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खास खबर

सागर पैलेस में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत

आधुनिक सुविधा से सुसज्जित मैरिज हॉल से क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर ठेकमा। क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण उस समय आया जब आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ‘सागर पैलेस’ मैरिज हॉल में गणेश पूजन व दीप प्रज्वलन के साथ पहली शादी की शुरुआत की गई। मैरिज हॉल के संस्थापक राम प्यारे राय ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। क्षेत्र में पहले विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए समुचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता था। ऐसे में सागर पैलेस के शुरू होने से अब क्षेत्रवासियों को एक सुसज्जित और व्यवस्थित स्थान मिल गया है, जहां विवाह, मांगलिक कार्यक्रम और सामाजिक आयोजन आसानी से आयोजित किए जा सकेंगे। सागर पैलेस के संचालन से क्षेत्र में रोजगार सृजन की दिशा में भी एक अहम पहल हुई है, जिससे स्थानीय लोगों को काम के अवसर मिलेंगे। ज्ञात हो कि 22 जुलाई 2024 को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की शुरुआत की गई थी। निरंतर प्रयासों के बाद निर्माण कार्य पूरा हुआ और 11 फरवरी 2026 को गृह प्रवेश के साथ इसे औपचारिक रूप ...

Azamgarh: बारिश न होने से खेतों में दरार देख फट रहा किसानों का कलेजा


बारिश न होने से किसानों की धान की नर्सरी सूख रही खेतों में


 

आजमगढ़। जिले में बारिश न होने से खेतों में किसानों की धान की नर्सरी के साथ अन्य फसले बर्बाद हो रही है। इससे किसान खासे परेशान हैं, गरीब किसान बादलों की तरफ टकटकी लगाए बैठा है कि कब बदरा बरसेंगे। लेकिन आसमान पर बादल आ और जा रहे हैं। ऐसे में किसान भी परेशान हैं। निजामाबाद क्षेत्र के एक गांव के एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक किसान अपने खेत में लोटकर रो रहा है, और भगवान से बारिश की गुहार लगा रहा है। बताते चलें कि प्रतिवर्ष इस माह में मानसूनी बरसात होने से धान की फसल की अच्छी पैदावार होने की संभावना होती थी। जिस को ध्यान में रखते हुए किसानों ने धान की नर्सरी तो परिश्रम करके डाल दी। लेकिन नर्सरी को निकालकर खेतों में रोपाई करने का कार्य प्रभावित होता जा रहा है क्योंकि एक तरफ महंगाई और दूसरी तरफ मानसून के रूठ जाने से किसानों की कमर टूट गई है। किसान जय सिंह, नंदू पाठक, चंदशेखर सिंह आदि ने बताया कि मानसून ना आने की वजह से इस साल वह धान की नर्सरी की रोपाई करने का कार्य नहीं कर रहे हैं। हरी सब्जी की फसल जो बरसात में होती थी जैसे करेली, नेनुआ, तोरई, भिंडी, लौकी की फसल प्रभावित हो रही है।

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