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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Azamgarh: हरिहरपुर में दो दिवसीय कजरी महोत्सव 27 अगस्त से

महोत्सव का शुभारंभ निरहुआ करेंगे, आम्रपाली भी रहेंगी मौजूद 

आजमगढ़। हरिहरपुर में तीन दिवसीय कजरी महोत्सव आगामी 27 अगस्त से शुरू होगा। महोत्सव की तैयारियों को लेकर आयोजकों ने गुरूवार को शहर के पहाड़पुर स्थित भारतीय संगीत कला केंद्र पर बैठक कर कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की। 

 कार्यक्रम के बारे विस्तृत जानकारी देते हुए सचिव/निदेशक अजय मिश्र ने बताया कि तीन दिवसीय हरिहरपुर कजरी महोत्सव का आयोजन हरिहरपुर संगीत अकादमी हरिहरपुर घराना आजमगढ़ में 27 अगस्त की शाम साढ़े पांच बजे से शुरू होगा। महोत्सव का शुभारंभ आजमगढ़ सांसद दिनेश लाल यादव निरहुआ व भोजपुरी सिने-तारिका आम्रपाली दुबे करेंगी। महोत्सव में कजरी, शास्त्रीय गायन, तबला, सोलो सितार युगल बंदी व मुंबई, लखनऊ, दिल्ली, गोरखपुर सहित पूर्वी शहरों के कलाकार शिरकत करेंगे और कजरी गीत, भजन, गजल व लोकगीत की प्रस्तुति देंगे। हरिहरपुर घराना संगीत संस्थान के अध्यक्ष राजेश मिश्र ने कहा कि ऐसा लगता है कि मानव को जब स्वर और शब्द मिले, और जब लोक जीवन को प्रकृति का कोमल स्पर्श मिला होगा, उसी समय से लोकगीत कजरी की उत्पति हुई हैं लेकिन बदलते परिवेश के बीच कजरी विधा विलुप्त होती जा रही थी, लेकिन हरिहपुर घराना संगीत संस्थान ने संगीत की इस प्राचीन विधा को सदैव संजोने और उन्नति के शिखर तक पहुंचाने तक कटिबद्ध है। उन्होंने लोगों से कजरी महोत्सव में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष उदयशंकर मिश्र, अनुराग गुप्ता, प्रवीण मिश्र, हृदय मिश्र, दीपराज मिश्र, विशाल मिश्र, दुर्गेश मिश्र, मोहन मिश्र, आदर्श मिश्र, नंदलाल त्रियोगी आदि मौजूद रहे।    


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