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बाजबहादुर में पैतृक मकान विवाद में दो पक्ष आमने-सामने, दोनों ने दर्ज कराया मुकदमा

मरम्मत और निर्माण कार्य को लेकर हुआ विवाद, पुलिस ने शुरू की जांच आजमगढ़। शहर कोतवाली क्षेत्र के बाजबहादुर मोहल्ले में पैतृक मकान और निर्माण कार्य को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पहले पक्ष के मो. अनस पुत्र अब्दुल कुद्दूस ने आरोप लगाया कि 28 जुलाई को वह अपने पैतृक मकान की मरम्मत करा रहे थे। इसी दौरान पुराने विवाद को लेकर विपक्षी पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए निर्माण कार्य रुकवाने लगे। विरोध करने पर कुल्हाड़ी, लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से हमला कर दिया, जिससे वह और बीच-बचाव करने आए उनके परिजन घायल हो गए। आरोप है कि जाते समय विपक्षियों ने जान से मारने की धमकी भी दी। वहीं दूसरे पक्ष के मो. आमिर पुत्र अब्दुल सलाम ने अपनी तहरीर में कहा कि पैतृक मकान का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद विपक्षी पक्ष जबरन निर्माण कार्य करा रहा था। रोकने पर पहले से टांगी, लोहे की रॉड और ल...

Azamgarh: अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच एवं मायरा (शाखा) का रक्तदान शिविर 15 को

 
पुरानी सब्जीमंडी, श्री मारवाड़ी धर्मशाला में सुबह नौ बजे से शुरू होगा रक्तदान शिविर

रक्तदान है महादान, जरूर करेंः अध्यक्ष प्रत्युष डालमिया

पूर्वांचल संवाद

आजमगढ़। अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच आजमगढ़ एवं मायरा (शाखा) के तत्वावधान में आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत 15 अगस्त को नगर के पुरानी सब्जीमंडी स्थित श्री मारवाड़ी धर्मशाला में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया हैं। यह जानकारी कार्यक्रम के संयोजक सोनू जालान ने दी है। उन्होंने लोगों ने इस महादान के कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इसे सफल बनाने में अपना योगदान दें। बताया कि रक्तदान शिविर सुबह नौ बजे से शुरू होगा, जो शाम चार बजे तक चलेगा। ं

 अध्यक्ष प्रत्युष डालमिया ने कहा कि कहा कि रक्तदान जीवनदान है। हमारे द्वारा किया गया रक्तदान कई जिंदगियों को बचाता है। इस बात का अहसास हमें तब होता है जब हमारा कोई अपना खून के लिए जिंदगी और मौत के बीच जूझता है। उस वक्त हम नींद से जागते हैं और उसे बचाने के लिए खून के इंतजाम की जद्दोजहद करते हैं। उन्होंने लोगों आह्वान किया कि रक्तदान महादान है, जरूर करें। इसी क्रम में सचिव साकेत शर्मा, श्वेता शर्मा, शिवानी शर्मा ने भी लोगों से रक्तदान करने का आह्वान किया। कहा कि रक्तदान एक जीवन प्रदान करने वाली गतिविधि है। यही वजह है कि इसे ‘महादान’ कहा जाता है। आपके रक्त की बूंद का हर कतरा किसी के जीवन का स्रोत बन सकता है। इसकी कमी की वजह से किसी की जान न जाए, इसके लिए अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच आजमगढ़ एवं मायरा (शाखा) की ओर से रक्तदान शिविर आयोजित किया गया है। फिर देर किस बात की है, हो जाइये तैयार, अपने रक्त से किसी की जान बचाने के लिए।

रक्तदान में 90 दिन का हो फासला

आजमगढ़। रक्तदान 18 से 60 वर्ष की आयु का कोई भी महिला या पुरुष कर सकता है। एक बार रक्तदान के बाद दूसरी बार रक्त देने के लिए 90 दिन का फासला होना जरूरी होता है।


ये हैं फायदे

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रक्तदान से हार्ट अटैक की संभावनाएं कम होती हैं।

इससे वजन कम करने में मदद मिलती है।

रक्तदान से शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है।

लिवर से जुड़ी समस्याओं से राहत मिलती है।

आयरन की मात्रा को संतुलित करने से लिवर स्वस्थ बनता है और कैंसर का खतरा भी कम हो जाता है।

रक्तदान के बाद शरीर में तेजी से नया रक्त बनता है।

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