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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Azamgarh: गैर इरादतन हत्या के आरोपी को दस साल करावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड

आजमगढ़। गैर इरादतन हत्या के मुकदमे में सुनवाई पर पूरी करने के बाद अदालत ने एक आरोपी को दस वर्ष के कठोर कारावास तथा पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-1 बीडी भारती ने मंगलवार को सुनाया।

मुकदमें के अनुसार दीदारगंज थाना क्षेत्र के सदरपुर कैथौली गांव का फूलचंद रिक्शा ठेला चलाता था। फूलचंद 21 अक्टूबर 2002 की शाम छह बजे रिक्शा ठेला खड़ा कर घर वापस आ रहा था। तभी मछली मारने की रंजिश को लेकर गांव के ही प्रदीप पुत्र बहादुर तथा प्रदीप के नाबालिग भाई ने फूलचंद को लकड़ी के डंडे से हमला कर दिया। दोनों ने उसकी इतनी पिटाई की कि वह अधमरा हो गया। उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उपचार के दौरान 24 अक्टूबर को फूलचंद की मृत्यु हो गई। इस मामले में मृतक फूलचंद की पत्नी ने हमलावरों के विरुद्ध दीदारगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित कर दी। अदालत ने एक आरोपी के नाबालिग होने के कारण उसके पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई। शासकीय अधिवक्ता जगदंबा प्रसाद पांडेय ने अजय कुमार, सुरेश, इंद्रावती, डॉ. राजेंद्र कुमार, डॉ. ओम प्रकाश सिंह, दिलीप कुमार पांडेय तथा हीरालाल सिंह यादव को बतौर साक्षी अदालत में परीक्षित कराया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी प्रदीप को दस वर्ष के कठोर कारावास तथा पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।

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