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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

लखनऊ:मनीष चौहान होंगे ‌आजमगढ़ मंडल के नए आयुक्त

विजय विश्वास पंत भेजे गए प्रयागराज आयुक्त

लखनऊ। यूपी सरकार में ताबडतोड तबादलों का क्रम जारी है। इस क्रम में प्रदेश सरकार ने आयुक्त आजमगढ़ मंडल विजय विश्वास पंत को अब आयुक्त प्रयागराज मंडल बनाया गया है। निदेशक उद्योग मनीष चौहान उनके स्थान पर आयुक्त आजमगढ़ मंडल की जिम्मेदारी संभालेंगे।

  उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। शासन स्तर से हुए बड़े फेरबदल में आजमगढ़ मंडलायुक्त भी स्थानांतरित कर दिए गए हैं। मनीष चौहान अब आजमगढ़ मंडल के नए मंडलायुक्त होंगे। आयुक्त आजमगढ़ मंडल विजय विश्वास पंत को प्रयागराज मंडल का नया कमिश्नर बनाया गया है। उनके स्थान पर आजमगढ़ मंडल की कमान निदेशक उद्योग मनीष चौहान को दी गई है। मनीष चौहान पूर्व में आजमगढ़ के जिलाधिकारी का पदभार भी संभाल चुके हैं। राजस्थान सरकार के विभिन्न विभागों में प्रमुख पदों पर रह चुके जोधपुर निवासी मनीष मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सचिव भी रह चुके हैं। वे राजस्थान में डेप्यूटेशन पर अलग-अलग विभागों में तैनात रहे। जून 2020 में उत्तर प्रदेश लौटे।  मनीष राजस्थान में जोधपुर के रहने वाले हैं। इनके पिता सरकारी नौकरी में थे। प्रारंभिक शिक्षा भरतपुर में होने के बाद मनीष का चयन आईआईटी कानपुर में हुआ। वर्ष 1996 में कंप्यूटर साइंस से बीटेक करने के बाद मनीष ने आईआईएम कोलकाता में प्रवेश लिया। वर्ष 1998 में एमबीए करने के दो वर्ष बाद उनका चयन भारतीय सिविल सेवा में हुआ। यूपी में इनकी पहली पोस्टिंग ज्वाइंट मैजिस्ट्रेट के रूप में इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में हुई। जालौन, गाजीपुर, हमीरपुर, हरदोई, इटावा, आजमगढ़, झांसी, अलीगढ़, बरेली और लखीमपुर खीरी में डीएम रहे। वर्ष 2013 में मनीष डेप्यूटेशन पर राजस्थान चले गए। 2018 में वापस लौटे तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन्हें अपने कार्यालय में सचिव के पद पर तैनात किया।


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