केंद्रीय पब्लिक एकेडमी का शानदार प्रदर्शन CBSE 10वीं परीक्षा 2026 में छात्रों का उत्कृष्ट परिणाम कई विद्यार्थियों ने 90% से अधिक अंक किए हासिल आजमगढ़। रानी की सराय के सैय्यद्वारा स्थित केंद्रीय पब्लिक एकेडमी (पीजी कॉलेज के निकट) के विद्यार्थियों ने CBSE बोर्ड कक्षा 10 की परीक्षा 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए विद्यालय ही नहीं बल्कि पूरे जनपद का नाम गौरवान्वित किया है। इस वर्ष विद्यालय का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा, जिसमें अधिकांश विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी से सफलता प्राप्त की। कई छात्रों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। विद्यालय द्वारा जारी परिणाम के अनुसार मेधावी छात्र जय कृष्ण राय ने 93.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम स्थान हासिल किया। उनकी इस सफलता पर विद्यालय परिवार में खुशी का माहौल है। वहीं श्रेया गुप्ता ने 92.8 प्रतिशत अंक के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया। समृद्धि पाण्डेय (92.6%), हर्षिता यादव (92%) एवं श्रेया यादव (91.6%) ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थानों में अपनी जगह बनाई। प्रधानाचार्य डॉ. काजी सिद्...
Azamgarh: बैठे हुए गजानन की करें स्थापना, मिलेगी सुख-समृद्धि, भूलकर भी ना रखें गणपति की ऐसी मूर्ति
Ganesh Chaturthi 2022 दाईं ओर सूंड वाले
गणपति की पूजा के लिए विशेष नियमों का पालन करना पड़ता है। गणेश जी को
भालचंद्र भी कहते हैं। इसलिए गणेश जी की ऐसी मूर्ति की पूजा करनी चाहिए
जिनके भाल यानी ललाट पर चंद्रमा बना हुआ हो।
आजमगढ़। प्रथम पूज्य गजानन की
स्थापना का पर्व गणेश चतुर्थी 31 अगस्त को है। गजानन की स्थापना से लेकर
पूजन तक का विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। आचार्य एसएस नागपाल ने
बताया कि बैठे हुए गजानन की प्रतिमा की स्थापना करना श्रेयस्कर होता है।
ऐसी प्रतिमा स्थापित करने से जीवन में समृद्धि आती है और लक्ष्मी का घर में
स्थाई रूप से वास होता है। ऐसी मान्यता है कि घर में क्रिस्टल के गणेश जी
की पूजन से सभी वास्तु दोष कट जाते हैं। आप घर में क्रिस्टल के छोटे गणेश
जी रख सकते हैं।
आचार्य चंदन महाराज ने बताया
कि गणेशजी की मिट्टी की बनी हुई प्रतिमा शुभ फलदायी मानी गई है। बैठे हुए
गणेश जी की प्रतिमा लेना शुभ माना गया है। ऐसी मूर्ति की पूजा करने से
स्थाई धन लाभ होता है और कामकाज में आने वाली रुकावटें भी खत्म हो जाती
हैं। गणेश जी को वक्रतुंड कहा जाता है। इसलिए उनकी सूंड़ बांई और मुडी हुई
होनी चाहिए। ऐसी प्रतिमा की पूजा करने से भगवान शीघ्र प्रसन्न होते हैं और
संकटों से छुटकारा मिल जाता है।
वहीं दाईं ओर सूंड
वाले गणपति की पूजा के लिए विशेष नियमों का पालन करना पड़ता है। गणेश जी को
भालचंद्र भी कहते हैं। इसलिए गणेश जी की ऐसी मूर्ति की पूजा करनी चाहिए
जिनके भाल यानी ललाट पर चंद्रमा बना हुआ हो। गणेश जी के हाथ में मोदक होना
चाहिए ऐसी मूर्ति सुख-समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है। विधि विधान से पूजन
करें।
राशियों के अनुरूप करें गजानन के रंगों का ध्यान
मेष- सिंदूरी रंग के गणेशजी की आराधना करना चाहिए।
वृषभ - सफ़ेद रंग के श्रीगणेशजी की आराधना करना उत्तम होगा।
मिथुन - हरे रंग की गणेश प्रतिमा की पूजा करना शुभ होगा।
कर्क -सफेद रंग के गणेशजी की आराधना करना श्रेष्ठ रहेगा।
सिंह - लाल रंग की श्रीगणेश प्रतिमा की आराधना करना चाहिए।
कन्या -हरे रंग के गणेशजी की आराधना करना श्रेष्ठ रहता है।
तुला - सफेद रंग के गणेशजी की प्रतिमा का पूजन करना सर्वोत्तम होता है।
वृश्चिक -लाल रंग के श्रीगणेशजी की आराधना करना चाहिए।
धनु - पीले रंग की गणेशजी की आराधना करना चाहिए।
मकर - नीले रंग के श्रीगणेश की आराधना करना चाहिए।
कुंभ - आसमानी रंग की गणेश प्रतिमा की आराधना करनी चाहिए।
मीन -हल्दी या पीले रंग के श्री गणेशजी की आराधना करनी चाहिए।