सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Azamgarh: बारिश न होने से खेतों में दरार देख फट रहा किसानों का कलेजा


बारिश न होने से किसानों की धान की नर्सरी सूख रही खेतों में


 

आजमगढ़। जिले में बारिश न होने से खेतों में किसानों की धान की नर्सरी के साथ अन्य फसले बर्बाद हो रही है। इससे किसान खासे परेशान हैं, गरीब किसान बादलों की तरफ टकटकी लगाए बैठा है कि कब बदरा बरसेंगे। लेकिन आसमान पर बादल आ और जा रहे हैं। ऐसे में किसान भी परेशान हैं। निजामाबाद क्षेत्र के एक गांव के एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक किसान अपने खेत में लोटकर रो रहा है, और भगवान से बारिश की गुहार लगा रहा है। बताते चलें कि प्रतिवर्ष इस माह में मानसूनी बरसात होने से धान की फसल की अच्छी पैदावार होने की संभावना होती थी। जिस को ध्यान में रखते हुए किसानों ने धान की नर्सरी तो परिश्रम करके डाल दी। लेकिन नर्सरी को निकालकर खेतों में रोपाई करने का कार्य प्रभावित होता जा रहा है क्योंकि एक तरफ महंगाई और दूसरी तरफ मानसून के रूठ जाने से किसानों की कमर टूट गई है। किसान जय सिंह, नंदू पाठक, चंदशेखर सिंह आदि ने बताया कि मानसून ना आने की वजह से इस साल वह धान की नर्सरी की रोपाई करने का कार्य नहीं कर रहे हैं। हरी सब्जी की फसल जो बरसात में होती थी जैसे करेली, नेनुआ, तोरई, भिंडी, लौकी की फसल प्रभावित हो रही है।

सर्वाधिक पढ़ीं गईं