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हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Mau : एक सप्ताह से जले हैं दो ट्रांसफार्मर


जेई के तबादले के चलते नहीं लगा ट्रांसफार्मर

गर्मी से बेहाल हैं ग्रामीण, खेतों की नहीं कर पा रहे सिंचाई

दोनों ट्रांसफार्मरों को बदलने के साथ क्षमता बढ़ाने की मांग

मऊ। जिले के बड़रावं ब्लाक के रेयांव के हकड़ा पूरवा में विद्युत आपूर्ति के लिए लगे दो ट्रांसफार्मर पिछले एक सप्ताह से जले पड़े हैं। लोगों ने ट्रांसफार्मर बदलने के लिए विभाग में शिकायत की। लेकिन जेई का तबादला होने के चलते ट्रांसफार्मर बदलने की प्रक्रिया पर ब्रेक लग गया। बिजली न रहने से पूरवे के लोग इस भीषण गर्मी में बेहाल हैं। साथ ही खेतों में सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। क्षेत्र के लोगों ने कहा कि कई बार हम लोगों ने ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने की मांग की लेकिन विभाग मौन है। आए दिन ट्रांसफार्मर जलता रहता है। लोगों ने जल्द ट्रांसफार्मर लगवाने की मांग की है। 

बता दें कि ग्राम पंचायत रेयावं के हकड़ा में मादी-सिपाह विद्युत उपकेंद्र से बिजली की आपूर्ति होती है। गांव आपूर्ति के लिए 25 केवी और 63 केवी का ट्रांसफार्मर लगा है। 25 केवी के ट्रांसफार्मर से लगभग 20 घरों में आपूर्ति होती है, जबकि 63 केवी के ट्रांसफार्मर से लगभग 50 घरों में आपूर्ति होती है। दोनों ट्रांसफार्मर एक-एक दिन के अंतराल पर एक सप्ताह पूर्व जल गए।  गांव के लोगों ने नया ट्रांसफार्मर लगाने के लिए विद्युत उपकेंद्र मादी-सिपाह पर जाकर शिकायत दर्ज कराई। इस बीच तत्कालीन जेई का तबादला होने के कारण ट्रांसफार्मर बदलने की प्रक्रिया बाधित हो गई। एक सप्ताह का समय बीत गया। लेकिन ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया। ट्रांसफार्मर के न बदले जाने से गांव में जहां एक तरफ लोग गर्मी से बेहाल हैं, वहीं दूसरी तरफ सिंचाई का कार्य बाधित है। जो संपन्न हैं ‌वह किसी अन्य माध्यम से खेतों की सिंचाई कर ले रहे हैं। लेकिन मध्यम वर्ग के किसान बिजली आने का आसरा लगाए बैठें हैं और खेत में बोई धान की नर्सरी को सूखता देख रहे हैं। किसानों का कहना है कि विभाग की लापरवाही के चलते उनको काफी नुकसान हो रहा है। क्षेत्र के लोगों ने ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने के साथ ही जल्द से जल्द दोनों ट्रांसफार्मर बदलवाने की मांग की है। वहीं दूसरी तरफ जब विभाग के लोगों से बात की गई तो कर्मचारियों ने बताया कि जेई का तबादला हो गया है। नए जेई के यहां गांव के लोग शिकायत दर्ज कराए, तभी नया ट्रांसफार्मर लग पाएगा। अब देेखना है कि कब तक हकड़ा पूरवा  में विद्युत आपूर्ति बहाल हो पाती है।



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