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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Azamgarh: घट रही घाघरा, उर्दिहा, परसिया व महुला में कटान तेज

आजमगढ़।  घाघरा नदी के घटने और बढ़ने का क्रम जारी है। जिससे देवारा के लोग घबराए हैं। कारण नदी ने अब कटान तेज कर दिया है। कई लोगों की कृषि योग्य भूमि कटान की जद में है, तो कुुछ की जमीन घाघरा में समा चुकी है। पिछले 24 घंटों की बात करें तो नदी का जलस्तर घटा है। शुक्रवार को बदरहुवां में 30 सेमी व डिघिया में 28 सेमी का घटाव दर्ज किया गया।
बदरहुंआ गेज पर घाघरा नदी का न्यूनतम जलस्तर 70.26 मीटर, खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.98 मीटर है। बृहस्पतिवार को बदरहुंआ गेज पर नदी का जलस्तर 70.44 मीटर दर्ज किया गया था जो शुक्रवार को 30 सेमी घटकर 70.14 मीटर हो गया। डिघिया नाले पर नदी का न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.10 मीटर है। डिघिया नाले पर गुरूवार को जलस्तर 69.82 मीटर था  जो गुरूवार  को 28 सेमी घटकर 69.54 मीटर हो गया। नदी चाहे बढ़ रही हो या घट रही हो लेकिन दोनों परिस्थितियों में कटान जारी है। कटान को लेकर सीमावर्ती गांवों के लोग काफी परेशान हैं। कई गांवों के किसानों की कृषि योग्य भूमि नदी में समा चुकी है। घाघरा नदी के जलस्तर में कमी होने से घाघरा नदी अपने तटवर्ती क्षेत्रों में कटान कर रही है। उर्दिहा, परसिया, सहबदिया, महुला अ‌ादि गांवों के किसानों की जमीन काट रही है। 

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