोजन बनाने को कहा

आजमगढ़। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष (राज्यमंत्री स्तर) डा. देवेंद्र शर्मा ने गुरुवार को मंडलीय जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। मंत्री ने निरीक्षण के दौरान मरीजों से बातचीत कर व्यवस्था की जानकारी ली। कुपोषण वार्ड के रसोइयादार से कोकोनट आयल में भोजन बनाने के निर्देश दिए।

उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष ने इमरजेंसी वार्ड, ओपीडी, महिला वार्ड, एआरटी सेंटर एवं पीकू वार्ड का निरीक्षण किया। मरीजों से खानपान, दवा इत्यादि की जानकारी ली। पीआइसीयू वार्ड में उन्होंने ड्यूटी पर तैनात स्वाथ्यकर्मियों से डाक्टर के बारे में पूछा तो कोई जवाब नहीं दे पाया कि किस डाक्टर की ड्यूटी है। एसआइसी को भी नहीं पता था कि कौन डाक्टर ड्यूटी पर है। इसके लिए उन्होंने एसआइसी को निर्देशित करते हुए कहा कि ड्यूटी से गायब रहने वाले डाक्टर पर कार्रवाई करें। इसके बाद सीधे पुनर्वास केंद्र पहुंचे, जहां 10 की क्षमता वाले वार्ड में नौ बच्चे भर्ती हैं। उनसे व्यवस्था के बारे में खानपान,दवा, नाश्ता, दाल-चावल की जानकारी ली। पुर्नवास के रसोईघर में भोजन बनाने की व्यवस्था की जानकारी ली। मरीजों ने बताया कि भोजन रिफाइन आयल में बनता है। उन्होंने कोकोनट आयल में भोजन बनाने के निर्देश दिए। सीएमओ डा. इंद्र नारायण तिवारी को निर्देशित किया कि मानक के अनुरूप बीमार बच्चों में खाद्य पदार्थ की उपलब्धता सुनिश्चित करें।


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