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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Azamgarh: घाघरा में बाढ़ से बचाव को लेकर मॉक ड्रिल: बाढ़ से बचाव के बारे में दी जानकारी

आजमगढ़। देवारा क्षेत्र में घाघरा से घिरे हुए गांवों को बाढ़ से बचाने के लिए जिला प्रशासन की तरफ से कवायद जारी है।जिले में हर वर्ष घाघरा नदी में उफान होने के चलते देवारा क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आ जाता है। जिसके चलते जहां गांव में पानी पहुंचने से लोग परेशान होते हैं। वहीं कटान होने से लोगों की कई एकड़ फसल योग्य भूमि भी कटान की जद में आ जाती है।
जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण आजमगढ़ ने गुरूवार को तहसील सगड़ी क्षेत्र के अंतर्गत बाढ़ प्रबंधक के लिए जिला स्तरीय मॉक एक्सरसाइज का आयोजन किया गया। इस दौरान स्टेजिंग एरिया पं. राम नगीना कॉलेज ऑफ फार्मेसी जोकहरा, सगड़ी में सभी संबंधित विभाग पीडब्ल्यूडी, पुलिस, पीएसी, अग्निशमन, एंबुलेंस, राजस्व विभाग, सिंचाई विभाग, विद्युत विभाग, शिक्षा विभाग, पशु चिकित्सा, चिकित्सा विभाग, विकास विभाग, पंचायती राज विभाग के प्रभारी अधिकारी अपने-अपने सहयोगी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ आवश्यक संसाधनों सहित उपस्थित हुए। जहां पर लोगों को संभावित बाढ़ आने के दौरान डूब रहे व्यक्ति को कैसे बचाना है, कैसे अपने को बचाते हुए लोगों की मदद करनी है। इसकी भी जानकारी दी गई है। 
मॉक ड्रिल में गोताखोरों ने नदी में कूदकर डूब रहे लोगों को बाहर निकाला। साथ ही तत्काल एंबुलेंस के द्वारा बाढ़ राहत केंद्र भेजा गया, जहां पर उनका इलाज भी किया गया। लोगों को बाढ़ से बचाव की दी गई जानकारी। संभावित बाढ़ आपदा से बचने के उपाय पर यहाँ रिहर्सल किया गया है। जिसमें राप्ती नदी में डूब रहे व्यक्ति को गोताखोरों ने जाकर उनकी जान बचाई और तत्काल उन्हें बाढ़ राहत केन्द्र एंबुलेंस से भेजा गया। ग्रामीणों को बताया जा रहा है कि संभावित बाढ़ आने पर जब कोई व्यक्ति नदी में डूब रहा हो तो उसे कैसे बचाया जाएगा। अपर जिलाधिकारी प्रशासन अनिल कुमार मिश्र ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक तहसील में बाढ़ राहत से संबंधित सामान उपलब्ध हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पांच प्रेक्षक नियुक्त हैं, जो पूरे क्षेत्र में घूम-घूमकर देखेंगे कि कहां पर क्या व्यवस्था है। उन्होंने बताया कि प्रेक्षकों द्वारा पाई गई कमियों को दूर किया जाएगा।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व् डिप्टी इंसीडेंट कमांडर आजाद भगत सिंह ने बताया कि माक एक्सरसाइज के लिए चयनित स्थान एवं परिदृश्य व तहसील स्तर से प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने बताया कि बाढ़ आने पर बचाव के लिए गांगेपुर में ईओसी से सूचना मिलने पर गांगेपुर के ग्रामीणों को बाढ़ के पानी बढ़ने की सूचना प्रदान करते हुए उन्हें सुरक्षित स्थान पर विस्थापित करने का माक ड्रिल किया गया। इसी के साथ ही सहबदिया सुल्तानपुर में ईओसी से सूचना मिलने पर राहत एवं बचाव दल के लोग गांव में जाकर 2 मंजिला भवन फंसे लोगों को घरों से निकालकर सुरक्षित स्थल पर पहुंचाने का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया गया। इसी के साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्र महुला में ईओसी से सूचना मिलने पर बाढ़ से घिरे, फंसे व डूबते हुए व्यक्तियों तथा पशुओं को नाव व अन्य संबंधित उपकरण की सहायता से सुरक्षित निकालने का प्रदर्शन संबंधित विभाग के कर्मचारियों द्वारा किया गया। अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 ने बताया कि बाढ़ राहत शिविर प्रा0वि0 दाममहुला में स्थापित किया गया है। जिसमें केन्द्र प्रभारी के निर्देशानुसार सभी टीमें आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करायेंगी। इनके साथ राजस्व विभाग व अन्य विभागों के कर्मचारी भी होंगे। यहॉ पर आपदा से विस्थापित लोगों को रखा जायेगा। उनकी चिकित्सा, भोजन, पानी, बिस्तर, शौचालय आदि की व्यवस्था होगी। राहत शिविर में मेडिकल कैंप भी होगा। पशुओं के देखभाल हेतु पशु चिकित्सा विभाग की टीम रहेगी।

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