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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Azamgarh: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में कई नाम शामिल

भूपेंद्र चौधरी और केशव मौर्या के नामों पर चर्चा तेज

आजमगढ़।  यूपी में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष का पद लंबे समय से खाली है। अटकलों के बाजार में प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में कई नाम शामिल हैं। एकदम तरोताजा नाम योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी का भी है। जिन्हें बुधवार को अचानक पार्टी ने दिल्ली बुला लिया था। जिसके बाद तेजी से राजनीतिक गलियारों में चर्चा फैल गई कि भूपेंद्र चौधरी यूपी में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हो सकते हैं। प्रदेश अध्यक्ष बनने की रेस में कई नाम शामिल हैं। उनमें बीते तीन से चार दिनों में सबसे महत्वपूर्ण नाम उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का है। केशव प्रसाद मौर्य भी पिछले दिनों राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर चुके हैं।  इसके बाद उनके एक ट्वीट ने ये इशारा किया था कि वो प्रदेश अध्यक्ष बनाए जा सकते हैं पर इसी बीच पार्टी हाईकमान ने भूपेन्द्र चौधरी को दिल्ली बुला लिया। जिसके बाद एक बार फिर अटकलों का बाजार गर्म हो गया। पिछले कुछ दिनों से सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कौन बीजेपी उत्तर प्रदेश  का नया अध्यक्ष होगा।लोकसभा चुनाव में यूपी की 80 में से 75 सीटों पर भाजपा कब्जा करना चाहती है। ऐसे में बीते कुछ वर्षों पर नजर डालें तो लोकसभा चुनाव ब्राह्मण और विधानसभा चुनाव पिछड़ा वर्ग से बनाए गए अध्यक्ष के नेतृत्व में लड़ा जाता रहा है। मसलन, 2014 लोकसभा चुनाव में लक्ष्मीकांत वाजपेयी, 2017 के विधानसभा चुनाव में केशव प्रसाद मौर्य, 2019 के लोकसभा चुनाव में डा. महेंद्रनाथ पांडेय और 2022 के विधानसभा चुनाव में स्वतंत्रदेव सिंह ने संगठन की बागडोर संभाली थी और भाजपा को एक के बाद एक शानदार परिणाम दिए है। इसलिए बीजेपी जल्दबाजी में कोई गलती नहीं करना चाहती है। बता दें कि लोकसभा चुनाव 2024 को देखते हुए भाजपा कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है। इसलिए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा से पूर्व पार्टी फूंक फूंक कर कदम रख रही है। बीजेपी 2024 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए जातीय समीकरणों पर फोकस कर नए अध्यक्ष का नाम तय करेगी।उत्तर प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष रहे स्वतंत्र देव सिंह को मार्च में योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट में शामिल किया गया था। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा केंद्रीय नेतृत्व को सौंप दिया था। अब सबसे बड़ा सवाल यही कि भाजपा किसे उत्तर प्रदेश का अध्यक्ष घोषित करेगी।

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