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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

SRINAGAR: हमारे युवा हर खेल में अनुशासन का कर रहे शानदार प्रदर्शनः एलजी मनोज सिन्हा


पेंचक सिलाट विश्व चैंपियनशिप में प्रतिभाग करने को टीम मलेशिया रवाना

एलजी ने झंडा दिखा किया रवाना, भारतीय टीम का बढ़ाया उत्साह

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से सूरज प्रकाश, वाराणसी से शुभम टीम हैं शामिल

एलजी ने दोनों खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह

श्रीनगर। मेलाका , मलेशिया में 26 से 31 जुलाई तक आयोजित होने वाली 19वीं विश्व पेंचक सिलाट चैंपियनशिप में भारतीय टीम से 36 खिलाड़ी विभिन्न भार वर्गों में पुरुष व महिला वर्ग में प्रतिभाग कर रहे हैं, कोच, रेफरी सहित कुल 42 भारतीय टीम के सदस्य प्रतिभाग करेंगे। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 26 जुलाई से मलेशिया के मेलाका में होने वाली 19वीं विश्व पेनकैक सिलाट चैंपियनशिप के लिए भारतीय पेनकैक सिलाट टीम को झंडी दिखाकर रवाना किया। लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा जी ने सभी खिलाड़ियों से व्यक्तिगत परिचय प्राप्त कर प्रोत्साहित किया व उनको जीत के लिए शुभकामनाएं दी। जम्मू कश्मीर सरकार को पेंचक सिलाट खेल को बढ़ावा देने के लिए हमेशा की तरह पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।
कहा कि विश्व चैंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व करना बड़े गर्व की बात है। वहां एक अच्छा खेल है और हम सभी को गौरवांवित करता है। उपराज्यपाल ने खिलाड़ियों से कहा कि एक अरब से अधिक लोग आपकी जय-जयकार करेंगे। “हमारे युवा आज हर खेल अनुशासन में आश्चर्यजनक रूप से अच्छा कर रहे हैं, आसमान तक पहुंचने और दुनिया में देश का गौरव फैलाने के लिए तैयार हैं। देश को एक खेल महाशक्ति में बदलने के लिए उनके आत्मविश्वास, सपने और समर्पण को देखकर मुझे वास्तव में गर्व है। खिलाड़ियों, कोचों और टीम के अधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं, ”उपराज्यपाल ने कहा। उपराज्यपाल ने श्रीनगर में आयोजित 21 दिवसीय राष्ट्रीय कोचिंग शिविर के दौरान खिलाड़ियों को प्रदान की जाने वाली सुविधाओं और प्रशिक्षण के बारे में भी जानकारी ली। जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल के सचिव नुजहत गुल ने बताया कि यह इस क्षेत्र में आयोजित पहला पेनकैक सिलाट या कोई मार्शल आर्ट अनुशासन राष्ट्रीय कोचिंग शिविर था। देश भर से 36 खिलाड़ियों (पुरुष और महिला) की टीम मलेशिया के लिए रवाना होगी। जम्मू-कश्मीर के आठ खिलाड़ी- करण चोपड़ा, शेख नजमुस साकिब, सुहैब जिलानी, पीर आदिल मंजूर, रवीस अहमद, कोमल धीमान, बिलकिस मकबूल और अक्सा गुलजार सहित भारतीय टीम में उत्तर प्रदेश से दो खिलाड़ी शामिल है, 80-85 किलो भार वर्ग में सूरज प्रकाश श्रीवास्तव देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। जिन्होंने विगत विश्व बीच पेंचक सिलाट चैम्पियनशिप, थाईलैंड में 2019 में कांस्य पदक जीता था। सूरज प्रकाश श्रीवास्तव उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ के रहने वाले हैं तथा राष्ट्रीय स्तर पर लगतार पदक जीतकर उन्होंने भारतीय टीम में अपनी जगह बनाई हुई है, लेफ्टिनेंट गवर्नर ने उन्हें प्रोत्साहित किया। साथ ही 45-50 किलो भार वर्ग में वाराणसी के शुभम् जायसवाल भी भारतीय टीम में शामिल हैं। इसके अलावा टीम में जम्मू-कश्मीर के दो कोच- मोहम्मद इकबाल और इरफान अजीज सहित कुल छह कोच और स्टाफ सदस्य, इसके अलावा एक स्टाफ सदस्य - यूटी से मुफ्ती हामिद यासीन भी विश्व पेनक सिलाट चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम के साथ हैं। यह पहला राष्ट्रीय दल है जो अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के लिए श्रीनगर से रवाना होगा। जम्मू कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल की सचिव नुजहत गुल के व इंडियन पेंचक सिलाट फेडरेशन के सहयोग से पहली बार किसी खेल का राष्ट्रीय कैंप दो जुलाई से 22 जुलाई तक श्रीनगर के पोलो ग्राउंड इंडोर स्टेडियम में आयोजित हुआ था जहां पर खिलाड़ियों ने लगातार प्रशिक्षण प्राप्त किया।


 

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