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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Azamgarh: फर्जी प्रमाण-पत्र पर नौकरी कर रहे आठ पर मुकदमा

एसटीएफ की जांच में दोषी मिले शिक्षक, दस शिक्षकों पर आरोप

आजमगढ़। जिले में फर्जी कागजात के सहारे नौकरी करने वाले दस शिक्षक स्पेशल टास्क फोर्स की जांच में दोषी मिलने पर सभी शिक्षकों की सेवाएं समाप्त की जा रही हैं।

बता दें कि फर्जी कागजात के सहारे नौकरी हासिल करने वाले शिक्षकों का मामला एक वर्ष पहले भी सुर्खियों में आया था। जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी की तहरीर पर आरोपितों के तैनाती क्षेत्र के थानों में केस दर्ज हुआ है। एसटीएफ ने बहुत पहले इस मामले की जांच की थी, लेकिन कार्रवाई रूक गई थी। महानिदेशक बेसिक शिक्षा विजय किरन आनंद ने संज्ञान लेते हुए पत्र जारी किया, तो कार्रवाई शुरू हो पाई है। शिक्षकों के फर्जीवाड़ा करने का प्रकरण करीब एक वर्ष पूर्व सुर्खियों में छाया था। उस समय विभागीय जांच हुई, तो कई स्तर पर झोल नजर आया। शासन तक मामला पहुंचा, तो जांच एसटीएफ को सौंप दी गई। एसटीएफ की जांच में शिक्षकों का प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया था।जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में जिले के दस शिक्षक दोषी हैं। इनमें पूर्व माध्यमिक विद्यालय जमीन दसावं ब्लाक संसाधन केंद्र अतरौलिया के सहायक अध्यापक नंद लाल, प्राथमिक विद्यालय सीही, सठियांव की नेहा शुक्ला, प्रमोद कुमार सिंह सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय पिछौरा, राजाराम सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय छीरीब्राह्मण, अजीत कुमार यादव, गोविंद पांडेय कंपोजिट विद्यालय फदगुदिया पवई, धीरज सिंह कश्यप सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय गोमाडीह ठेकमा, अविनाश प्रजापति सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय भटपुरवा पठकौली अतरौलिया, राजेश कुमार चौबे सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय राजापट्टी अहरौला व आशुतोष सिंह सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय नरायनपुर साउथ विकास खंड तरवां के खिलाफ लगी थी। बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार सिंह का कहना है कि जांच में 10 शिक्षकों द्वारा फर्जी डाक्यूमेंट के सहारे नौकरी करने का आरोप लगा। इन सभी की सेवाएं समाप्त की जा रही हैं। आठ आरोपियों पर संबंधित थानों में मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। दो मामले कोर्ट में चल रहे हैं, ऐसे में कोर्ट के आदेश के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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