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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

UP Weather: यूपी में तेज धूप और उमस से बढ़ा गर्मी का प्रकोप


बादलों की आवाजाही के बीच हाथरस और मथुरा में बार‍िश शुरु

लखनऊ। प्रदेश में मानसून को लेकर प‍िछले एक सप्‍ताह की बात करें तो एक या दो बार हल्‍की बार‍िश हुई है। रविवार की सुबह हाथरस और मथुरा में बार‍िश ने लोगों को राहत दी, वहीं अन्‍य ज‍िलों में सुबह से ही तेज धूप और उमस परेशान कर रही है। सूरज की तप‍िश ने तापमान बढ़ा द‍िया है।

वाराणसी में भी मानसून ठीक से सक्र‍िय नहीं हुआ है। पूर्वांचल में लगातार बादलों की सक्रियता के बाद सप्‍ताह भर से मानो बादलों ने दूरी बना ली है। इसकी वजह पुरवा हवाओं में आई कमी और बदलाव है। हालांकि, यह अस्‍थाई है और बादलों की मामूली आवाजाही के बीच तापमान में धूप की वजह से इजाफा भी दर्ज किया गया है। उस लिहाज से आने वाले कुछ दिनों में गर्मियों का असर भी खत्‍म होगा। अब पांच दिनों के बाद सावन का महीना भी दस्‍तक देने जा रहा है। ऐसे में बादलों की सक्रियता का दौर सप्‍ताह भर के बाद दोबारा नजर आएगा और बारिश का क्रम आगे भी असर करेगा। वाराणसी में बीते चौबीस घंटों में अधिकतम तापमान 38.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्‍य से तीन डिग्री अधिक रहा। गोरखपुर में आज भी मौसम व‍िभाग ने बार‍िश की संभावना जताई है। बता दें क‍ि गर्मी से बेहाल किसानों को शनिवार की वर्षा ने थोड़ी राहत दी है । जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुछ देर के लिए ही सही झमाझम वर्षा हुई है । इससे तापमान में मामूली गिरावट आई है। वर्षा से किसानों को उम्मीद दिखी कि उनकी फसल सूखने से बच जाएगी। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने पूर्वानुमान जताया है कि 12 जुलाई के बाद से अच्छी बारिश के आसार हैं।

उन्होंने बताया कि मानसून ट्रफ लाइन अभी तक दक्षिणी क्षेत्र में है। यह ट्रफ लाइन 12 जुलाई तक उत्तरी क्षेत्र में आ सकती है। इससे गोरखपुर व आसपास के जिलों में अच्छी वर्षा हो सकती है। आषाढ़ आम तौर पर झमाझम वर्षा के लिए जाना जाता है, लेकिन यहां आषाढ़ में पसीने के वर्षा हो रही है। पंखे की हवा में भी लोग पसीने से भीग जा रहे हैं। चटक धूप में लोगों का निकलना मुश्किल हो रहा है।

भीषण गर्मी और उमस के बीच मेरठ के आसपास के जिलों में रविवार को राहत देने वाला मौसम ही नजर आया। आसमान पर बादल छाए हुए हैं। आज बारिश हो सकती है। वहीं शनिवार को दोपहर बाद हुई बारिश ने सुकून पहुंचा। बिजनौर के नजीबाबाद में हुई झमाझम बारिश से लोगों को राहत मिली थी वहीं सहारनपुर में झमाझम बारिश से मौसम सुहावना हो गया था।

मेरठ और आसपास सुबह से कई स्‍थानों पर आसमान पर बादल छाए हुए हैं। बारिश होने की भी संभावना है। वहीं पारा भी दिनोंदिन बढ़ रहा है, हालांकि मानसून की आमद हो चुकी है। लेकिन उसका पूरा असर अभी दिख नहीं रहा है। बीते दिनों हुई बारिश के बाद अब तेज धूप के बीच तपिश झुलसा रही है। शनिवार को भी सुबह की शुरुआत आसमान पर तेज धूप के साथ हुई। इनदिनों उमस से भी बेहाल कर रखा है। वहीं शुक्रवार को अधिकतम तापमान 37.6 और न्यूनतम तापमान 26.3 डिग्री सेल्सियस रहा।

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