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खास खबर

सागर पैलेस में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत

आधुनिक सुविधा से सुसज्जित मैरिज हॉल से क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर ठेकमा। क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण उस समय आया जब आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ‘सागर पैलेस’ मैरिज हॉल में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत की गई। मैरिज हॉल के संस्थापक राम प्यारे राय ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। क्षेत्र में पहले विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए समुचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता था। ऐसे में सागर पैलेस के शुरू होने से अब क्षेत्रवासियों को एक सुसज्जित और व्यवस्थित स्थान मिल गया है, जहां विवाह, मांगलिक कार्यक्रम और सामाजिक आयोजन आसानी से आयोजित किए जा सकेंगे। सागर पैलेस के संचालन से क्षेत्र में रोजगार सृजन की दिशा में भी एक अहम पहल हुई है, जिससे स्थानीय लोगों को काम के अवसर मिलेंगे। ज्ञात हो कि 22 जुलाई 2024 को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की शुरुआत की गई थी। निरंतर प्रयासों के बाद निर्माण कार्य पूरा हुआ और 11 फरवरी 2026 को गृह प्रवेश के साथ इसे औपचारिक रूप ...

Azamgarh: हरिहरपुर में दो दिवसीय कजरी महोत्सव 27 अगस्त से

महोत्सव का शुभारंभ निरहुआ करेंगे, आम्रपाली भी रहेंगी मौजूद 

आजमगढ़। हरिहरपुर में तीन दिवसीय कजरी महोत्सव आगामी 27 अगस्त से शुरू होगा। महोत्सव की तैयारियों को लेकर आयोजकों ने गुरूवार को शहर के पहाड़पुर स्थित भारतीय संगीत कला केंद्र पर बैठक कर कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की। 

 कार्यक्रम के बारे विस्तृत जानकारी देते हुए सचिव/निदेशक अजय मिश्र ने बताया कि तीन दिवसीय हरिहरपुर कजरी महोत्सव का आयोजन हरिहरपुर संगीत अकादमी हरिहरपुर घराना आजमगढ़ में 27 अगस्त की शाम साढ़े पांच बजे से शुरू होगा। महोत्सव का शुभारंभ आजमगढ़ सांसद दिनेश लाल यादव निरहुआ व भोजपुरी सिने-तारिका आम्रपाली दुबे करेंगी। महोत्सव में कजरी, शास्त्रीय गायन, तबला, सोलो सितार युगल बंदी व मुंबई, लखनऊ, दिल्ली, गोरखपुर सहित पूर्वी शहरों के कलाकार शिरकत करेंगे और कजरी गीत, भजन, गजल व लोकगीत की प्रस्तुति देंगे। हरिहरपुर घराना संगीत संस्थान के अध्यक्ष राजेश मिश्र ने कहा कि ऐसा लगता है कि मानव को जब स्वर और शब्द मिले, और जब लोक जीवन को प्रकृति का कोमल स्पर्श मिला होगा, उसी समय से लोकगीत कजरी की उत्पति हुई हैं लेकिन बदलते परिवेश के बीच कजरी विधा विलुप्त होती जा रही थी, लेकिन हरिहपुर घराना संगीत संस्थान ने संगीत की इस प्राचीन विधा को सदैव संजोने और उन्नति के शिखर तक पहुंचाने तक कटिबद्ध है। उन्होंने लोगों से कजरी महोत्सव में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष उदयशंकर मिश्र, अनुराग गुप्ता, प्रवीण मिश्र, हृदय मिश्र, दीपराज मिश्र, विशाल मिश्र, दुर्गेश मिश्र, मोहन मिश्र, आदर्श मिश्र, नंदलाल त्रियोगी आदि मौजूद रहे।    


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