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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Azamgarh: गहनता से हुई जांच तो जनपद में भी मिल सकते हैं फर्जी शिक्षक

संयुक्त शिक्षा निदेशक के निर्देश पर गठित की जाएगी  कमेटी

झांसी प्रकरण के बाद अब जिले में होगी फर्जी शिक्षकों की जांच

आजमगढ़। झांसी में फर्जी नियुक्ति पत्र पर सरकारी विद्यालयों में नौकरी करते पांच शिक्षकों को पकड़ा गया है। उनके पकड़े जाने के बाद अब माध्यमिक शिक्षा विभाग भी सतर्क हो गया है। संयुक्त शिक्षा निदेशक के निर्देश पर जिले में पदभार ग्रहण करने की जांच कराई जाएगी। इसमें पता किया जाएगा कि किसी विद्यालय में कोई फर्जीवाड़ा करके नई नियुक्ति या तबादले का आदेश दिखाकर किसी ने कार्यभार तो ग्रहण नहीं कर लिया है। संयुक्त शिक्षा निदेशक वाईके सिंह ने बताया कि फर्जीवाड़ा करने वालों की धरपकड़ के लिए जिले में बीते कुछ महीनों में हुई ज्वानिंग की जांच कराई जाएगी। इस संबंध में जल्द विस्तृत दिशा निर्देश जारी होंगे। उन्होंने कहा कि झांसी प्रकरण के बाद यहां भी अपने स्तर से जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि झांसी में पकड़े गए सभी आरोपी आजमगढ़ के रहने वाले हैं। ऐसे में यहां जांच होना बेहद जरूरी है। यद‌ि कोई फर्जीवाड़ा मिलता है तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी। यह कमेटी जिलेस्तर पर अपना काम करेगी।

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