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खास खबर

आईएनएस ऑटोमोबाइल्स ने लॉन्च किया नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW

मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम आजमगढ़ । इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही आईएनएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों के लिए नया IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW बाजार में उतारा है। कंपनी का दावा है कि यह ई-रिक्शा मजबूती, आराम और बेहतर प्रदर्शन का बेहतरीन संगम है, जो चालक और यात्रियों दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।  कंपनी के अनुसार, IDEAL BULLDOZER E-RICKSHAW में मजबूत बॉडी, आकर्षक डिजाइन और आरामदायक सीटिंग व्यवस्था दी गई है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलता है। वहीं, चालक के लिए यह वाहन कम रखरखाव लागत और बेहतर कमाई का अवसर प्रदान करता है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती ई-रिक्शा मांग को देखते हुए इस मॉडल को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक भरोसेमंद और लाभदायक विकल्प उपलब्ध कराना है।आईएनएस ऑटोमोबाइल्स का मानना है कि यह नया मॉडल शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगा। लॉन्च के साथ ह...

Azamgarh: भाईचारे का संदेश देता है पर्वः मोहम्मद अफजल

युवाओं को गले मिल मोहम्मद अफजल ने दी बधाई

आजमगढ़। शहर में रविवार को बकरीद धूमधाम से मनाई गई। कई दिनों से इस दिन की तैयारियां चल रही थी। मस्जिदों से लेकर बाजारों तक में रौनक-ए-खास नजर रही थी। नमाज अता करने के नियम के साथ लोगों ने बकरीद पर एक-दूसरे को गले लगकर बधाई दी।

 शहर में आपसी भाईचारे, त्याग, विश्वास और समर्पण का त्योहार बकरीद परंपरागत तरीके से मना। मस्जिदों में सुबह से ही नमाजियों का आने का सिलसिला शुरू हो गया था। नमाज अदा करने के बाद एक-दूसरे के गले मिलकर बकरीद पर्व की बधाई दी। छोटे-बड़े सभी नए-नए कपड़े पजामा-कुर्ता में नजर आ रहे थे। इस क्रम में नगर के अन्नतपुरा, गुरूटोला स्थित मस्जिदों में नमाज के बाद भारत रक्षा दल के वरिष्ठ पदाधिकारी मोहम्मद अफजल ने मुहल्ले सहित जिलेवासियों को बधाई दी। मस्जिद के पास मौजूद युवाओं, बुजुर्गो और बच्चों से गले मिल बकरीद की बधाई दी। उन्होंने कहा कि पर्व हमे आपसी भाईचारा कायम रखने व खुशहाली का संदेश देता है, इस अवसर पर अक्सर लोग यह भूल जाते हैं कि उनके धर्म, संप्रदाय और जातियां अलग-अलग हैं और यही हमारे त्यौहारों और पर्वों की विशेषता होती है जो हमें सीख देते हैं कि कोई भी त्यौहार किसी एक विशेष वर्ग, संप्रदाय, धर्म या जाति से जुड़ा हुआ नहीं होता। पर्व हम सभी को मिलजुल कर शांति पूर्वक रहने के साथ एक दूसरे के धर्म का आदर सत्कार करना भी सिखाता है। उन्होंने एक शेर सुनाते हुए कहा कि 'दिल से मांगें हम बस यही दुआ, दूर हो अब हर गिला शिकवा'।


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