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खास खबर

सागर पैलेस में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत

आधुनिक सुविधा से सुसज्जित मैरिज हॉल से क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर ठेकमा। क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण उस समय आया जब आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ‘सागर पैलेस’ मैरिज हॉल में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत की गई। मैरिज हॉल के संस्थापक राम प्यारे राय ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। क्षेत्र में पहले विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए समुचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता था। ऐसे में सागर पैलेस के शुरू होने से अब क्षेत्रवासियों को एक सुसज्जित और व्यवस्थित स्थान मिल गया है, जहां विवाह, मांगलिक कार्यक्रम और सामाजिक आयोजन आसानी से आयोजित किए जा सकेंगे। सागर पैलेस के संचालन से क्षेत्र में रोजगार सृजन की दिशा में भी एक अहम पहल हुई है, जिससे स्थानीय लोगों को काम के अवसर मिलेंगे। ज्ञात हो कि 22 जुलाई 2024 को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की शुरुआत की गई थी। निरंतर प्रयासों के बाद निर्माण कार्य पूरा हुआ और 11 फरवरी 2026 को गृह प्रवेश के साथ इसे औपचारिक रूप ...

azamgarh : वाहन से ‘8’ बनाने वाले अभ्यर्थी होंगे पास


 - ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में कैमरा लेगा ड्राइविंग टेस्ट

- खत्म होगा दलालों का झंझट, आसानी से बनेगा लाइसेंस

आजमगढ़। स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वालों का कैमरा टेस्ट लेगा, पास होते ही सिस्टम ड्राइविंग लाइसेंस बनने को भेज देगा। इस व्यवस्था के बाद दलालों व पैरवी करने वालों का राज खत्म हो जाएगा। इसके लिए आईटीआई में बने ड्राइविंग टेस्टिंग और ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (डीटीटीआई) में कैमरा लगाए गए हैं। अब उपकरण भी लगाए जाएंगे। हाला‌कि अभी बुधवार से टेस्ट शुरू हो जाएगा। जहां वाहन चलाकर अभ्यर्थी को ‘8’ (आठ) के आकार में वाहन चलाना होगा। आठ बनाने वाले अभ्यर्थी पास होंगे और उनका लाइसेंस जारी किया जाएगा।

परिवहन विभाग ने प्रथम चरण में घर बैठे ही लर्निंग लाइसेंस बनाने की व्यवस्था लागू कर दी है। लर्निंग लाइसेंस बनाने के लिए आनलाइन आवेदन व शुल्क जमा करना होता है। मोबाइल या कंप्यूटर जिसमें कैमरा लगा हो, उससे परीक्षा देना होता है। परीक्षा में सफल होते ही लर्निंग लाइसेंस बनकर तैयार हो जाता है और आवेदक प्रिंट निकाल लेता है। फेल होने पर कारण का फोटो समेत प्रमाण भी उपलब्ध कराया जाता है। वर्तमान में स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए आनलाइन आवेदन व शुल्क जमा करना होता है। उसके बाद बायोमैट्रिक कराने, आनलाइन परीक्षा देने व वाहन चलाकर टेस्ट देने के लिए परिवहन विभाग के आफिस जाना होता है। जहां दलालों व पैरवी करने वालों का राज चलता है। परिवहन विभाग इस व्यवस्था को खत्म करने जा रहा है। इसके लिए आधुनिक उपकरण लगाने के साथ ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर आधुनिक कैमरा लगाया गया है। अब आवेदक को कैमरा की निगरानी में वाहन चलाना होगा। कैमरा वाहन चलने में कहां-कहां गलती हुई, इसकी फोटो समेत जानकारी भी उपलब्ध कराएगा। सफलता पूर्वक वाहन चलाने के बाद कैमरा पास कर देगा और ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए कंपनी के पास भेज देगा। कैमरा द्वारा फेल कर दिए जाने पर कोई भी पास नहीं कर सकता है, आवेदक को दोबारा आवेदन करना होगा और टेस्ट ड्राइविंग देना होगा।

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ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (डीटीआइ) में टेस्ट ड्राइविंग के लिए कैमरा व उपकरण लगाए जाने थे। कैमरा लग गया है, उपकरण की मांग की गई है। अभी कैमरे की निगरानी में परीक्षा बुधवार से शुरू होगी। अब ड्राइविंग लाइसेंस बनाने में सभी प्रकार का हस्तक्षेप खत्म हो जाएगा।

पवन सोनकर, आरआई।

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