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खास खबर

सागर पैलेस में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत

आधुनिक सुविधा से सुसज्जित मैरिज हॉल से क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर ठेकमा। क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण उस समय आया जब आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ‘सागर पैलेस’ मैरिज हॉल में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत की गई। मैरिज हॉल के संस्थापक राम प्यारे राय ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। क्षेत्र में पहले विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए समुचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता था। ऐसे में सागर पैलेस के शुरू होने से अब क्षेत्रवासियों को एक सुसज्जित और व्यवस्थित स्थान मिल गया है, जहां विवाह, मांगलिक कार्यक्रम और सामाजिक आयोजन आसानी से आयोजित किए जा सकेंगे। सागर पैलेस के संचालन से क्षेत्र में रोजगार सृजन की दिशा में भी एक अहम पहल हुई है, जिससे स्थानीय लोगों को काम के अवसर मिलेंगे। ज्ञात हो कि 22 जुलाई 2024 को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की शुरुआत की गई थी। निरंतर प्रयासों के बाद निर्माण कार्य पूरा हुआ और 11 फरवरी 2026 को गृह प्रवेश के साथ इसे औपचारिक रूप ...

Azamgarh: राज्य मंत्री जिला अस्पताल का किया निरीक्षण में मिली खामियां

पीआइसीयू वार्ड में तैनात डाक्टर की किसी को नहीं ‌थी जानकारी

ड्यूटी से गायब डाक्टर पर कार्रवाई के निर्देश

कोकोनट आयल में भोजन बनाने को कहा

आजमगढ़। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष (राज्यमंत्री स्तर) डा. देवेंद्र शर्मा ने गुरुवार को मंडलीय जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। मंत्री ने निरीक्षण के दौरान मरीजों से बातचीत कर व्यवस्था की जानकारी ली। कुपोषण वार्ड के रसोइयादार से कोकोनट आयल में भोजन बनाने के निर्देश दिए।

उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष ने इमरजेंसी वार्ड, ओपीडी, महिला वार्ड, एआरटी सेंटर एवं पीकू वार्ड का निरीक्षण किया। मरीजों से खानपान, दवा इत्यादि की जानकारी ली। पीआइसीयू वार्ड में उन्होंने ड्यूटी पर तैनात स्वाथ्यकर्मियों से डाक्टर के बारे में पूछा तो कोई जवाब नहीं दे पाया कि किस डाक्टर की ड्यूटी है। एसआइसी को भी नहीं पता था कि कौन डाक्टर ड्यूटी पर है। इसके लिए उन्होंने एसआइसी को निर्देशित करते हुए कहा कि ड्यूटी से गायब रहने वाले डाक्टर पर कार्रवाई करें। इसके बाद सीधे पुनर्वास केंद्र पहुंचे, जहां 10 की क्षमता वाले वार्ड में नौ बच्चे भर्ती हैं। उनसे व्यवस्था के बारे में खानपान,दवा, नाश्ता, दाल-चावल की जानकारी ली। पुर्नवास के रसोईघर में भोजन बनाने की व्यवस्था की जानकारी ली। मरीजों ने बताया कि भोजन रिफाइन आयल में बनता है। उन्होंने कोकोनट आयल में भोजन बनाने के निर्देश दिए। सीएमओ डा. इंद्र नारायण तिवारी को निर्देशित किया कि मानक के अनुरूप बीमार बच्चों में खाद्य पदार्थ की उपलब्धता सुनिश्चित करें।


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