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खास खबर

सागर पैलेस में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत

आधुनिक सुविधा से सुसज्जित मैरिज हॉल से क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर ठेकमा। क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण उस समय आया जब आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ‘सागर पैलेस’ मैरिज हॉल में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत की गई। मैरिज हॉल के संस्थापक राम प्यारे राय ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। क्षेत्र में पहले विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए समुचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता था। ऐसे में सागर पैलेस के शुरू होने से अब क्षेत्रवासियों को एक सुसज्जित और व्यवस्थित स्थान मिल गया है, जहां विवाह, मांगलिक कार्यक्रम और सामाजिक आयोजन आसानी से आयोजित किए जा सकेंगे। सागर पैलेस के संचालन से क्षेत्र में रोजगार सृजन की दिशा में भी एक अहम पहल हुई है, जिससे स्थानीय लोगों को काम के अवसर मिलेंगे। ज्ञात हो कि 22 जुलाई 2024 को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की शुरुआत की गई थी। निरंतर प्रयासों के बाद निर्माण कार्य पूरा हुआ और 11 फरवरी 2026 को गृह प्रवेश के साथ इसे औपचारिक रूप ...

Lucknow: सभी स्टेट यूनिवर्सिटी में अब समान एग्जाम फीस

बीए, बीएससी और बीकाम का शुल्क 800 रुपये तय

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों में परीक्षा शुल्क समान कर दिया गया है। विश्वविद्यालय अब बीए, बीएससी, बीकाम आदि कक्षाओं के लिए 800 रुपये परीक्षा शुल्क ले सकेंगे। शासन ने सेमेस्टर सिस्टम लागू करने के बाद परीक्षा शुल्क तय करने के लिए छह सद स्यीय समिति का गठन किया था।

 राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत विश्वविद्यालयों में संचालित पाठ्यक्रमों में सेमेस्टर सिस्टम लागू किया गया। परीक्षा शुल्क पर निर्णय लेने के लिए शासन ने विशेष सचिव उच्च शिक्षा विभाग की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया। विश्वविद्यालयों की ओर से शुल्क वृद्धि किए जाने के प्रस्ताव समिति को दिए गए। उन पर चर्चा करने के बाद समिति ने रिपोर्ट शासन को सौंपी। इसमें कहा गया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के कारण सभी स्नातक व परास्नातक पाठ्यक्रमों की परीक्षाओं को विषम व सम सेमेस्टर के क्रम में कम से कम वर्ष में दो बार कराया जाएगा। समिति की ओर से कहा गया कि विश्वविद्यालय की परीक्षाओं के लिए पेपर सेटिंग, पेपर प्रिंटिंग, उत्तर पुस्तिकाओं की प्रिंटिंग, प्रायोगिक परीक्षाएं, उड़ाका दलों का संचालन, उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन, परीक्षकों के पारिश्रमिक का भुगतान और परीक्षा परिणाम तैयार करने में दोगुना खर्च आएगा। विश्वविद्यालय की आय का मुख्य स्रोत परीक्षा शुल्क है, जिसका अधिकांश हिस्सा परीक्षा संबंधी खर्चों पर व्यय होता है। विशेष सचिव मनोज कुमार की ओर से जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि उच्च शिक्षा विभाग में उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 के तहत स्थापित विश्वविद्यालयों में परीक्षा शुल्क अलग-अलग है। अलग-अलग विश्वविद्यालयों के छात्रों का एक ही मद में अलग भुगतान सही नहीं है। इसलिए सभी राज्य विश्वविद्यालयों में पाठ्यक्रमवार परीक्षा शुल्क अब समान कर दिया गया है।
राज्य विश्वविद्यालयों का परीक्षा शुल्क

पाठ्यक्रम : सेमेस्टर परीक्षा शुल्क

1. बीए, बीएससी, बीकाम, बीबीए, बीसीए, बीएफए, बीएड, बीपीएड, बीजेएमसी, बीवोक : 800

2. एलएलबी, बीएससी एग्रीकल्चर आनर्स, विधि आनर्स, बीटेक, बीएससी बायोटेक, बीलिब : 1000

3. बीडीएस, नर्सिंग, बीएएमएस, बीयूएनएस : 1500

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