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खास खबर

हाईवे पर मौत का जाल, जिम्मेदार बेखबर

 कहीं ट्रकों की अवैध पार्किंग तो कहीं सड़क पर गहरे गड्ढे, राहगीरों की जान जोखिम में हाइवे पर ट्रकों की पार्किंग और गड्ढे बढ़ा रहे हादसे का खतरा ट्रकों की अवैध पार्किंग और गड्ढों से हाइवे पर हादसों का खतरा एक लेन पर भारी वाहनों का कब्जा, रानी की सराय से कोटिला तक सड़क बदहाल आजमगढ़। जिले के नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर भारी वाहनों की पार्किंग हादसों को न्योता दे रही है। हाईवे की पटरियों से लेकर एक लेन तक ट्रक और अन्य वाहन खड़े होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रात के समय सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों के कारण बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। हादसा होने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ती है, जबकि नियमित कार्रवाई के नाम पर कुछ वाहनों का चालान कर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। जिले से आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-अयोध्या, आजमगढ़-गोरखपुर, आजमगढ़-बलिया, आजमगढ़ वाया शाहगंज-लखनऊ और आजमगढ़-प्रयागराज मार्ग गुजरते हैं। आजमगढ़-वाराणसी, आजमगढ़-प्रयागराज और आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर मोरंग, बालू, गिट्टी और बोल्डर लदे ...

Azamgarh: मुख्तार प्रकरण में 18 को आ सकता है फैसला



आजमगढ़। माफिया मुख्तार के खिलाफ जिले में चल रहे मुकदमें में 18 जुलाई को फैसला आ सकता है। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान मुख्तार अंसारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में पेश हुआ। पेशी के दौरान उसने जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की गुहार लगाया। तरवां थाना क्षेत्र के एराकला गांव में सड़क निर्माण ठेके के विवाद को लेकर ठेकेदार पर माफिया मुख्तार के लोगों ने फायरिंग किया था। जिसमें ठेकेदार तो बाल-बाल बच गए थे लेकिन दो मजदूर गोली लगने से घायल हो गए थे। जिसमें एक मजदूर की इलाज के दौरान मौत तक हो गई। इस मामले में तरवां थाने में मुख्तार व उसके सहयोगियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया। अक्टूर 2020 में इस मामले में गैंगेस्टर के तहत भी कार्रवाई हुई और माफिया मुख्तार व उसके सहयोगियों पर गैंगेस्टर जनपद पुलिस ने लगा दिया। मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में चल रही है। बुधवार को अंतिम सुनवाई होनी थी। जिसमें माफिया मुख्तार बांदा जेल से वीसी के माध्यम से उपस्थित हुआ। इस दौरान उसने पुन: अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई। बुधवार को हुई बहस के दौरान मुख्तार के वकील लल्लन सिंह ने कहा कि मुकदमा 2014 में दर्ज हुआ और छह साल बाद गैंगेस्टर की कार्रवाई की गई। जबकि मुख्तार पिछले कई सालों से जेल में है। मुख्तार के वकील के इस बात का सरकारी वकील दीपक मिश्रा ने विरोध किया। बुधवार को न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट ओमप्रकाश ने सुनवाई पूरी करते हुए फैसला सुरक्षित कर दिया। अब सजा सुनाए जाने के लिए 18 जुलाई की तिथि नियत की गई है।

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