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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Lucknow: स्‍वास्‍थ्‍य कर्मचारियों के कार्य बहिष्‍कार से इलाज पर संकट, मरीज बेहाल


स्‍वास्‍थ्‍य कर्मचारियों के कार्य बहिष्‍कार से इलाज पर संकट, मरीज बेहाल

लखनऊ। अस्पतालों में पैरामेडिकल स्टाफ, फार्मासिस्टों और कर्मचारियों के नियमविरुद्ध स्थानांतरण से गुस्साए कर्मचारियों ने बुधवार को दो घंटे बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान अस्पतालों में ओपीडी, पैथालाजी में जांच, औषधि वितरण समेत अन्य कार्य प्रभावित रहे। जिससे मरीजों को परेशानी हुई।

राज्य कर्मचारी परिषद की अपील पर लखनऊ के बलरामपुर, अवंतीबाई महिला अस्पताल, सिविल, लोकबंधु, रानी लक्ष्मीबाई संयुक्त अस्पतालों समेत कई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक में कामकाज ठप रहा। फार्मासिस्टों के कार्य बहिष्कार से दो घंटे तक दवाओं का वितरण रुका रहा। बलरामपुर और सिविल अस्पताल में दवा काउंटर पर खड़े लोगों को 10 बजे के बाद दवा मिल सकी। जांचों में एक्सरे, ईसीजी समेत दूसरी जांच के काउंटर बंद रहे। पैथोलाजी में थायराइड, खून और अन्य जांच कराने में मरीजों को पसीना छूट गया। इस बीच करीब दस से 15 लोग लगभग नौ बजे राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश का बैनर लिए हुए पहुंचे। वह नारेबाजी और हंगामा करने लगे। इसके कारण भी काफी अव्यवस्थाएं रहीं। वहीं, फैजुल्लागंज की आशा शुक्ला, रूपा निगम रूटीन में डाक्टर का परामर्श लेने पहुंची थी। डाक्टर को दिखाने के बाद वह भी करीब 10 बजे तक दवाई के लिए लाइन में खड़ी रहीं पर दवा नहीं मिली।सआदतगंज दरगाह के रहने वाले फहीम ने बेटी को बलरामपुर अस्पताल की ओपीडी में हड्डी वाले डाक्टर को दिखाया। इसके बाद उन्हें एक्सरे कराने के लिए बेटी को ले जाना था। करीब घंटे भर तक वह व्हील चेयर खोजते रहे। जब नहीं मिली तो बेटी को गोद में लेकर लड़खड़ाते हुए एक्सरे विभाग पहुंचे। इस दौरान सीढ़ियां चढ़ते हुए कई बार तो गिरते हुए बचे। हालांकि अस्पताल के पैथालाजी लैब में भी मरीजों की जांच होती रही और संविदा कर्मचारियों ने अपना काम जारी रखा। अस्पताल के बाहर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के सदस्यों ने कार्य बहिष्कार के दौरान नारेबाजी की।

यहां होता रहा काम : डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में सुबह से ही काम होता रहा। ओपीडी काउंटर पर मरीजों के पर्चे बने चिकित्सकों ने ओपीडी में उन्हें देखा जांचे हुई और मरीज लगातार आते रहे। दवा काउंटर भी खोले रहे कर्मचारियों ने लगातार अपना काम जारी रखा कार्यबहिष्कार का असर यहां देखने को नहीं मिला।

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