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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Lucknow: सीडीओ व बीडीओ अमृत सरोवरों का करें औचक निरीक्षण

लखनऊ में एक कार्यक्रम में बोले उपमुख्‍यमंत्री
लखनऊ। प्रदेश में अमृत सरोवरों के निर्माण में तेजी लाने के लिए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सीडीओ और बीडीओ को मौके पर जाकर निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। कहा कि सरोवर ऐसे बनाएं कि वे गांव के विकास का हिस्सा बने व ग्रामीण पर्यटन का केंद्र बने। विभाग व शासन के उच्चाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी व खंड विकास अधिकारी सरोवरों के कार्यों का औचक निरीक्षण करें। साथ ही मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में दिव्यांगों को शामिल करने के लिए प्रस्ताव बनाएं।
उपमुख्यमंत्री ने उक्त बातें बुधवार को विधानभवन स्थित कक्ष में ग्राम्य विकास विभाग के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि कार्यों में लापरवाही व शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करें। विधायक निधि से कौन-कौन से कार्य होते हैं, इसकी बुकलेट प्रकाशित कराएं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अपात्रों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई हो। संज्ञान में आया है कि कई मामलों में पहली किस्त जारी हो जाने के बाद कहीं पर दूसरी व कहीं तीसरी किस्त भेजते समय यह उल्लेख किया जाता है कि लाभार्थी अपात्र हैं। यह असहज स्थिति कतई नहीं आनी चाहिए। पात्रता का परीक्षण पहले कर लिया जाए। साथ ही उन्‍होंने कहा कि खंड विकास अधिकारी ब्लाक मुख्यालय पर अनिवार्य रूप से निवास करें। यदि कोई अधिकारी व कर्मचारी क्षेत्र भ्रमण पर रहता है तो ब्लाक के मूवमेंट रजिस्टर पर उसका उल्लेख अनिवार्य रूप से किया जाए और उसका निरीक्षण भी संबंधित अधिकारी अनिवार्य रूप से करें।

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