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यूपी चुनाव की तैयारी: भाजपा में पहले 14 जिलाध्यक्ष होंगे नियुक्त, फिर संगठन में बड़ा फेरबदल

नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के सामने संगठनात्मक संतुलन सबसे बड़ी चुनौती भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी।  लखनऊ। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश भाजपा ने संगठन को और मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। पार्टी इस महीने के अंत तक शेष बचे 14 जिलों में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति करने जा रही है। इसके बाद प्रदेश और क्षेत्रीय स्तर पर संगठनात्मक फेरबदल की प्रक्रिया शुरू होगी। नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी संगठन के तहत गठित 98 जिलों में लंबित पड़ी जिलाध्यक्षों की नियुक्ति को पूरा करना है। सूत्रों के अनुसार, पहले इन 14 जिलों में नियुक्तियां पूरी की जाएंगी, इसके बाद अगले महीने से प्रदेश स्तरीय संगठन में बदलाव को लेकर मंथन शुरू होगा। गौरतलब है कि प्रदेश संगठन के चुनाव अधिकारी डॉ. महेंद्र नाथ पांडे द्वारा दो चरणों में 84 जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की जा चुकी है, लेकिन जनप्रतिनिधियों के बीच खींचतान और आपसी सहमति न बनने के कारण 14 जिलों में यह प्रक्रिया अधूरी रह गई थी। इनमें प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र वाराणसी भी शामिल है। सूत्रों के मु...

Azamgarh: हरिहरपुर में दो दिवसीय कजरी महोत्सव 27 अगस्त से

महोत्सव का शुभारंभ निरहुआ करेंगे, आम्रपाली भी रहेंगी मौजूद 

आजमगढ़। हरिहरपुर में तीन दिवसीय कजरी महोत्सव आगामी 27 अगस्त से शुरू होगा। महोत्सव की तैयारियों को लेकर आयोजकों ने गुरूवार को शहर के पहाड़पुर स्थित भारतीय संगीत कला केंद्र पर बैठक कर कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की। 

 कार्यक्रम के बारे विस्तृत जानकारी देते हुए सचिव/निदेशक अजय मिश्र ने बताया कि तीन दिवसीय हरिहरपुर कजरी महोत्सव का आयोजन हरिहरपुर संगीत अकादमी हरिहरपुर घराना आजमगढ़ में 27 अगस्त की शाम साढ़े पांच बजे से शुरू होगा। महोत्सव का शुभारंभ आजमगढ़ सांसद दिनेश लाल यादव निरहुआ व भोजपुरी सिने-तारिका आम्रपाली दुबे करेंगी। महोत्सव में कजरी, शास्त्रीय गायन, तबला, सोलो सितार युगल बंदी व मुंबई, लखनऊ, दिल्ली, गोरखपुर सहित पूर्वी शहरों के कलाकार शिरकत करेंगे और कजरी गीत, भजन, गजल व लोकगीत की प्रस्तुति देंगे। हरिहरपुर घराना संगीत संस्थान के अध्यक्ष राजेश मिश्र ने कहा कि ऐसा लगता है कि मानव को जब स्वर और शब्द मिले, और जब लोक जीवन को प्रकृति का कोमल स्पर्श मिला होगा, उसी समय से लोकगीत कजरी की उत्पति हुई हैं लेकिन बदलते परिवेश के बीच कजरी विधा विलुप्त होती जा रही थी, लेकिन हरिहपुर घराना संगीत संस्थान ने संगीत की इस प्राचीन विधा को सदैव संजोने और उन्नति के शिखर तक पहुंचाने तक कटिबद्ध है। उन्होंने लोगों से कजरी महोत्सव में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष उदयशंकर मिश्र, अनुराग गुप्ता, प्रवीण मिश्र, हृदय मिश्र, दीपराज मिश्र, विशाल मिश्र, दुर्गेश मिश्र, मोहन मिश्र, आदर्श मिश्र, नंदलाल त्रियोगी आदि मौजूद रहे।    


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