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हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

azamgarh : वाहन से ‘8’ बनाने वाले अभ्यर्थी होंगे पास


 - ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में कैमरा लेगा ड्राइविंग टेस्ट

- खत्म होगा दलालों का झंझट, आसानी से बनेगा लाइसेंस

आजमगढ़। स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वालों का कैमरा टेस्ट लेगा, पास होते ही सिस्टम ड्राइविंग लाइसेंस बनने को भेज देगा। इस व्यवस्था के बाद दलालों व पैरवी करने वालों का राज खत्म हो जाएगा। इसके लिए आईटीआई में बने ड्राइविंग टेस्टिंग और ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (डीटीटीआई) में कैमरा लगाए गए हैं। अब उपकरण भी लगाए जाएंगे। हाला‌कि अभी बुधवार से टेस्ट शुरू हो जाएगा। जहां वाहन चलाकर अभ्यर्थी को ‘8’ (आठ) के आकार में वाहन चलाना होगा। आठ बनाने वाले अभ्यर्थी पास होंगे और उनका लाइसेंस जारी किया जाएगा।

परिवहन विभाग ने प्रथम चरण में घर बैठे ही लर्निंग लाइसेंस बनाने की व्यवस्था लागू कर दी है। लर्निंग लाइसेंस बनाने के लिए आनलाइन आवेदन व शुल्क जमा करना होता है। मोबाइल या कंप्यूटर जिसमें कैमरा लगा हो, उससे परीक्षा देना होता है। परीक्षा में सफल होते ही लर्निंग लाइसेंस बनकर तैयार हो जाता है और आवेदक प्रिंट निकाल लेता है। फेल होने पर कारण का फोटो समेत प्रमाण भी उपलब्ध कराया जाता है। वर्तमान में स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए आनलाइन आवेदन व शुल्क जमा करना होता है। उसके बाद बायोमैट्रिक कराने, आनलाइन परीक्षा देने व वाहन चलाकर टेस्ट देने के लिए परिवहन विभाग के आफिस जाना होता है। जहां दलालों व पैरवी करने वालों का राज चलता है। परिवहन विभाग इस व्यवस्था को खत्म करने जा रहा है। इसके लिए आधुनिक उपकरण लगाने के साथ ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर आधुनिक कैमरा लगाया गया है। अब आवेदक को कैमरा की निगरानी में वाहन चलाना होगा। कैमरा वाहन चलने में कहां-कहां गलती हुई, इसकी फोटो समेत जानकारी भी उपलब्ध कराएगा। सफलता पूर्वक वाहन चलाने के बाद कैमरा पास कर देगा और ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए कंपनी के पास भेज देगा। कैमरा द्वारा फेल कर दिए जाने पर कोई भी पास नहीं कर सकता है, आवेदक को दोबारा आवेदन करना होगा और टेस्ट ड्राइविंग देना होगा।

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ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (डीटीआइ) में टेस्ट ड्राइविंग के लिए कैमरा व उपकरण लगाए जाने थे। कैमरा लग गया है, उपकरण की मांग की गई है। अभी कैमरे की निगरानी में परीक्षा बुधवार से शुरू होगी। अब ड्राइविंग लाइसेंस बनाने में सभी प्रकार का हस्तक्षेप खत्म हो जाएगा।

पवन सोनकर, आरआई।

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