कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...
Azamgarh: बैठे हुए गजानन की करें स्थापना, मिलेगी सुख-समृद्धि, भूलकर भी ना रखें गणपति की ऐसी मूर्ति
Ganesh Chaturthi 2022 दाईं ओर सूंड वाले
गणपति की पूजा के लिए विशेष नियमों का पालन करना पड़ता है। गणेश जी को
भालचंद्र भी कहते हैं। इसलिए गणेश जी की ऐसी मूर्ति की पूजा करनी चाहिए
जिनके भाल यानी ललाट पर चंद्रमा बना हुआ हो।
आजमगढ़। प्रथम पूज्य गजानन की
स्थापना का पर्व गणेश चतुर्थी 31 अगस्त को है। गजानन की स्थापना से लेकर
पूजन तक का विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। आचार्य एसएस नागपाल ने
बताया कि बैठे हुए गजानन की प्रतिमा की स्थापना करना श्रेयस्कर होता है।
ऐसी प्रतिमा स्थापित करने से जीवन में समृद्धि आती है और लक्ष्मी का घर में
स्थाई रूप से वास होता है। ऐसी मान्यता है कि घर में क्रिस्टल के गणेश जी
की पूजन से सभी वास्तु दोष कट जाते हैं। आप घर में क्रिस्टल के छोटे गणेश
जी रख सकते हैं।
आचार्य चंदन महाराज ने बताया
कि गणेशजी की मिट्टी की बनी हुई प्रतिमा शुभ फलदायी मानी गई है। बैठे हुए
गणेश जी की प्रतिमा लेना शुभ माना गया है। ऐसी मूर्ति की पूजा करने से
स्थाई धन लाभ होता है और कामकाज में आने वाली रुकावटें भी खत्म हो जाती
हैं। गणेश जी को वक्रतुंड कहा जाता है। इसलिए उनकी सूंड़ बांई और मुडी हुई
होनी चाहिए। ऐसी प्रतिमा की पूजा करने से भगवान शीघ्र प्रसन्न होते हैं और
संकटों से छुटकारा मिल जाता है।
वहीं दाईं ओर सूंड
वाले गणपति की पूजा के लिए विशेष नियमों का पालन करना पड़ता है। गणेश जी को
भालचंद्र भी कहते हैं। इसलिए गणेश जी की ऐसी मूर्ति की पूजा करनी चाहिए
जिनके भाल यानी ललाट पर चंद्रमा बना हुआ हो। गणेश जी के हाथ में मोदक होना
चाहिए ऐसी मूर्ति सुख-समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है। विधि विधान से पूजन
करें।
राशियों के अनुरूप करें गजानन के रंगों का ध्यान
मेष- सिंदूरी रंग के गणेशजी की आराधना करना चाहिए।
वृषभ - सफ़ेद रंग के श्रीगणेशजी की आराधना करना उत्तम होगा।
मिथुन - हरे रंग की गणेश प्रतिमा की पूजा करना शुभ होगा।
कर्क -सफेद रंग के गणेशजी की आराधना करना श्रेष्ठ रहेगा।
सिंह - लाल रंग की श्रीगणेश प्रतिमा की आराधना करना चाहिए।
कन्या -हरे रंग के गणेशजी की आराधना करना श्रेष्ठ रहता है।
तुला - सफेद रंग के गणेशजी की प्रतिमा का पूजन करना सर्वोत्तम होता है।
वृश्चिक -लाल रंग के श्रीगणेशजी की आराधना करना चाहिए।
धनु - पीले रंग की गणेशजी की आराधना करना चाहिए।
मकर - नीले रंग के श्रीगणेश की आराधना करना चाहिए।
कुंभ - आसमानी रंग की गणेश प्रतिमा की आराधना करनी चाहिए।
मीन -हल्दी या पीले रंग के श्री गणेशजी की आराधना करनी चाहिए।